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रमनदीप को पसंद नहीं  आ रहा जेल का खाना

Thu, 29 Sep 2016 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  शाहजहांपुर।
अमर उजाला ब्यूरो  शाहजहांपुर। Updated Thu, 29 Sep 2016 12:18 AM IST
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Ramandeep not like Having food in jail
हत्‍या का मामला - फोटो : अमर उजाला
- ब्रिटिश दूतावास की टीम को दर्ज कराई शिकायत
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- एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या का मामला 
- रमनदीप से मिलने पहुंची थी ब्रिटिश दूतावास की टीम 
- मच्छर होने की भी शिकायत की, जेल प्रशासन ने दिया फॉगिंग का आश्वासन 
- अलग से बिस्तर की मांग पर जेल प्रशासन ने किया इनकार 

 थाना बंडा क्षेत्र के गांव बसंतापुर निवासी पति सुखजीत सिंह की हत्या के आरोप में बंद एनआरआई रमनदीप कौर से बुधवार को ब्रिटिश दूतावास की दो सदस्यीय टीम जेल में मिली। रमनदीप कौर ने टीम को जेल में हो रही परेशानियों की शिकायत की। इसके साथ ही टीम ने केस में हो रही कार्रवाई के बारे में भी रमनदीप से विस्तार में बात की।

ब्रिटिश दूतावास दिल्ली से दो सदस्यीय टीम दोपहर करीब दो बजे जेल पहुंची। टीम में काउंसलर विकास सैनी और महिला काउंसलर पल्लवी जयरथ थीं। जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र सिंह यादव के मुताबिक रमनदीन ने टीम से शिकायत की कि उनको जेल में मिलने वाला खाना पसंद नहीं आ रहा है। इसमें सरसों के तेल का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी महक की वजह से वह भरपेट खाना नहीं खा पा रहीं। इसके साथ ही रमनदीप ने कहा कि जेल में मच्छरों की वजह से वह रात में सो भी नहीं पा रही हैं। जेल में मिला बिस्तर पर भी आरामदायक नहीं है। इस मामले में टीम ने बात की तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि मच्छरों की समस्या के लिए रमनदीप के बैरक में फॉगिंग करवा दी जाएगी। सोने के बिस्तर में वह चाहें तो एक दरी का इस्तेमाल और कर सकती हैं। खाने के मामले कहा गया कि जेल के मैन्यू में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता, लेकिन जेल की कैंटीन से जरूरी चीजें उनको भुगतान करने पर मिल सकती हैं। टीम ने रमनदीप का एकाउंट खुलवाने की बात कही, जिसमें खर्च के लिए रुपये भेजे जा सकें। उन्हें एकाउंट खुलवाने के लिए जरूरी कागजात मुहैया कराने को कहा गया है। इसके साथ ब्रिटिश दूतावास की टीम ने ब्रिटिश जेलों से संबंधित कुछ पुस्तकें रमनदीप को उपलब्ध कराई हैं, जिसमें जेल से जुड़ी हुई जानकारी है। टीम ने रमनदीप से केस में चल रही प्रगति के बारे में भी जानकारी ली। जेल के बाहर ब्रिटिश दूतावास की टीम से बात करने के लिए मीडिया के लोग पहुंच गए, लेकिन टीम बगैर कुछ बोले जेल से रवाना हो गई। टीम करीब दो घंटे जेल में रुकी।
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