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ट्रैक की जगह जमीन पर दौड़ी प्रयाग बरेली पैसेंजर
रोजा।
Updated Sat, 07 Nov 2015 11:47 PM IST
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शाहाबाद रेलवे स्टेशन के समीप प्रयाग बरेली पैसेंजर ट्रेन जमीन पर दौड़ने लगी। इस डिरेलमेंट के पीछे रेलकर्मियों की घोर लापरवाही उजागर हो रही है। अधिकारियों का अनुमान है कि नॉन इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल होने के बाद मैन्युवल वर्क पर ठीक से काम नहीं किया गया। इस कारण प्वाइंट नहीं बना और प्रयाग बरेली पैसेंजर का इंजन डिरेल हो गया। गनीमत यह रही कि ट्रेन शाहाबाद स्टेशन से चलने के कुछ देर बाद ही डिरेल हो गई।
प्रयाग से चलकर बरेली जाने वाली 54377 अप दोपहर करीब पौने तीन बजे शाहाबाद स्टेशन पर रुकी और चार मिनट रुकने के बाद उसको एसएम ने चला दिया था। ट्रेन जैसे ही आगे बढ़ी लूप लाइन संख्या चार से मेल लाइन पर आतेे हुए इंजन जमीन पर दौड़ने लगा। देखते-देखते पूरा इंजन जमीन पर आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजन के बेपटरी होते ही डिब्बे भी असंतुलित हो गए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार कम थी इस कारण यात्री चुटहैल तो हुए, लेकिन कोई गंभीर चोट नहीं आई। यातायात निरीक्षक ने बताया कि इस डिरेलमेंट के कारणों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है।
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रेल सूत्र बताते हैं कि शाहबाद रेलवे स्टेशन का नान इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल चल रहा था इसलिए काशन मेमो और मेन्यूवल वर्क के द्वारा प्वाइंटों को बनाकर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था। इसमें लापरवाही बरतने के संकेत मिल रहे हैं। जांच जारी है। इस डिरेलमेंट मे रेल का यातायात प्रभावित नहीं हुआ है।
उधर, शुक्रवार की रात कठघर मुरादाबाद के पास जालियांवाला बाग एक्सप्रेस के हुए हादसे में पीड़ितों की मदद के लिए रोजा से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को भेजा गया है। इस ट्रेन में चिकित्सा, इंजीनियरिंग विद्युत अनुभाग के कर्मियों के अलावा गैंगमैनों की टीमों को भी रवाना किया है। एआरटी प्रभारी डीएल वर्मा, रेलपथ अभियंता हरगोविंद, डॉ. संजय राय सहित तमाम पूल के प्रभारी अधिकारी मौके पर रवाना हुए हैं जो शनिवार की देर शाम तक मौके से वापस नहीं आए।
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प्रयाग से चलकर बरेली जाने वाली 54377 अप दोपहर करीब पौने तीन बजे शाहाबाद स्टेशन पर रुकी और चार मिनट रुकने के बाद उसको एसएम ने चला दिया था। ट्रेन जैसे ही आगे बढ़ी लूप लाइन संख्या चार से मेल लाइन पर आतेे हुए इंजन जमीन पर दौड़ने लगा। देखते-देखते पूरा इंजन जमीन पर आ गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजन के बेपटरी होते ही डिब्बे भी असंतुलित हो गए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार कम थी इस कारण यात्री चुटहैल तो हुए, लेकिन कोई गंभीर चोट नहीं आई। यातायात निरीक्षक ने बताया कि इस डिरेलमेंट के कारणों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है।
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रेल सूत्र बताते हैं कि शाहबाद रेलवे स्टेशन का नान इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल चल रहा था इसलिए काशन मेमो और मेन्यूवल वर्क के द्वारा प्वाइंटों को बनाकर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था। इसमें लापरवाही बरतने के संकेत मिल रहे हैं। जांच जारी है। इस डिरेलमेंट मे रेल का यातायात प्रभावित नहीं हुआ है।
उधर, शुक्रवार की रात कठघर मुरादाबाद के पास जालियांवाला बाग एक्सप्रेस के हुए हादसे में पीड़ितों की मदद के लिए रोजा से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को भेजा गया है। इस ट्रेन में चिकित्सा, इंजीनियरिंग विद्युत अनुभाग के कर्मियों के अलावा गैंगमैनों की टीमों को भी रवाना किया है। एआरटी प्रभारी डीएल वर्मा, रेलपथ अभियंता हरगोविंद, डॉ. संजय राय सहित तमाम पूल के प्रभारी अधिकारी मौके पर रवाना हुए हैं जो शनिवार की देर शाम तक मौके से वापस नहीं आए।