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अधेड़ विधवा से युवक ने किया रेप, गया जेल
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:56 PM IST
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rape
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मीरानपुर कटरा थाना से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित एक गांव में गन्ने के खेत की रखवाली कर रही 50 वर्षीया विधवा को अचानक तीन युवाओं ने दबोचा और गन्ने के खेत के बीच में ले जाकर उससे दुराचार किया। थाने में एफआईआर दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी 28 वर्षीय मुनीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह वाकया बीती चार अगस्त का है। सोमवार को पीड़ित विधवा जिला मुख्यालय पहुंची और एसपी से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया कि थाना प्रभारी ने दर्ज एफआईआर में अन्य दो आरोपियों का जिक्र न करते हुए उन्हें छोड़ दिया गया है। एसपी डॉ. मनोज कुमार ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़ित विधवा ने बताया कि उसके कोई बेटा नहीं है। उसके पति की कई साल पहले मौत हो गई थी। अपनी बेटी की शादी उसने कुछ दूरी के गांव में कुछ समय पहले कर दी थी और अब यहां अपने गांव में अकेली रहती है। बीती चार अगस्त को दोपहर बाद करीब ढाई बजे यह अपने खेत की रखवाली कर रही थी तभी गांव के ही तीन युवक शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे और बातों ही बातों में उसे अचानक बुरी नीयत से दबोच लिया एवं घसीटते हुए इसे गन्ने के खेत के भीतर ले गए। वहां बारी-बारी तीनों ने दुराचार किया। विरोध करने पर बुरी तरह मारा-पीटा भी, जिससे उसकी बाई जांघ पर गंभीर चोट आई है। अगले दिन उसने अपने दामाद को बुलवाया और उसे साथ लेकर घटना के संबंध में थाने में जाकर शिकायत की। तहरीर लेकर पुलिस मौके पर गई और घटना को सही पाया। फिर एफआईआर दर्ज की और एक आरोपी को पकड़ लिया गया।
पीड़िता का कहना है कि उसे दिनभर थाने में बिठाए रखा गया। पुलिस पर आरोप है कि उसने जो तहरीर दी वह एफआईआर में दर्ज ही नहीं की गई। यह भी आरोप है कि दो आरोपियों से रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ दिया गया। उसका कहना है कि इस संबंध में जब उसके दामाद ने एसओ को टोका तो जवाब में दो-तीन थप्पड़ रसीद करते हुए उसे भगा दिया गया। धमकी दी गई कि दोबारा थाने आए तो झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देंगे। पीड़ित ने एसपी से गुहार लगाई है कि वह अकेले घर पर रहती है और उसे स्थानीय पुलिस अधिकारी और छोड़ दिए गए अन्य दो आरोपियों से अपनी जान-माल का खतरा है।
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विधवा के साथ दुराचार के मामले में एक ही आरोपी का उल्लेख बयान में किया गया था, जिसे पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया। पीड़ित के बयान की रिकार्डिंग है और बयान महिला कांस्टेबल ने पीड़ित की समधिन के समक्ष लिए हैं। दर्ज एफआईआर के बाद संभव है कि गांव में पार्टीबंदी के चलते पीड़ित कुछ और के नाम जुड़वाना चाह रही हो, लेकिन उसकी जानकारी अभी उन्हें नहीं मिली है।
- नरेंद्र यादव, थाना प्रभारी, मीरानपुर कटरा
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पीड़ित विधवा ने बताया कि उसके कोई बेटा नहीं है। उसके पति की कई साल पहले मौत हो गई थी। अपनी बेटी की शादी उसने कुछ दूरी के गांव में कुछ समय पहले कर दी थी और अब यहां अपने गांव में अकेली रहती है। बीती चार अगस्त को दोपहर बाद करीब ढाई बजे यह अपने खेत की रखवाली कर रही थी तभी गांव के ही तीन युवक शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे और बातों ही बातों में उसे अचानक बुरी नीयत से दबोच लिया एवं घसीटते हुए इसे गन्ने के खेत के भीतर ले गए। वहां बारी-बारी तीनों ने दुराचार किया। विरोध करने पर बुरी तरह मारा-पीटा भी, जिससे उसकी बाई जांघ पर गंभीर चोट आई है। अगले दिन उसने अपने दामाद को बुलवाया और उसे साथ लेकर घटना के संबंध में थाने में जाकर शिकायत की। तहरीर लेकर पुलिस मौके पर गई और घटना को सही पाया। फिर एफआईआर दर्ज की और एक आरोपी को पकड़ लिया गया।
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पीड़िता का कहना है कि उसे दिनभर थाने में बिठाए रखा गया। पुलिस पर आरोप है कि उसने जो तहरीर दी वह एफआईआर में दर्ज ही नहीं की गई। यह भी आरोप है कि दो आरोपियों से रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ दिया गया। उसका कहना है कि इस संबंध में जब उसके दामाद ने एसओ को टोका तो जवाब में दो-तीन थप्पड़ रसीद करते हुए उसे भगा दिया गया। धमकी दी गई कि दोबारा थाने आए तो झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देंगे। पीड़ित ने एसपी से गुहार लगाई है कि वह अकेले घर पर रहती है और उसे स्थानीय पुलिस अधिकारी और छोड़ दिए गए अन्य दो आरोपियों से अपनी जान-माल का खतरा है।
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विधवा के साथ दुराचार के मामले में एक ही आरोपी का उल्लेख बयान में किया गया था, जिसे पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया। पीड़ित के बयान की रिकार्डिंग है और बयान महिला कांस्टेबल ने पीड़ित की समधिन के समक्ष लिए हैं। दर्ज एफआईआर के बाद संभव है कि गांव में पार्टीबंदी के चलते पीड़ित कुछ और के नाम जुड़वाना चाह रही हो, लेकिन उसकी जानकारी अभी उन्हें नहीं मिली है।
- नरेंद्र यादव, थाना प्रभारी, मीरानपुर कटरा