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Kotputli: चुनाव से पहले जाली नोटों का खेल बेनकाब, 40 हजार के असली नोट के बदले 4 लाख की नकली करेंसी, 2 गिरफ्तार
Mon, 24 Aug 2026 12:41 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:41 PM IST
सार
बाजार में असली नोटों के बीच नकली करेंसी चलाने वाला खेल पकड़ा गया। 40 हजार दो, 4 लाख की नकली करेंसी लो। पूछताछ में सामने आया जाली नोटों का खेल। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 435 नकली नोट और हजारों की असली रकम जब्त की है।
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कोटपूतली पुलिस द्वारा बरामद नकली नोट व असली करेंसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
निकाय एवं पंचायती राज चुनावों से पहले कोटपूतली पुलिस ने जाली नोटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 500-500 रुपये के 435 नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले में बहरोड़ सदर क्षेत्र के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बरामद जाली नोटों की अंकित कीमत 2 लाख 17 हजार 500 रुपये है। कार्रवाई के दौरान 67 हजार 500 रुपये के जाली नोट जब्त किए गए, जबकि पिछले दो दिनों में कोटपूतली के बाजार में जाली नोट चलाकर हासिल की गई 74,440 रुपये की असली करेंसी भी पुलिस ने बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशीकान्त गुप्ता (40) निवासी बहरोड़ सदर और राहुल सैनी (22) निवासी बहरोड़ सदर के रूप में हुई है। दोनों से जाली नोट तैयार करने वाले और इन्हें सप्लाई करने वाले लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में जाली नोटों के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। एसपी सतवीर सिंह के निर्देश पर आगामी निकाय एवं पंचायती राज चुनावों को देखते हुए जिले में गश्त और निगरानी बढ़ाने के साथ अवांछनीय गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। एएसपी नाजिम अली और डीएसपी मदनलाल जैफ के सुपरविजन में थानाधिकारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
ये भी पढ़ें: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 67,104 पद खाली; फिलहाल गेस्ट फैकल्टी से काम चलाएगी सरकार
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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पिछले दो दिनों के दौरान कोटपूतली के बाजार में जाली नोट चलाए थे। इन नोटों के बदले सामान खरीदने अथवा लेनदेन के माध्यम से आरोपियों ने जो असली रकम हासिल की थी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई में 74,440 रुपये की असली करेंसी जब्त की गई है। इससे पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन-किन दुकानों और लोगों के बीच जाली नोट चलाए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बाजार में कितने जाली नोट पहले ही खपाए जा चुके हैं।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार आरोपी 40 हजार रुपये की असली करेंसी देकर करीब चार लाख रुपये की जाली करेंसी प्राप्त करते थे। इससे आशंका है कि जाली नोटों की सप्लाई करने वाला नेटवर्क आरोपियों से कहीं बड़ा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट कहां तैयार किए जा रहे थे, इन्हें कोटपूतली-बहरोड़ तक कौन पहुंचाता था और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इससे पहले किन-किन इलाकों में जाली नोट चलाए हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोटपूतली थाने में प्रकरण दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस की जांच का मुख्य फोकस जाली नोटों के स्रोत, सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और अनुसंधान के आधार पर इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी हो सकती है।
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पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशीकान्त गुप्ता (40) निवासी बहरोड़ सदर और राहुल सैनी (22) निवासी बहरोड़ सदर के रूप में हुई है। दोनों से जाली नोट तैयार करने वाले और इन्हें सप्लाई करने वाले लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में जाली नोटों के एक बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। एसपी सतवीर सिंह के निर्देश पर आगामी निकाय एवं पंचायती राज चुनावों को देखते हुए जिले में गश्त और निगरानी बढ़ाने के साथ अवांछनीय गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। एएसपी नाजिम अली और डीएसपी मदनलाल जैफ के सुपरविजन में थानाधिकारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पिछले दो दिनों के दौरान कोटपूतली के बाजार में जाली नोट चलाए थे। इन नोटों के बदले सामान खरीदने अथवा लेनदेन के माध्यम से आरोपियों ने जो असली रकम हासिल की थी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई में 74,440 रुपये की असली करेंसी जब्त की गई है। इससे पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन-किन दुकानों और लोगों के बीच जाली नोट चलाए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बाजार में कितने जाली नोट पहले ही खपाए जा चुके हैं।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार आरोपी 40 हजार रुपये की असली करेंसी देकर करीब चार लाख रुपये की जाली करेंसी प्राप्त करते थे। इससे आशंका है कि जाली नोटों की सप्लाई करने वाला नेटवर्क आरोपियों से कहीं बड़ा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट कहां तैयार किए जा रहे थे, इन्हें कोटपूतली-बहरोड़ तक कौन पहुंचाता था और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इससे पहले किन-किन इलाकों में जाली नोट चलाए हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोटपूतली थाने में प्रकरण दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस की जांच का मुख्य फोकस जाली नोटों के स्रोत, सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और अनुसंधान के आधार पर इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी हो सकती है।