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जेल में आखिरी बार पठान से मिली थी बहन
शाहजहांपुर
Updated Fri, 20 Mar 2015 12:17 AM IST
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पठान गैंग के सदस्य खान उर्फ पठान और मेहरबान की जेल में आखिरी मुलाकात हिमाचल प्रदेश में रहने वाली उसकी बहन नसीम से 11 फरवरी को हुई थी। इसके बाद इस गैंग के किसी भी सदस्य से कोई भी जेल में मुलाकात करने नहीं आया था। इमरान और असलम रिश्ते में मामा-भांजे हैं।
पठान गैंग को 25 सितंबर को जेल में दाखिल किया गया था। पठान गैंग के सभी सदस्यों को जेल की अलग-अलग बैरक में रखा गया था। पठान उर्फ खान और मेहरबान रिश्ते में सगे भाई थे। जेल में आने के बाद हिमाचल प्रदेश में रहने वाली दोनों की बहन नसीम तीन बार जेल में मिलने आई थी। दोनों की आखिरी मुलाकात 11 फरवरी 2015 को हुई थी। दोनों ने एक साथ बहन से मिले थे। इसके बाद गैंग के किसी सदस्य से जेल में कोई मुलाकात करने नहीं आया।
असलम, इमरान का है मामा
थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव डभौरा निवासी इमरान उर्फ इरफान उर्फ भिखारी बरेली के थाना सिरौली क्षेत्र के गांव व्यास निवासी असलम का मामा है। इमरान की बहन मेहनाज असलम की मां है। बताया जाता है कि असलम और इमरान ने पठान उर्फ खान के झांसे में आकर पहली बार ऊधम सिंह नगर में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। दोनों की सितंबर महीने में ही पठान गैंग से मुलाकात हुई थी। भांजे असलम के जेल से छूटने के बाद इमरान को उम्मीद है कि उसकी भी जल्दी जमानत हो जाएगी।
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दरोगा धर्म सिंह सैनी का नहीं लग रहा पता
पठान गैंग को ले जाने वाले दरोगा धर्म सिंह सैनी का कहीं पता नहीं लग रहा है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगी हुई है। बिजनौर स्थित उसके आवास पर भी पुलिस की टीम भेजी गई, लेकिन वहां भी उसका कोई पता नहीं लगा। घटना के बाद से लगातार दरोगा का मोबाइल बंद जा रहा है। पुलिस क्लब के पीछे उसके किराए के आवास पर भी कई बार पुलिस की टीम गई, लेकिन वहां ताला लगा मिला।
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पठान गैंग को 25 सितंबर को जेल में दाखिल किया गया था। पठान गैंग के सभी सदस्यों को जेल की अलग-अलग बैरक में रखा गया था। पठान उर्फ खान और मेहरबान रिश्ते में सगे भाई थे। जेल में आने के बाद हिमाचल प्रदेश में रहने वाली दोनों की बहन नसीम तीन बार जेल में मिलने आई थी। दोनों की आखिरी मुलाकात 11 फरवरी 2015 को हुई थी। दोनों ने एक साथ बहन से मिले थे। इसके बाद गैंग के किसी सदस्य से जेल में कोई मुलाकात करने नहीं आया।
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असलम, इमरान का है मामा
थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव डभौरा निवासी इमरान उर्फ इरफान उर्फ भिखारी बरेली के थाना सिरौली क्षेत्र के गांव व्यास निवासी असलम का मामा है। इमरान की बहन मेहनाज असलम की मां है। बताया जाता है कि असलम और इमरान ने पठान उर्फ खान के झांसे में आकर पहली बार ऊधम सिंह नगर में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। दोनों की सितंबर महीने में ही पठान गैंग से मुलाकात हुई थी। भांजे असलम के जेल से छूटने के बाद इमरान को उम्मीद है कि उसकी भी जल्दी जमानत हो जाएगी।
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दरोगा धर्म सिंह सैनी का नहीं लग रहा पता
पठान गैंग को ले जाने वाले दरोगा धर्म सिंह सैनी का कहीं पता नहीं लग रहा है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगी हुई है। बिजनौर स्थित उसके आवास पर भी पुलिस की टीम भेजी गई, लेकिन वहां भी उसका कोई पता नहीं लगा। घटना के बाद से लगातार दरोगा का मोबाइल बंद जा रहा है। पुलिस क्लब के पीछे उसके किराए के आवास पर भी कई बार पुलिस की टीम गई, लेकिन वहां ताला लगा मिला।