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जिला कारागार में बंदी ने शौचालय के टैंक में कूद कर जान दी
शाहजहांपुर
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:57 PM IST
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बंदी
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में बंदी ने शौचालय के टैंक में कूद कर जान दी
शाहजहांपुर। बेटी की हत्या के मामले में जेल में बंद बंडा के गांव भगवंतापुर निवासी 35 वर्षीय लालू ने मंगलवार शाम 5:45 बजे शौचालय के टैंक में कूदकर आत्महत्या कर ली। जेल प्रशासन ने आनन-फानन में दमकल यूनिट को बुलाकर और खुद के संसाधनों से टैंक से पानी निकालकर उसे टैंक से निकाला। जिंदा होने की उम्मीद में उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला कारागार में लालू को बैरक नंबर दो में रखा गया था। मंगलवार शाम को बंदियों और कै दियों को खाना दिये जाने के बाद सभी को बैरक में भेजा जा रहा था। शाम लगभग 5:45 बजे बैरक नंबर दो में आधे से अधिक बंदी बैरक में जा चुके थे। बैरक के पीछे बने टैंक के पास लालू पहुंच गया और टैंक के ऊपर रखे सीमेंट के ढक्कन को हटा दिया। ढक्कन हटाते समय बंदियों ने उसकी इस हरकत पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जैसे ही उसने टैंक में छलांग लगाई, तभी बंदियों में चीख पुकार मच गई। जानकारी पर जेल अधीक्षक राकेश कुमार, जेलर जेपी दुबे मौके पर पहुंचे। जेल में मौजूद संसाधनों से टैंक का पानी निकालने के साथ ही दमकल यूनिट को भी बुला लिया गया। जैसे-तैसे टैंक से पानी निकालकर उसे टैंक से बाहर निकाल जिला अस्पताल भिजवा दिया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। 10 मई को लालू ने अपनी सात वर्षीय बेटी सोनी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बेटी से उसने पानी मांगा था लेकिन बेटी ने पानी नहीं दिया, इसी पर वह बेटी के लिए हैवान बन गया था। इस मामले में उसके खिलाफ चचेरे भाई कुलदीप की तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था और उसे 12 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
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शाहजहांपुर। बेटी की हत्या के मामले में जेल में बंद बंडा के गांव भगवंतापुर निवासी 35 वर्षीय लालू ने मंगलवार शाम 5:45 बजे शौचालय के टैंक में कूदकर आत्महत्या कर ली। जेल प्रशासन ने आनन-फानन में दमकल यूनिट को बुलाकर और खुद के संसाधनों से टैंक से पानी निकालकर उसे टैंक से निकाला। जिंदा होने की उम्मीद में उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला कारागार में लालू को बैरक नंबर दो में रखा गया था। मंगलवार शाम को बंदियों और कै दियों को खाना दिये जाने के बाद सभी को बैरक में भेजा जा रहा था। शाम लगभग 5:45 बजे बैरक नंबर दो में आधे से अधिक बंदी बैरक में जा चुके थे। बैरक के पीछे बने टैंक के पास लालू पहुंच गया और टैंक के ऊपर रखे सीमेंट के ढक्कन को हटा दिया। ढक्कन हटाते समय बंदियों ने उसकी इस हरकत पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जैसे ही उसने टैंक में छलांग लगाई, तभी बंदियों में चीख पुकार मच गई। जानकारी पर जेल अधीक्षक राकेश कुमार, जेलर जेपी दुबे मौके पर पहुंचे। जेल में मौजूद संसाधनों से टैंक का पानी निकालने के साथ ही दमकल यूनिट को भी बुला लिया गया। जैसे-तैसे टैंक से पानी निकालकर उसे टैंक से बाहर निकाल जिला अस्पताल भिजवा दिया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। 10 मई को लालू ने अपनी सात वर्षीय बेटी सोनी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बेटी से उसने पानी मांगा था लेकिन बेटी ने पानी नहीं दिया, इसी पर वह बेटी के लिए हैवान बन गया था। इस मामले में उसके खिलाफ चचेरे भाई कुलदीप की तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था और उसे 12 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
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