{"_id":"58ee706f4f1c1ba368cf7a95","slug":"penalties-for-burning-on-the-field","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में नरई जलाने पर देना होेगा जुर्माना ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खेत में नरई जलाने पर देना होेगा जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
Field
- फोटो : Bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनजीटी, सरकार के आदेेशों की सीडीओ ने की समीक्षा
खेतों में गेहूं फसल की कटाई के नरई जलाने वाले किसानों को हजारों रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ेगा। सीडीओ टीके शिबु ने इस संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीटी और सरकार के फैसले से किसानों को अवगत कराने के लिए उनकी गोष्ठियां कराकर जन जागरूकता लाएं।
सीडीओ ने एनजीटी और मुख्य सचिव के स्तर से जारी दो शासनादेशों का हवाला देते हुए कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए फसल कटाई के समय स्ट्रा रीपर बाइंडर का प्रयोग अनिवार्य कराएं, जिससे कि किसान नरई जलाने के बजाय उसका भूसा बनाने को बाध्य हों। इस कृषि यंत्र को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान भी उपलब्ध कराएं। सीडीओ ने बताया कि शासनादेश के अनुसार फसल अवशेष जलाने पर दो एकड़ से कम जोत वाले किसानों को 2500 रुपये, पांच एकड़ तक जोत वाले किसानों को 5000 रुपये और इससे अधिक जोत वाले किसानों को 15000 रुपये जुर्माना देना होगा। बार-बार फसल अवशेष जलाने की घटना में लिप्त पाए जाने वाले किसानों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।
बैठक में मौजूद जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी को सीडीओ शिबु ने निर्देश दिया कि फसल अवशेश्ष जलाने के बजाय उसकी कंपोस्ट खाद बनाने को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थल चिन्हित कराकर वहां गड्ढे बनवाना सुनिश्चित कराएं। बैठक में कृषि समेत अन्य कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
खेतों में गेहूं फसल की कटाई के नरई जलाने वाले किसानों को हजारों रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ेगा। सीडीओ टीके शिबु ने इस संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीटी और सरकार के फैसले से किसानों को अवगत कराने के लिए उनकी गोष्ठियां कराकर जन जागरूकता लाएं।
सीडीओ ने एनजीटी और मुख्य सचिव के स्तर से जारी दो शासनादेशों का हवाला देते हुए कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए फसल कटाई के समय स्ट्रा रीपर बाइंडर का प्रयोग अनिवार्य कराएं, जिससे कि किसान नरई जलाने के बजाय उसका भूसा बनाने को बाध्य हों। इस कृषि यंत्र को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान भी उपलब्ध कराएं। सीडीओ ने बताया कि शासनादेश के अनुसार फसल अवशेष जलाने पर दो एकड़ से कम जोत वाले किसानों को 2500 रुपये, पांच एकड़ तक जोत वाले किसानों को 5000 रुपये और इससे अधिक जोत वाले किसानों को 15000 रुपये जुर्माना देना होगा। बार-बार फसल अवशेष जलाने की घटना में लिप्त पाए जाने वाले किसानों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में मौजूद जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी को सीडीओ शिबु ने निर्देश दिया कि फसल अवशेश्ष जलाने के बजाय उसकी कंपोस्ट खाद बनाने को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थल चिन्हित कराकर वहां गड्ढे बनवाना सुनिश्चित कराएं। बैठक में कृषि समेत अन्य कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन