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फर्जी वोटर आईडी बनाते दो गिरफ्तार
तिलहर।
Updated Wed, 02 Dec 2015 11:38 PM IST
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पंचायत चुनाव में प्रधानों से पांच-पांच सौ रुपये लेकर फर्जी वोटर आईडी बनाने की शिकायत पर एसडीएम ने भारी पुलिस बल के साथ बुधवार को दो दुकानों पर छापा मारकर सैकड़ों की संख्या में बनी और अधबनी तथा कंप्यूटर में फीड सैकड़ों आईडी और निर्माण सामग्री बरामद की है।
मुखबिर ने प्रशासन को सूचना दी कि बाईपास स्थित दो दुकानों पर पांच-पांच सौ रुपये लेकर हजारों की संख्या में फर्जी वोटर आईडी बनाई जा रही हैं। इस पर एसडीएम विजय शंकर दुबे, सीओ विजय शंकर मिश्रा, तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी और कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ बाईपास स्थित ओम मोबाइल गैलरी तथा शिवशक्ति मोबाइल गैलरी पर छापा मारा तो सैकड़ों की संख्या में निर्मित कंप्यूटर में फीड तथा अर्धनिर्मित फर्जी वोटर आईडी तथा वोटर आईडी बनाने की सामग्री बरामद हुई। ओम मोबाइल गैलरी पर बलवीर सिंह को रंगे हाथों आईडी प्रिंट करते हुए अधिकारियों ने धर दबोचा। छापा पड़ते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
चर्चा है कि फर्जी आईडी बनाने वाले तीन अन्य दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके भाग निकले। पुलिस ने ओम मोबाइल गैलरी के संचालक बलवीर सिंह पुत्र विज्ञम सिंह निवासी गांव पिपरी थाना कटरा तथा शिव शक्ति मोबाइल गैलरी के संचालक सूरज पुत्र रूपराम निवासी मोहल्ला नजरपुर तिलहर के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पत्राजात तैयार करने संबंधी अनेक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। छापेमारी के दौरान एसडीएम विजय शंकर दुबे, सीओ विजय शंकर मिश्रा, तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी, कोतवाल अरुण कुमार सिंह, एसएसआई एसएन कटियार, एसआई अनुज तिवारी, मेहंदी हसन, आकाश दीप, खालिद, अरविंद आदि मौजूद रहे।
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कम लागत में कमा रहे थे मोटा मुनाफा
आरोपियों ने बताया कि अनेक निकटवर्ती गांव के प्रधानों द्वारा हजारों की संख्या में चार से पांच सौ रुपये प्रति आईडी की दर से फर्जी आईडी बनाने का काम कराया जा रहा था। कई हजार फर्जी आईडी बनाकर पहले ही दी जा चुकीं हैं, जबकि चार तारीख तक हजारों आईडी देने का काम चल रहा था। इसी बीच पुलिस ने छापा मार दिया।
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फर्जी आईडी के चलते मतदान बना चुनौती
आगामी पांच दिसंबर को होने वाले ग्राम प्रधान के चुनाव में फर्जी आईडी के चलते निष्पक्ष मतदान कराना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। ऐसी स्थिति में अनावश्यक संघर्ष, लड़ाई-झगड़े और फर्जी मतदान की संभावना प्रबल हो गई है।
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मुखबिर ने प्रशासन को सूचना दी कि बाईपास स्थित दो दुकानों पर पांच-पांच सौ रुपये लेकर हजारों की संख्या में फर्जी वोटर आईडी बनाई जा रही हैं। इस पर एसडीएम विजय शंकर दुबे, सीओ विजय शंकर मिश्रा, तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी और कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ बाईपास स्थित ओम मोबाइल गैलरी तथा शिवशक्ति मोबाइल गैलरी पर छापा मारा तो सैकड़ों की संख्या में निर्मित कंप्यूटर में फीड तथा अर्धनिर्मित फर्जी वोटर आईडी तथा वोटर आईडी बनाने की सामग्री बरामद हुई। ओम मोबाइल गैलरी पर बलवीर सिंह को रंगे हाथों आईडी प्रिंट करते हुए अधिकारियों ने धर दबोचा। छापा पड़ते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
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चर्चा है कि फर्जी आईडी बनाने वाले तीन अन्य दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके भाग निकले। पुलिस ने ओम मोबाइल गैलरी के संचालक बलवीर सिंह पुत्र विज्ञम सिंह निवासी गांव पिपरी थाना कटरा तथा शिव शक्ति मोबाइल गैलरी के संचालक सूरज पुत्र रूपराम निवासी मोहल्ला नजरपुर तिलहर के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पत्राजात तैयार करने संबंधी अनेक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। छापेमारी के दौरान एसडीएम विजय शंकर दुबे, सीओ विजय शंकर मिश्रा, तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी, कोतवाल अरुण कुमार सिंह, एसएसआई एसएन कटियार, एसआई अनुज तिवारी, मेहंदी हसन, आकाश दीप, खालिद, अरविंद आदि मौजूद रहे।
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कम लागत में कमा रहे थे मोटा मुनाफा
आरोपियों ने बताया कि अनेक निकटवर्ती गांव के प्रधानों द्वारा हजारों की संख्या में चार से पांच सौ रुपये प्रति आईडी की दर से फर्जी आईडी बनाने का काम कराया जा रहा था। कई हजार फर्जी आईडी बनाकर पहले ही दी जा चुकीं हैं, जबकि चार तारीख तक हजारों आईडी देने का काम चल रहा था। इसी बीच पुलिस ने छापा मार दिया।
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फर्जी आईडी के चलते मतदान बना चुनौती
आगामी पांच दिसंबर को होने वाले ग्राम प्रधान के चुनाव में फर्जी आईडी के चलते निष्पक्ष मतदान कराना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। ऐसी स्थिति में अनावश्यक संघर्ष, लड़ाई-झगड़े और फर्जी मतदान की संभावना प्रबल हो गई है।