{"_id":"58c2dff14f1c1bda32dc53d9","slug":"the-condition-of-six-of-the-six-liver-milk-is-worn","type":"story","status":"publish","title_hn":"छिपकली पड़ा दूध पीने से छह की हालत बिगड़ी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छिपकली पड़ा दूध पीने से छह की हालत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Fri, 10 Mar 2017 10:57 PM IST
विज्ञापन
ill
- फोटो : amar ujala
जिला अस्पताल में इलाज के बाद हालत में सुधार
मिर्जापुर थाना क्षेत्र के धुनईनगला गांव में हुई घटना
थाना मिर्जापुर के गांव धुनईनगला में छिपकली पड़ा दूध पीने से एक ही परिवार के छह लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है।
धुनई नगला निवासी 45 वर्षीय कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी कुसुमा देवी अपने मायके हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के गांव रूपापुर में पिता की तेरहवीं मेें शामिल होने गई थीं। बृहस्पतिवार रात उसने दूध से भरा भगौना अलमारी में रख दिया। भगौना पर वह ढक्कन रखना भूल गया। लिहाजा दूध में छिपकली गिर गई। सुबह उठने के बाद उसने खेत पर जाने से पहले अलमारी से दूध निकालकर गरम किया और 15 वर्षीय बेटे सुमित, 12 वर्षीय अमित, 10 वर्षीय गौरव और 14 वर्षीय भतीजे अभिषेक, 22 वर्षीय भतीजी अर्चना देवी को दूध पीने के लिए दे दिया। खुद भी दूध पी लिया। इसके बाद सुमित भैंस दुहने चला गया। कुछ देर बाद उसकी नजर भगौने में बाकी बचे दूध पर पड़ी तो उसमें मरी हुई छिपकली तैर रही थी। इसी बीच भतीजी अर्चना को उल्टियां होने लगीं और उसका तथा बेटों और भतीजे का भी जी मिचलाने लगा। इसके बाद गांव वालों की मदद से वह लोग मिर्जापुर सरकारी अस्पताल पहुंचे, यहां से जरीयनपुर और फिर जिला अस्पताल लाए गए। सीएमएस डॉ. केशव स्वामी ने बताया कि छिपकली पड़ा दूध पीने से बीमार सभी लोगों की हालत में सुधार है। खतरे की कोई बात नहीं है।
विज्ञापन
मिर्जापुर थाना क्षेत्र के धुनईनगला गांव में हुई घटना
थाना मिर्जापुर के गांव धुनईनगला में छिपकली पड़ा दूध पीने से एक ही परिवार के छह लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है।
धुनई नगला निवासी 45 वर्षीय कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी कुसुमा देवी अपने मायके हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के गांव रूपापुर में पिता की तेरहवीं मेें शामिल होने गई थीं। बृहस्पतिवार रात उसने दूध से भरा भगौना अलमारी में रख दिया। भगौना पर वह ढक्कन रखना भूल गया। लिहाजा दूध में छिपकली गिर गई। सुबह उठने के बाद उसने खेत पर जाने से पहले अलमारी से दूध निकालकर गरम किया और 15 वर्षीय बेटे सुमित, 12 वर्षीय अमित, 10 वर्षीय गौरव और 14 वर्षीय भतीजे अभिषेक, 22 वर्षीय भतीजी अर्चना देवी को दूध पीने के लिए दे दिया। खुद भी दूध पी लिया। इसके बाद सुमित भैंस दुहने चला गया। कुछ देर बाद उसकी नजर भगौने में बाकी बचे दूध पर पड़ी तो उसमें मरी हुई छिपकली तैर रही थी। इसी बीच भतीजी अर्चना को उल्टियां होने लगीं और उसका तथा बेटों और भतीजे का भी जी मिचलाने लगा। इसके बाद गांव वालों की मदद से वह लोग मिर्जापुर सरकारी अस्पताल पहुंचे, यहां से जरीयनपुर और फिर जिला अस्पताल लाए गए। सीएमएस डॉ. केशव स्वामी ने बताया कि छिपकली पड़ा दूध पीने से बीमार सभी लोगों की हालत में सुधार है। खतरे की कोई बात नहीं है।
विज्ञापन