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दिनदहाड़े शिक्षिका पर हमला बोलकर लूट की कोशिश
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:33 PM IST
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रोली गुप्ता
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सदर बाजार थाना क्षेत्र के खिरनीबाग स्थित बसंत क्लीनिक वाले मकान में कोरियर वाला बनकर पहुंचे तीन युवकों ने दरवाजे की चटकनी खुलते ही धक्का मारा जिससे दरवाजा खोल रही 25 वर्षीया शिक्षिका रोली गुप्ता पीछे को गिरी। तभी तीनों में एक ने मफलर से उसका गला कसने की कोशिश की तो वह चीखी। इतने में दूसरे ने कोरियर वाले ने उनके चेहरे पर वार किया तो चीखते हुए रोली उनसे भिड़ गई। धक्कामुक्की और थप्पड़बाजी का क्रम करीब 15 मिनटों चला तभी लगातार गूंजती चीख सुनकर आसपास से लोग दौड़े तो तीनों लुटेरे भागने को वापस मुड़े। भीड़ से बचने को तीनों में एक ने तमंचे से हवाई फायरिंग लेकिन संयोग से वह मिस कर गया। उनमें से एक को भीड़ ने दबोच लिया और अपने स्तर पर उसकी जमकर खबर लेने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस घायल शिक्षका को मेडिकल के लिए और उनके बयानों के आधार पर आईपीसी की धारा 307 और 393 में केस दर्ज कर लिया। गिरफ्तार युवक ने अपना नाम विवेक मौर्या निवासी लोहारों वाला चौराहा बताया है। खिरनीबाग में बसंत क्लीनिक वाला मकान डा. विजय गुप्ता का है। ऊपर वाले हिस्से में पूरा परिवार रहता और नीचे क्लीनिक में डा. विजय के साथ उनका चिकित्सक बेटा डॉ. हितेश गुप्ता मरीजों को देखते हैं। सोमवार को डा. विजय गुप्ता अपनी पत्नी कांति गुप्ता को उपचार के लिए हितेश संग बरेली गए हुए थे। डॉ. हितेश की विवाहिता बहन रोली गुप्ता ददरौल इलाके के कहेलिया में मिडल स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं। मंगलवार को उनके साथ घर में सिर्फ बच्चे और डॉ. हितेश की पत्नी थीं। सुबह करीब नौ बजे बच्चों को पढ़ाने के लिए ट्यूटर आए हुए थे तभी तीन युवक मकान में एक पैकेट लेकर घुसे। ट्यूटर और घर पर मौजूद महिलाओं ने दोनों चिकित्सकों के न होने का हवाला देकर कोरियर वाली डेलीवरी लेकर आए युवकों को लौटा दिया। उसके दिन में करीब 11 बजे तीनों युवक फिर पहुंचे और कालबेल दबाई। ऊपर जीने से झांककर रोली और उनकी भाभी अनुजा गुप्ता ने देखा तो सुबह वाले तीनों युवक पैकेट लिए हुए खड़े थे और बताया कि डाक्टर साहब के लिए कानपुर से पैकेट आया हुआ है। युवकों ने अपनी नौकरी चली जाने का हवाला देते हुए कोरियर रिसीव करने की मिन्नत की तो रोली गुप्ता नीचे आईं और दरवाजा खोल ही रही थीं कि अचानक युवकों ने दरवाजे को जोर से धक्का मार दिया। वह लड़खड़ाईं और लुटेरों द्वारा मफलर से गला कसे जाने पर भी चीखते हुए तीनों को दरवाजे से बाहर धकेलने में जुटी रहीं। भीड़ ने भाग रहे तीनों लुटेरों में एक को दबोचा। पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि उसे साथ बुलाकर लाया गया था और फरार पुवायां निवासी सचिन और शहर के एक मोहल्ले में रहने वाले आफताब के पास तमंचे थे। सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के संबंध में केस दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है और फरार लुटेरों की तलाश में दबिश दी जा रही है। सदर बाजार थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि तीनों लुटेरे पैदल ही आए थे और फरार दोनों लुटेरों के बताए गए पते को चेक कराया जा रहा है कि सही है कि नहीं।
भीड़ आई तो जान बची : रोली गुप्ता
लुटेरों के हमले में घायल शिक्षिका रोली गुप्ता को काफी गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। मफलर से गला कसे जाने के चलते गरदन पर सूजन है। जिला अस्पताल से मेडिकल कराकर घर लौटने पर रात को उन्होंने बताया कि लुटेरों को शायद घर में अकेली महिलाओं के ही होने की सूचना थी और उसी के चलते वे बहाने से घर में घूसकर अपनी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाकर आए थे। पहले सुबह पापा और भैया के न होने के चलते उन्हें लौटा दिया गया था लेकिन दिन में फिर आए और मिन्नतें करने लगे कि किसी दूसरी आईडी पर डेलीवरी रिसीव कर लें अन्यथा जॉब चली जाएगी। दरवाजा भिड़ाकर भीतर से आईडी लेकर आई तो तीनों ने दरवाजे पर धक्का मारते हुए हमला बोल दिया और मफलर से गला कसने की कोशिश की। लेकिन हिम्मत न हारते हुए उनके मार को सहते हुए चीखते हुए उनपर पलटवार जारी रखा। उतने में आसपास से लोग दौड़े और भीड़ जुटी तो जान बची।
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भीड़ आई तो जान बची : रोली गुप्ता
लुटेरों के हमले में घायल शिक्षिका रोली गुप्ता को काफी गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। मफलर से गला कसे जाने के चलते गरदन पर सूजन है। जिला अस्पताल से मेडिकल कराकर घर लौटने पर रात को उन्होंने बताया कि लुटेरों को शायद घर में अकेली महिलाओं के ही होने की सूचना थी और उसी के चलते वे बहाने से घर में घूसकर अपनी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाकर आए थे। पहले सुबह पापा और भैया के न होने के चलते उन्हें लौटा दिया गया था लेकिन दिन में फिर आए और मिन्नतें करने लगे कि किसी दूसरी आईडी पर डेलीवरी रिसीव कर लें अन्यथा जॉब चली जाएगी। दरवाजा भिड़ाकर भीतर से आईडी लेकर आई तो तीनों ने दरवाजे पर धक्का मारते हुए हमला बोल दिया और मफलर से गला कसने की कोशिश की। लेकिन हिम्मत न हारते हुए उनके मार को सहते हुए चीखते हुए उनपर पलटवार जारी रखा। उतने में आसपास से लोग दौड़े और भीड़ जुटी तो जान बची।
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