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पीड़िताएं नहीं पहुंच सकीं दिल्ली तक
जलालाबाद।
Updated Tue, 09 Jun 2015 09:22 PM IST
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बड़ा हरेवा कांड की पीड़ित महिलाओं को मंगलवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना था। पीड़िताएं अपने परिवार के पुरुषों के साथ सोमवार को गांव से रवाना हो गईं, लेकिन ट्रेन में भारी भीड़ के चलते वह नहीं चढ़ सकीं। रात स्टेशन पर गुजारने के बाद मंगलवार सुबह गांव लौट गई।
आयोग की ओर से 27 मई को भेजे गए पत्र में एसपी के अलावा इस कांड की पीड़ित महिलाओं को नौ जून को अपरान्ह पौने बारह बजे नई दिल्ली के लोकनायक भवन स्थित आयोग के कार्यालय में पहुंचकर आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के समक्ष उपस्थित होकर घटना के संबंध में अपना पक्ष रखना था। एसपी कार्यालय से इसकी सूचना पीड़ितों तक पहुंचा दी गई। इसके बाद आठ मई को दोपहर उक्त पीड़ित महिलाएं अपने परिवार के पुरुषों के साथ शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। साथ में मौजूद पोखे ने बताया कि तमाम कोशिशों के बाद भी दिल्ली जाने सभी ट्रेन में भारी भीड़ के चलते वह लोग उसमें नहीं चढ़ सके और मंगलवार सुबह वापस लौट आए। बताया कि ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में धक्का-मुक्की में वह और दो महिलाएं चोटिल भी हो गईं थीं।
समय रहते नहीं दी
गई जानकारी
आयोग द्वारा जारी किया गया पत्र 27 मई को मिल जाने के बाद भी पुलिस द्वारा पीड़ितों को दिल्ली जाने की जानकारी मात्र एक दिन पहले दी गई। पीड़ितों का कहना था कि यदि उन्हें पहले बताया गया होता तो वे लोग एक दिन पहले वहां के लिए रवाना हो जाते।
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पीड़ितों का दिल्ली
पहुंचना आसान नहीं
पीड़ित महिलाएं और उनके परिवार के लोगों का कहना था कि पुलिस से मिली सूचना पर वे लोग दिल्ली के लिए चल दिए, लेकिन यदि वे लोग दिल्ली पहुंच भी जाते तो उन लोगों को आयोग का कार्यालय ढूंढना भी मुश्किल कार्य था। बताया कि वे लोग इतने पढ़े लिखे भी नहीं हैं कि दिल्ली जैसे बड़े शहर आसानी से सब कार्य कर लेते। बोले, यदि प्रशासन ही उन लोगों की कुछ व्यवस्था करे तभी वह लोग वहां पहुंच सकते हैं।
आयोग के सामाने नहीं पेश हो पाए एसपी
जलालाबाद। बड़ा हरेवा गांव में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाये जाने के चर्चित प्रकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के उप निदेशक ने घटना से संबंधित जानकारी तथा अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट के साथ एसपी को मंगलवार को दिल्ली में तलब किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से एसपी आयोग के सामने पेश नहीं हो पाए। आयोग के उप निदेशक कौशल किशोर की ओर से 27 मई को एसपी को जारी पत्र में कहा गया था कि बड़े हरेवा में 16 मई को महिलाओं के साथ हुई घटना का पूरा विवरण तथा इस मामले में पंजीकृत हुए अभियोग मेें अब तक हुई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट विस्तृत आख्या के साथ विचार विमर्श के लिए नौ जून को दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय में अध्यक्ष पीएल पुनिया के समक्ष उपस्थित हों।
आयोग को मंगलवार को रिपोर्ट देनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से वहां जाना नहीं हो पाया। आगे समय लेकर रिपोर्ट पेश की जाएगी।
-बबलू कुमार, एसपी
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आयोग की ओर से 27 मई को भेजे गए पत्र में एसपी के अलावा इस कांड की पीड़ित महिलाओं को नौ जून को अपरान्ह पौने बारह बजे नई दिल्ली के लोकनायक भवन स्थित आयोग के कार्यालय में पहुंचकर आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के समक्ष उपस्थित होकर घटना के संबंध में अपना पक्ष रखना था। एसपी कार्यालय से इसकी सूचना पीड़ितों तक पहुंचा दी गई। इसके बाद आठ मई को दोपहर उक्त पीड़ित महिलाएं अपने परिवार के पुरुषों के साथ शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। साथ में मौजूद पोखे ने बताया कि तमाम कोशिशों के बाद भी दिल्ली जाने सभी ट्रेन में भारी भीड़ के चलते वह लोग उसमें नहीं चढ़ सके और मंगलवार सुबह वापस लौट आए। बताया कि ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में धक्का-मुक्की में वह और दो महिलाएं चोटिल भी हो गईं थीं।
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समय रहते नहीं दी
गई जानकारी
आयोग द्वारा जारी किया गया पत्र 27 मई को मिल जाने के बाद भी पुलिस द्वारा पीड़ितों को दिल्ली जाने की जानकारी मात्र एक दिन पहले दी गई। पीड़ितों का कहना था कि यदि उन्हें पहले बताया गया होता तो वे लोग एक दिन पहले वहां के लिए रवाना हो जाते।
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पीड़ितों का दिल्ली
पहुंचना आसान नहीं
पीड़ित महिलाएं और उनके परिवार के लोगों का कहना था कि पुलिस से मिली सूचना पर वे लोग दिल्ली के लिए चल दिए, लेकिन यदि वे लोग दिल्ली पहुंच भी जाते तो उन लोगों को आयोग का कार्यालय ढूंढना भी मुश्किल कार्य था। बताया कि वे लोग इतने पढ़े लिखे भी नहीं हैं कि दिल्ली जैसे बड़े शहर आसानी से सब कार्य कर लेते। बोले, यदि प्रशासन ही उन लोगों की कुछ व्यवस्था करे तभी वह लोग वहां पहुंच सकते हैं।
आयोग के सामाने नहीं पेश हो पाए एसपी
जलालाबाद। बड़ा हरेवा गांव में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाये जाने के चर्चित प्रकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के उप निदेशक ने घटना से संबंधित जानकारी तथा अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट के साथ एसपी को मंगलवार को दिल्ली में तलब किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से एसपी आयोग के सामने पेश नहीं हो पाए। आयोग के उप निदेशक कौशल किशोर की ओर से 27 मई को एसपी को जारी पत्र में कहा गया था कि बड़े हरेवा में 16 मई को महिलाओं के साथ हुई घटना का पूरा विवरण तथा इस मामले में पंजीकृत हुए अभियोग मेें अब तक हुई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट विस्तृत आख्या के साथ विचार विमर्श के लिए नौ जून को दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय में अध्यक्ष पीएल पुनिया के समक्ष उपस्थित हों।
आयोग को मंगलवार को रिपोर्ट देनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से वहां जाना नहीं हो पाया। आगे समय लेकर रिपोर्ट पेश की जाएगी।
-बबलू कुमार, एसपी