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श्रमिक को बाघ ने मार डाला
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:52 PM IST
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खुटार थाना क्षेत्र से सटे खीरी के थाना मैलानी के गांव छेदीपुर में शुक्रवार दोपहर बाद बाघ ने एक श्रमिक को मार डाला। दो घंटे तक गांव के लोग बाघ को शव के पास से भगा नहीं सके। देर शाम तक वनकर्मियों के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों में भारी रोष है। मृतक के घर कोहराम मचा हुआ है।
छेदीपुर निवासी 55 वर्षीय टीकाराम गांव के ही बनवारीलाल के गन्ने के खेत पर बंदर आदि भगाने का काम करते थे। खेत जंगल से सटा हुआ है। शुक्रवार को भी टीकाराम गन्ने के खेत पर गए थे। दोपहर बाद जगल से निकले बाघ ने टीकाराम पर हमला कर दिया और जंगल में खींच ले गया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने बाघ को टीकाराम को जंगल में ले जाते देख गांव जाकर लोगों को जानकारी दी। इसके बाद गांव से भारी संख्या में लोग लाठी, डंडे, तलवार आदि लेकर मौके पर पहुंचे और शोर शराबा कर बाघ को भगाने का प्रयास किया लेकिन बाघ मौके से नहीं हिला और शव को नोचकर खाता रहा।
इसके बाद गांव के लोग पटाखा आदि लाए और कुछ लोग असलहे लेकर मौके पर पहुंचे। पटाखे आदि चलाए जाने पर बाघ शव को छोड़कर पीछे हटा तो लोग शव को खेत में उठा लाए। जानकारी पाकर मैलानी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन घटना के चार घंटे बाद शाम सात बजे तक कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे गांव के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि बाघ पहले भी एक व्यक्ति को मार चुका है और कई लोगों पर हमला कर चुका है, लेकिन वनकर्मी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं और बाघ को घने जंगल में खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। शाम तक लोगों ने पुलिस को शव उठाने नहीं दिया था। लोग वन विभाग के बड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
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दो तेंदुओं की भी हो चुकी है मौत
खुटार। खुटार रेंज में दो वर्ष में दो तेंदुओं की मौत हो चुकी है। एक तेंदुआ गांव छापाबोझी के पास जंगल में मृत मिला था। जबकि दूसरा तेंदुआ गांव नरौठा के पास गन्ने के खेत में मृत मिला था। इसके बाद भी वन विभाग के लोग इस समय क्षेत्र में घूम रहे बाघ के मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी से शिकारियों की बाघ पर भी निगाह हो सकती है। अगर वन विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में वन विभाग को बड़ी क्षति होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
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जुलाई और अगस्त में बाघ के हमले की प्रमुख घटनाएं
0 चार जून : खुटार के गांव बरबटपुर निवासी फार्मर गुरदेव सिंह के यहां बाघ ने कुत्ते को मार डाला।
0 पांच जून : खुटार के कोचर फार्म पर बाघ ने पालतू कुत्ते का शिकार किया।
0 पांच जून : खुटार के गांव रसवां कलां के पास बाघ ने नीलगाय को मार डाला।
0 15 जून : खुटार के गांव नरौठा देवीदास के एक युवक पर बाघ ने हमला किया। युवक बाल बाल बचा।
0 15 जून : खीरी के थाना मैलानी गांव उजागरपुर निवासी 26 वर्षीय छंगालाल पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल किया। लखीमपुर में चल रहा है इलाज।
0 19 जून: खुटार के गांव मोहनपुर निवासी मथुरा वर्मा के दो कुत्तों को बाघ ने मार डाला।
0 22 जून : खुटार के गांव गुरघिया निवासी फूलचंद्र की एक बकरी को बाघ ने मारा।
0 28 जून : खुटार के गांव नरौठा के झाबर में बाघ ने किया पालतू पशुओं पर हमला। शोर होने पर भागा बाघ।
