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ऑनर किलिंग में दो आरोपियों को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:42 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आरोपियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी
सदर बाजार थाना क्षेत्र में प्रेम संबंधों में कोर्ट मैरिज करने से खफा लड़की के घरवालों द्वारा उसके प्रेमी की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पंचम एहसानुल्लाह खान ने आरोपी राहुल शर्मा उर्फ मनु शर्मा और अनमोल शर्मा उर्फ पिंकू शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। साथ ही मृतक के पिता विश्वनाथ शर्मा को दोनों अभियुक्तों से 75-75 हजार रुपये दिलाने का आदेश दिया है। इस मामले के एक आरोपी रामनरेश शर्मा की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
अभियोजन कहानी के अनुसार सदर बाजार थाना क्षेत्र की शास्त्रीनगर कॉलोनी निवासी प्रशांत ने 13 मई, 1996 को मोहल्ला जियाखेल निवासी प्रीति के साथ कोर्ट मैरिज की थी। इसे लेकर प्रीति के घरवाले प्रशांत से नाराज थे। हालांकि प्रशांत के पिता विश्वनाथ शर्मा ने प्रीति के घरवालों को समझाकर उनसे समझौता कर लिया था और फिर प्रीति और प्रशांत की 13 जुलाई, 1997 को सामाजिक रूप से शादी कराई गई थी। इसके बावजूद प्रीति के पिता जगदंबा शरण शर्मा और बड़े भाई राहुल शर्मा उर्फ मनु शर्मा अंदरखाने इस शादी से नाखुश रहे। मनु कभी-कभी अपने बहनोई प्रशांत के घर भी आने-जाने लगा।
मनु 20 अगस्त, 1997 को अपराह्न दो बजे प्रशांत के घर पहुंचा। उसके साथ फरीदपुर (बरेली) में रहने वाले उसके ताऊ का बेटा रामनरेश शर्मा और रामनरेश का दोस्त अनमोल शर्मा उर्फ पिंकू भी थे। तीनों ने प्रशांत के घर ही खाना खाया। करीब आधे घंटे बाद रामनरेश और पिंकू चले गए। तभी विश्वनाथ शर्मा और उनका दूसरा बेटा प्रभाकर घरेलू सामान खरीदने के लिए बाजार निकले तो आइना वाली मस्जिद तिराहा पर रामनरेश और पिंकू खड़ा मिला। पूछने पर दोनों ने बताया कि वे मनु का इंतजार कर रहे हैं। उधर, मनु ने प्रशांत से स्कूटर से घंटाघर तक छोड़ देने को कहा। प्रशांत जब मनु को स्कूटर से ले जा रहा था तो रास्ते में मुन ने पीछे से प्रशांत को गोली मार दी। प्रशांत स्कूटर समेत जमीन पर गिरा तो पास खड़े रामनरेश ने तमंचे से उस पर गोली चला दी।
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पिंकू ने चाकू से उसके सीने पर वार किया। विश्वनाथ और प्रभाकर ने हमलावरों को ललकारा तो तीनों प्रशांत के स्कूटर से भाग निकले। प्रशांत को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभियोजन अधिकारी खतीब अहमद के तर्क और प्रस्तुत गवाहों के बयान एवं पुलिस द्व्रारा प्रस्तुत साक्ष्य तथा तथ्यों का अवलोकन पर पंचम अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।
सदर बाजार थाना क्षेत्र में प्रेम संबंधों में कोर्ट मैरिज करने से खफा लड़की के घरवालों द्वारा उसके प्रेमी की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पंचम एहसानुल्लाह खान ने आरोपी राहुल शर्मा उर्फ मनु शर्मा और अनमोल शर्मा उर्फ पिंकू शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। साथ ही मृतक के पिता विश्वनाथ शर्मा को दोनों अभियुक्तों से 75-75 हजार रुपये दिलाने का आदेश दिया है। इस मामले के एक आरोपी रामनरेश शर्मा की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
अभियोजन कहानी के अनुसार सदर बाजार थाना क्षेत्र की शास्त्रीनगर कॉलोनी निवासी प्रशांत ने 13 मई, 1996 को मोहल्ला जियाखेल निवासी प्रीति के साथ कोर्ट मैरिज की थी। इसे लेकर प्रीति के घरवाले प्रशांत से नाराज थे। हालांकि प्रशांत के पिता विश्वनाथ शर्मा ने प्रीति के घरवालों को समझाकर उनसे समझौता कर लिया था और फिर प्रीति और प्रशांत की 13 जुलाई, 1997 को सामाजिक रूप से शादी कराई गई थी। इसके बावजूद प्रीति के पिता जगदंबा शरण शर्मा और बड़े भाई राहुल शर्मा उर्फ मनु शर्मा अंदरखाने इस शादी से नाखुश रहे। मनु कभी-कभी अपने बहनोई प्रशांत के घर भी आने-जाने लगा।
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मनु 20 अगस्त, 1997 को अपराह्न दो बजे प्रशांत के घर पहुंचा। उसके साथ फरीदपुर (बरेली) में रहने वाले उसके ताऊ का बेटा रामनरेश शर्मा और रामनरेश का दोस्त अनमोल शर्मा उर्फ पिंकू भी थे। तीनों ने प्रशांत के घर ही खाना खाया। करीब आधे घंटे बाद रामनरेश और पिंकू चले गए। तभी विश्वनाथ शर्मा और उनका दूसरा बेटा प्रभाकर घरेलू सामान खरीदने के लिए बाजार निकले तो आइना वाली मस्जिद तिराहा पर रामनरेश और पिंकू खड़ा मिला। पूछने पर दोनों ने बताया कि वे मनु का इंतजार कर रहे हैं। उधर, मनु ने प्रशांत से स्कूटर से घंटाघर तक छोड़ देने को कहा। प्रशांत जब मनु को स्कूटर से ले जा रहा था तो रास्ते में मुन ने पीछे से प्रशांत को गोली मार दी। प्रशांत स्कूटर समेत जमीन पर गिरा तो पास खड़े रामनरेश ने तमंचे से उस पर गोली चला दी।
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पिंकू ने चाकू से उसके सीने पर वार किया। विश्वनाथ और प्रभाकर ने हमलावरों को ललकारा तो तीनों प्रशांत के स्कूटर से भाग निकले। प्रशांत को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभियोजन अधिकारी खतीब अहमद के तर्क और प्रस्तुत गवाहों के बयान एवं पुलिस द्व्रारा प्रस्तुत साक्ष्य तथा तथ्यों का अवलोकन पर पंचम अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।