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दुकान से राशन आने पर जलता था चूल्हा

Fri, 03 Jul 2015 12:01 AM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Fri, 03 Jul 2015 12:01 AM IST
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The ration shop was burning on the hearth
 रामरतन के परिवार की मुफलिसी की कहानी उनकी रसोई बयां कर रही थी। घर में उपलों और लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जाता था। आठ लोगों के परिवार के लिए रोजाना 250 ग्राम दाल आती थी। इसी सेे सबका पेट भरता था। रोज कमाने और खाने वाले रामरतन के परिवार में चूल्हा तभी जलता था, जब दुकान से राशन आ जाता था। जिस दिन राशन नहीं आता था, उस दिन खाना नहीं बनता था।
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रामरतन का परिवार बेहद गरीब है। रामरतन राजमिस्त्री का काम करते थे। छह बच्चों और पत्नी के भरण पोषण के लिए बड़ा बेटा अमित रिक्शा चलाता है। छोटा बेटा रोहित भी पिता के साथ उनके काम में हाथ बंटाता था। बावजूद इसके रामरतन और उनके बेटे इतना नहीं कमा पाते थे कि महीने भर का राशन खरीद सकें। मजदूरी करने के बाद जो दिहाड़ी मिलती थी उसी से राशन खरीदकर लाया जाता था और तब खाना बनता था। बुधवार दोपहर साढ़े ग्यारह बजे अमित ने घर से थोड़ी दूर स्थित गौरव की दुकान से 250 ग्राम मटर की दाल और 12 रुपये प्रति किलो कीमत के आधा किलो चावल खरीदकर लाया था। घर में तीन-चार रोटी का आटा रखा था। इसी राशन से खाना बना। पहले रामरतन, रोहित और छाया ने खाना खाया था।
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शुक्र था कि घर के बाहर थे आशीष, सुमित और शारदा
रामरतन और उनके बेटे की मौत हो जाने के साथ ही बेटी छाया की हालत गंभीर बनी हुई है। रामरतन, रोहित और छाया ने जब खाना खाया तो उस वक्त रामरतन के दोनों छोटे बेटे अमित और सुमित तथा छोटी बेटी शारदा घर के बाहर खेल रहे थे। यह बच्चे घर पर होते तो मुन्नी उन्हें भी खाना खिला देती।
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बहुत समझदार था रोहित
मोहल्ले वालों की मानें तो रामरतन के परिवार में मुफलिसी का एक कारण शराबखोरी भी थी। बड़ा बेटा अमित और खुद रामरतन शराब के आदी थे। सभी भाई बहनों में रोहित ही सबसे ज्यादा समझदार था। वह अपने बड़े भाई और पिता को बुरे व्यसनों से दूर रहने के लिए कहता रहता था।

पति, बेटे को खोकर बदहवास हैं मुन्नी
पति और एक बेटे को खोकर मुन्नी देवी बदहवास हो गई हैं। रोते-रोते कह रही थीं कि उन्होंने अपने हाथों से जहरीला खाना पति और बेटे को खिला दिया। काश! उन लोगों को खाना खिलाने से पहले उन्होंने खुद खाना खा लिया होता तो उनकी मांग का सिंदूर नहीं उजड़ता।


फॉरेंसिंक टीम, खाद्य सुरक्षा टीम ने लिए नमूने
दो लोगों के जहरीला पदार्थ खाने से मौत होने की खबर मिलने पर एसडीएम एपी श्रीवास्तव, एएसपी सिटी राजेश कुमार, सीओ सिटी डॉ. कृष्णगोपाल यादव, इंस्पेक्टर केके तिवारी मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने घर और दुकान पर पुलिस तैनात कर दी। साथ ही फॉरेसिंक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम में शामिल संजय सिंह ने घर में पके चावल, दाल, रोटी एवं दुकान से दाल, चावल के नमूने लिए। खाना बनाने और खाने में प्रयुक्त हुए बर्तनों के फोटो कराए गए। एसडीएम सदर ने दुकान को सील करा दिया। दुकानदार गौरव गुप्ता का कहना है कि इससे पहले कई और ग्राहक भी उनकी दुकान से राशन लेकर गए हैं। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने उन सभी घरों से दाल, चावल वापस ले लिए हैं।
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