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दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मारा, उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:05 AM IST
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दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जिंदा जलाकर मार डालने के आरोप में तिलहर के ग्राम हरमानपुर निवासी प्रेम सागर को अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम फराह मतलूब ने दोष सिद्ध अभियुक्त करार देते हुए सोमवार को उम्र कैद की सुनाई। यह फैसला आईपीसी की धारा 304 बी के तहत सुनाया गया। मूल वाकया 10 फरवरी 2015 को हुआ था। पुलिस को दी तहरीर में मृतका के पिता ऋषिपाल ने बताया कि वह रोज थाना के सरसवा स्थित ग्राम शेरपुर में रहते हैं। उन्होंने डेढ़ साल पहले अपनी बेटी अर्चना की शादी तिलहर के प्रेम सागर से की थी और अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज भी दिया था। बाद में ससुराल में अर्चना से दहेज में सोने की चेन, दो लाख रुपये और एक भैंस मायके से लाने का दबाव बनाया गया और वह मांग पूरी न करने पर मार डालने की धमकी दी गई।
ऋषिपाल ने बेटी को समझाया और दामाद के साथ ही समधी व समधिन को अवगत कराया कि वह इस समय मांग पूरी करने वाली स्थिति में नहीं है। फिर 10 फरवरी 2015 को दामाद के गांव वालों ने मोबाइल पर सूचना दी कि उनकी लड़की को ससुराल वालों ने जला दिया है और उसकी मौत हो चुकी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस पंजीकृत कर मामले की विवेचना शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। सरकारी वकील मनफूल सिंह वर्मा द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान को सुनने एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तथ्यों का अवलोकन के साथ ही बचाव पक्ष व सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।
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ऋषिपाल ने बेटी को समझाया और दामाद के साथ ही समधी व समधिन को अवगत कराया कि वह इस समय मांग पूरी करने वाली स्थिति में नहीं है। फिर 10 फरवरी 2015 को दामाद के गांव वालों ने मोबाइल पर सूचना दी कि उनकी लड़की को ससुराल वालों ने जला दिया है और उसकी मौत हो चुकी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस पंजीकृत कर मामले की विवेचना शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। सरकारी वकील मनफूल सिंह वर्मा द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान को सुनने एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तथ्यों का अवलोकन के साथ ही बचाव पक्ष व सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।
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