0 आठ जुलाई: खीरी के थाना मैलानी के गांव खरेहटा निवासी 65 वर्षीय भोगनी कश्यप को बाघ ने खेत पर मार डाला।
0 19 अगस्त : खीरी के थाना मैलानी के गांव छेदीपुर निवासी 55 वर्षीय टीकाराम को बाघ ने खेत पर मार डाला।
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छेदीपुर निवासी 55 वर्षीय टीकाराम गांव के ही बनवारीलाल के गन्ने के खेत पर बंदर आदि भगाने का काम करते थे। खेत जंगल से सटा हुआ है। शुक्रवार को भी टीकाराम गन्ने के खेत पर गए थे। दोपहर बाद जगल से निकले बाघ ने टीकाराम पर हमला कर दिया और जंगल में खींच ले गया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने बाघ को टीकाराम को जंगल में ले जाते देख गांव जाकर लोगों को जानकारी दी। इसके बाद गांव से भारी संख्या में लोग लाठी, डंडे, तलवार आदि लेकर मौके पर पहुंचे और शोर शराबा कर बाघ को भगाने का प्रयास किया लेकिन बाघ मौके से नहीं हिला और शव को नोचकर खाता रहा।
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इसके बाद गांव के लोग पटाखा आदि लाए और कुछ लोग असलहे लेकर मौके पर पहुंचे। पटाखे आदि चलाए जाने पर बाघ शव को छोड़कर पीछे हटा तो लोग शव को खेत में उठा लाए। जानकारी पाकर मैलानी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन घटना के चार घंटे बाद शाम सात बजे तक कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे गांव के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि बाघ पहले भी एक व्यक्ति को मार चुका है और कई लोगों पर हमला कर चुका है, लेकिन वनकर्मी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं और बाघ को घने जंगल में खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। शाम तक लोगों ने पुलिस को शव उठाने नहीं दिया था। लोग वन विभाग के बड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
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दो तेंदुओं की भी हो चुकी है मौत
खुटार। खुटार रेंज में दो वर्ष में दो तेंदुओं की मौत हो चुकी है। एक तेंदुआ गांव छापाबोझी के पास जंगल में मृत मिला था। जबकि दूसरा तेंदुआ गांव नरौठा के पास गन्ने के खेत में मृत मिला था। इसके बाद भी वन विभाग के लोग इस समय क्षेत्र में घूम रहे बाघ के मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी से शिकारियों की बाघ पर भी निगाह हो सकती है। अगर वन विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में वन विभाग को बड़ी क्षति होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
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जुलाई और अगस्त में बाघ के हमले की प्रमुख घटनाएं
0 चार जून : खुटार के गांव बरबटपुर निवासी फार्मर गुरदेव सिंह के यहां बाघ ने कुत्ते को मार डाला।
0 पांच जून : खुटार के कोचर फार्म पर बाघ ने पालतू कुत्ते का शिकार किया।
0 पांच जून : खुटार के गांव रसवां कलां के पास बाघ ने नीलगाय को मार डाला।
0 15 जून : खुटार के गांव नरौठा देवीदास के एक युवक पर बाघ ने हमला किया। युवक बाल बाल बचा।
0 15 जून : खीरी के थाना मैलानी गांव उजागरपुर निवासी 26 वर्षीय छंगालाल पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल किया। लखीमपुर में चल रहा है इलाज।
0 19 जून: खुटार के गांव मोहनपुर निवासी मथुरा वर्मा के दो कुत्तों को बाघ ने मार डाला।
0 22 जून : खुटार के गांव गुरघिया निवासी फूलचंद्र की एक बकरी को बाघ ने मारा।
0 28 जून : खुटार के गांव नरौठा के झाबर में बाघ ने किया पालतू पशुओं पर हमला। शोर होने पर भागा बाघ।
0 आठ जुलाई: खीरी के थाना मैलानी के गांव खरेहटा निवासी 65 वर्षीय भोगनी कश्यप को बाघ ने खेत पर मार डाला।
0 19 अगस्त : खीरी के थाना मैलानी के गांव छेदीपुर निवासी 55 वर्षीय टीकाराम को बाघ ने खेत पर मार डाला।