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पप्पू हत्याकांड में हत्यारोपी शमशाद को उम्रकैद
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:53 PM IST
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तिलहर में 15 साल पहले हुई 25 वर्षीय पप्पू की हत्या के मामले में शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने हत्यारोपी शमशाद खां उर्फ पप्पू को दोषीसिद्ध अभियुक्त करार दिया। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने आईपीसी की धारा 302 एवं धारा 25 आयुध अधिनियम के तहत अभियुक्त को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना मुकर्रर किया।
घटना 20 मई 2001 की सायं करीब सवा सात बजे हुई थी। उस समय तिलहर थाना क्षेत्र के अफीम कोठी के निकट चीनी मिल की फील्ड में ग्राम डभौरा निवासी पप्पू अमनपुर गौटिया निवासी सीताराम और बन्ने खां पठान के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। तभी वहां शमशाद खां उर्फ पप्पू पहुंचा और उसने पैग लगा रहे पप्पू पर दो तमंचे छीन लेने का आरोप लगाया। तमंचा छीने जाने का मजा चखाने की बात कहते हुए शमशाद ने पप्पू पर काफी नजदीक से फायर झोंक दिया जिससे पप्पू तड़पकर मौके पर गिर पड़ा। हमलावर मौके से भाग निकला था।
घायल पप्पू का भाई रवींद्र सूचना पाकर मौके पर पहुंचा और सीताराम की मदद से घायल भाई को तिलहर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक के भाई के तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आरोपी के पकड़े जाने पर उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल हुए तमंचा को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से पेश छह गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों व तथ्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।
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घटना 20 मई 2001 की सायं करीब सवा सात बजे हुई थी। उस समय तिलहर थाना क्षेत्र के अफीम कोठी के निकट चीनी मिल की फील्ड में ग्राम डभौरा निवासी पप्पू अमनपुर गौटिया निवासी सीताराम और बन्ने खां पठान के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। तभी वहां शमशाद खां उर्फ पप्पू पहुंचा और उसने पैग लगा रहे पप्पू पर दो तमंचे छीन लेने का आरोप लगाया। तमंचा छीने जाने का मजा चखाने की बात कहते हुए शमशाद ने पप्पू पर काफी नजदीक से फायर झोंक दिया जिससे पप्पू तड़पकर मौके पर गिर पड़ा। हमलावर मौके से भाग निकला था।
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घायल पप्पू का भाई रवींद्र सूचना पाकर मौके पर पहुंचा और सीताराम की मदद से घायल भाई को तिलहर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक के भाई के तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आरोपी के पकड़े जाने पर उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल हुए तमंचा को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से पेश छह गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों व तथ्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।
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