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धर्मांतरण के बारे में फौरी जांच-पड़ताल कर लौट आए अफसर
तिलहर (शाहजहांपुर)
Updated Sun, 21 Dec 2014 09:22 PM IST
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तहसील मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर गांव गुलड़िया में 24 दिसंबर को कुशवाह बिरादरी के चार परिवारों के धर्मांतरण कराने की अफवाह के बाद सरकारी अमला जांच-पड़ताल के लिए रविवार को गांव पहुंचा। अधिकारियों की मानें तो उन्हें लेखपाल ने बताया कि गांव में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है। हालांकि इस दौरान एसडीएम और सीओ को कस्बे के बारह पत्थर चौराहा के पास गुलड़िया के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के घर पर करीब दो सौ लोग बाइबिल का पाठ करते हुए मिले। पता चला कि पिछले तीन साल से यह आयोजन रंजीत करा रहा है। रंजीत का नाम 24 दिसंबर को धर्मांतरण कराने के मामले में सामने आया है। एसडीएम और सीओ ने उससे भी बातचीत की और उसके द्वारा आयोजन से इन्कार करने को आधार बनाकर रिपोर्ट डीएम को भेज दी।
धर्मांतरण की कथित योजना की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद रविवार को सबसे पहले एलआईयू इंस्पेक्टर सुरेंद्र यादव और कानूनगो राकेश गुप्ता गुलड़िया गांव पहुंचे। वहां उन्हें किसी ने 24 दिसंबर के कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं दी। बाद में जांच के लिए निकले एसडीएम जंगबहादुर यादव, सीओ अशोक कुमार और इंस्पेक्टर शक्ति सिंह तोमर रास्ते में कस्बे में बारह पत्थर चौराहे के पास गुलड़िया के पूर्व प्रधान के मकान पर रुक गए। वहां करीब तीन साल से हर रविवार को ईसाई पद्धति से पूजा करने के लिए लोग जुटते हैं। वहां मिले रंजीत ने बाइबिल के जरिए लोगों से पूजा कराने की बात मानी। मौके पर मौजूद लोगों ने बातचीत में माना कि अब वे लोग भगवान में विश्वास नहीं रखते। इनमें से ज्यादातर कुशवाह बिरादरी के ही थे।
पूजा पद्धति से आखिर कैसे जुड़ गए इतने लोग?
अधिकरियों की जांच पड़ताल में भले ही धर्म परिवर्तन करने की बात सामने नहीं आई है मगर सवाल यह है कि आखिर दो सौ से अधिक लोगों की ईसाई धर्म से आस्था कैसे जुड़ गई? दूसरी तरफ कई लोगों ने स्वीकार किया कि हर रविवार को यहां आने वाले लोगों को कुछ नगद राशि दी जाती है। गुलड़िया के अलावा दुमुकापुर और नयागांव के भी लोग इनमें शामिल हैं। इनमें 60 प्रतिशत महिलाएं हैं।
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तीन साल से लोग बाइबिल लेकर लोग पूजा-पाठ करते आ रहे हैं। ये सब हिंदू हैं। किसी ने ईसाई धर्म नहीं अपनाया है। लोगों का कहना था कि बाइबिल का पाठ करने से उनकी तमाम बाधाएं दूर हो गई है। धर्मांतरण की योजना के बारे में किसी ने नहीं बताया।
- जंगबहादुर यादव, एसडीएम, जलालाबाद
सीधे-साधे ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा है। इसके पीछे ईसाई मिशनरी से जुड़े जिस व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है, उसके खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे लोग आंदोलन करेंगे।
- डॉ. ब्रजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष, विहिप
अंधविश्वास तथा प्रलोभन के सहारे किसी को अपने धर्म से विमुख कराने का प्रयास गलत है। जिला प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उनका संगठन शीघ्र ही इस बारे में एसडीएम को ज्ञापन देगा।
- आलोक शर्मा, जिला संयोजक, बजरंग दल
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धर्मांतरण की कथित योजना की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद रविवार को सबसे पहले एलआईयू इंस्पेक्टर सुरेंद्र यादव और कानूनगो राकेश गुप्ता गुलड़िया गांव पहुंचे। वहां उन्हें किसी ने 24 दिसंबर के कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं दी। बाद में जांच के लिए निकले एसडीएम जंगबहादुर यादव, सीओ अशोक कुमार और इंस्पेक्टर शक्ति सिंह तोमर रास्ते में कस्बे में बारह पत्थर चौराहे के पास गुलड़िया के पूर्व प्रधान के मकान पर रुक गए। वहां करीब तीन साल से हर रविवार को ईसाई पद्धति से पूजा करने के लिए लोग जुटते हैं। वहां मिले रंजीत ने बाइबिल के जरिए लोगों से पूजा कराने की बात मानी। मौके पर मौजूद लोगों ने बातचीत में माना कि अब वे लोग भगवान में विश्वास नहीं रखते। इनमें से ज्यादातर कुशवाह बिरादरी के ही थे।
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पूजा पद्धति से आखिर कैसे जुड़ गए इतने लोग?
अधिकरियों की जांच पड़ताल में भले ही धर्म परिवर्तन करने की बात सामने नहीं आई है मगर सवाल यह है कि आखिर दो सौ से अधिक लोगों की ईसाई धर्म से आस्था कैसे जुड़ गई? दूसरी तरफ कई लोगों ने स्वीकार किया कि हर रविवार को यहां आने वाले लोगों को कुछ नगद राशि दी जाती है। गुलड़िया के अलावा दुमुकापुर और नयागांव के भी लोग इनमें शामिल हैं। इनमें 60 प्रतिशत महिलाएं हैं।
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तीन साल से लोग बाइबिल लेकर लोग पूजा-पाठ करते आ रहे हैं। ये सब हिंदू हैं। किसी ने ईसाई धर्म नहीं अपनाया है। लोगों का कहना था कि बाइबिल का पाठ करने से उनकी तमाम बाधाएं दूर हो गई है। धर्मांतरण की योजना के बारे में किसी ने नहीं बताया।
- जंगबहादुर यादव, एसडीएम, जलालाबाद
सीधे-साधे ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा है। इसके पीछे ईसाई मिशनरी से जुड़े जिस व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है, उसके खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे लोग आंदोलन करेंगे।
- डॉ. ब्रजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष, विहिप
अंधविश्वास तथा प्रलोभन के सहारे किसी को अपने धर्म से विमुख कराने का प्रयास गलत है। जिला प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उनका संगठन शीघ्र ही इस बारे में एसडीएम को ज्ञापन देगा।
- आलोक शर्मा, जिला संयोजक, बजरंग दल