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पूर्व प्रधान के बेटे को गोली मारी, मौत
मिर्जापुर।
Updated Wed, 16 Sep 2015 11:11 PM IST
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बेहटा जंगल गांव में मंगलवार की रात दोस्त की चौपाल पर पड़ोसी के साथ तख्त पर सो रहे युवक को किसी ने गोली मार दी। घायल को रात में ही जिला अस्पताल भेजा गया। हालत गंभीर होने पर उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार की सुबह करीब दस बजे उसकी मौत हो गई। इस मामले में अभी तक कोई अभियोग दर्ज नहीं करवाया गया है।
ग्राम पंचायत बेहटा जंगल के पूर्व प्रधान बादशाह वर्मा का 32 वर्षीय पुत्र नरेशचंद्र वर्मा मंगलवार की रात खाना खाकर अपने घर से कुछ दूर स्थित महेंद्र कुशवाह की चौपाल पर बैठने चला गया। मृतक की मां मायादेवी ने बताया कि चौपाल पर देर रात्रि तक चुनावी चर्चायें होती रहीं। इस बीच नरेश को नींद आ गई। वह वहीं पड़े तख्त पर रामदास कुशवाह के साथ सो गया। पड़ोस में ही पड़ी चारपाई पर रामदास का भाई राजाराम भी सो रहा था। रात्रि करीब 12 बजे जब सब सो रहे थे, तभी किसी ने करवट लेकर सो रहे नरेश के मलद्वार के समीप गोली मार दी और भाग गया।
फायर की आवाज सुनकर पास में लेटे रामदास और राजाराम ने जब उसे देखा तो वह बेसुध पड़ा था और उसके शरीर से खून बह रहा था। नरेश के गोली मारे जाने का शोर सुनकर उसके भाई रमेश, महेश और दिनेश भी आ गए। पुलिस को सूचना देकर घायल नरेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां से उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान नरेश की बुधवार को सुबह लगभग दस बजे मृत्यु हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से गांव मे पुलिस तैनात है। पूर्व प्रधान बादशाह के बेटे नरेश की हत्या पर ब्लाक प्रमुख पुरुषोत्तम सिंह वर्मा, कलान के पूर्व ब्लाक प्रमुख गेंदनलाल गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज वर्मा, प्रधान महेशचंद्र, बुधपाल सिंह वर्मा आदि ने शोक जताया है।
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मृतक जलालाबाद तहसील में वकील के पास था मुंशी
मिर्जापुर। मृतक नरेश अपने भाई दिनेश के साथ तहसील में वकील के पास मुंशी का कार्य करते थे। मृतक की मां ने बिलखते हुए कहा कि अभी डेढ़ वर्ष पहले पति बादशाह की बीमारी से मौत हो गई थी। वह पति और नाती की मौत का गम भूल भी नहीं पाईं थीं कि बेटे की हत्या हो गई। उसकी तो किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। पता नहीं क्यों उसके लाड़ले की जान ले ली है।
नवजात बेटे की हो चुकी है मौत, कैसे चलेगा परिवार
मिर्जापुर। मृतक नरेशचंद्र की अभी कच्ची गृहस्थी है। उसकी पत्नी प्रीती के इसी रविवार को पुत्र का जन्म हुआ था, जिसकी दूसरे दिन ही मौत हो गई थी। अब उसके तीन बेटियां पांच वर्ष की शिखा, चार वर्ष की अंशिका तथा एक वर्ष की प्रांशी है। प्रसूत कक्ष में बैठी प्रीती को अभी तक किसी ने सुहाग उजड़ जाने की जानकारी नहीं दी है। उसे तो यह बताया गया है कि उनका इलाज चल रहा है।
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ग्राम पंचायत बेहटा जंगल के पूर्व प्रधान बादशाह वर्मा का 32 वर्षीय पुत्र नरेशचंद्र वर्मा मंगलवार की रात खाना खाकर अपने घर से कुछ दूर स्थित महेंद्र कुशवाह की चौपाल पर बैठने चला गया। मृतक की मां मायादेवी ने बताया कि चौपाल पर देर रात्रि तक चुनावी चर्चायें होती रहीं। इस बीच नरेश को नींद आ गई। वह वहीं पड़े तख्त पर रामदास कुशवाह के साथ सो गया। पड़ोस में ही पड़ी चारपाई पर रामदास का भाई राजाराम भी सो रहा था। रात्रि करीब 12 बजे जब सब सो रहे थे, तभी किसी ने करवट लेकर सो रहे नरेश के मलद्वार के समीप गोली मार दी और भाग गया।
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फायर की आवाज सुनकर पास में लेटे रामदास और राजाराम ने जब उसे देखा तो वह बेसुध पड़ा था और उसके शरीर से खून बह रहा था। नरेश के गोली मारे जाने का शोर सुनकर उसके भाई रमेश, महेश और दिनेश भी आ गए। पुलिस को सूचना देकर घायल नरेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां से उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान नरेश की बुधवार को सुबह लगभग दस बजे मृत्यु हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से गांव मे पुलिस तैनात है। पूर्व प्रधान बादशाह के बेटे नरेश की हत्या पर ब्लाक प्रमुख पुरुषोत्तम सिंह वर्मा, कलान के पूर्व ब्लाक प्रमुख गेंदनलाल गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज वर्मा, प्रधान महेशचंद्र, बुधपाल सिंह वर्मा आदि ने शोक जताया है।
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मृतक जलालाबाद तहसील में वकील के पास था मुंशी
मिर्जापुर। मृतक नरेश अपने भाई दिनेश के साथ तहसील में वकील के पास मुंशी का कार्य करते थे। मृतक की मां ने बिलखते हुए कहा कि अभी डेढ़ वर्ष पहले पति बादशाह की बीमारी से मौत हो गई थी। वह पति और नाती की मौत का गम भूल भी नहीं पाईं थीं कि बेटे की हत्या हो गई। उसकी तो किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। पता नहीं क्यों उसके लाड़ले की जान ले ली है।
नवजात बेटे की हो चुकी है मौत, कैसे चलेगा परिवार
मिर्जापुर। मृतक नरेशचंद्र की अभी कच्ची गृहस्थी है। उसकी पत्नी प्रीती के इसी रविवार को पुत्र का जन्म हुआ था, जिसकी दूसरे दिन ही मौत हो गई थी। अब उसके तीन बेटियां पांच वर्ष की शिखा, चार वर्ष की अंशिका तथा एक वर्ष की प्रांशी है। प्रसूत कक्ष में बैठी प्रीती को अभी तक किसी ने सुहाग उजड़ जाने की जानकारी नहीं दी है। उसे तो यह बताया गया है कि उनका इलाज चल रहा है।