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पेड़ों पर चल रही आरी, जंगलों पर भारी
पुवायां।
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:55 PM IST
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तहसील क्षेत्र में वन महोत्सव सप्ताह मनाकर एक ओर पेड़ लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर पेड़ों पर चल रही आरी जंगलों पर भारी पड़ रही है। यह सब जानते हुए भी जिले के अधिकारी खामोश हैं। जिस कारण करोड़ों की वन संपदा से भरे इस क्षेत्र में माफिया हरियाली को समाप्त कर रहे हैं।
बता दें कि पुवायां तहसील में वन विभाग की खुटार और सिंधौली दो रेंज हैं। दोनों रेंजों में इस समय जनप्रतिनिधि और अधिकारी पौधारोपण करके पर्यावरण को संरक्षित करने का संदेश दे रहेे हैं, लेकिन कोई भी गायब हो रही हरियाली की ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझ रहा है। विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो तहसील भर में लगभग हर वर्ष सवा से डेढ़ लाख पौधे रोपित किए जाते हैं। इसमें से 25 से 30 फीसदी पौधे सूख जाते हैं, बचे हुए शेष पौधे जो वृक्ष बन पाते हैं उससे कहीं ज्यादा हर साल काट लिए जाते हैं। यही कारण है कि तहसील में सरकारी और निजी बागवानी मिलाने के बाद भी हरियाली का क्षेत्रफल लगातार घटता जा रहा है।
खास बात है कि समस्त रेंज अफसरों को कटान और वन्य जीवों के जीवन से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग की नियमावली और पेड़ काटने को परमिट की व्यवस्था पर नजर डालें तो एक पेड़ कटाने पर दो पौधे लगाने की लागू हुई व्यवस्था को भी हवा में उड़ा दिया गया है।
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कई जनपदों तक जाती
है खुटार की लकड़ी
पुवायां। खुटार रेंज में जंगल होने के कारण करोड़ों की वन संपदा पर माफियाओं की नजरें लगी हुई हैं। जिस कारण वनकर्मियों की मिलीभगत से यहां पर आए दिन कटान होता रहता है। खुटार में हाइवे से आसपास के कई जनपदों तक छोटे वाहनों से लकड़ी लादकर ले जायी जाती है। इस खेल में जहां माफिया खूब कमाई कर रहे हैं, वहीं कुछ वनकर्मियों की जेबें भर रही हैं।
हरियाली पट्टी भी
हो रही गायब
खुटार-पुवायां रोड पर तमाम स्थानों पर खेत स्वामियों ने पेड़ गायब करके रोड तक खेत बना रखे हैं और कई फार्मर उस हरियाली को उजाड़ने पर तुले हुए हैं। फार्मर पहले को पेड़ को सुखा देते हैं और बाद में काटकर गायब कर देते हैं। रोड से आए दिन गुजरने वाले अधिकारी भी इस ओर निगाह नहीं करके सीधे गुजर जाते हैं। इससे रोड की हरियाली गायब करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
कटान हुआ तो
होगी कार्रवाई
खुटार के जंगलों का मुआयना किया जाएगा। अगर किसी वनकर्मी की मिलीभगत से कटान हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। रोड के किनारे जमीन पीडब्लूडी की होती है हम उस पर सिर्फ पेड़ लगाते है। फिर भी मुआयना कर खेत मालिकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-एनके सिंह, डीएफओ शाहजहांपुर
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बता दें कि पुवायां तहसील में वन विभाग की खुटार और सिंधौली दो रेंज हैं। दोनों रेंजों में इस समय जनप्रतिनिधि और अधिकारी पौधारोपण करके पर्यावरण को संरक्षित करने का संदेश दे रहेे हैं, लेकिन कोई भी गायब हो रही हरियाली की ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझ रहा है। विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो तहसील भर में लगभग हर वर्ष सवा से डेढ़ लाख पौधे रोपित किए जाते हैं। इसमें से 25 से 30 फीसदी पौधे सूख जाते हैं, बचे हुए शेष पौधे जो वृक्ष बन पाते हैं उससे कहीं ज्यादा हर साल काट लिए जाते हैं। यही कारण है कि तहसील में सरकारी और निजी बागवानी मिलाने के बाद भी हरियाली का क्षेत्रफल लगातार घटता जा रहा है।
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खास बात है कि समस्त रेंज अफसरों को कटान और वन्य जीवों के जीवन से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग की नियमावली और पेड़ काटने को परमिट की व्यवस्था पर नजर डालें तो एक पेड़ कटाने पर दो पौधे लगाने की लागू हुई व्यवस्था को भी हवा में उड़ा दिया गया है।
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कई जनपदों तक जाती
है खुटार की लकड़ी
पुवायां। खुटार रेंज में जंगल होने के कारण करोड़ों की वन संपदा पर माफियाओं की नजरें लगी हुई हैं। जिस कारण वनकर्मियों की मिलीभगत से यहां पर आए दिन कटान होता रहता है। खुटार में हाइवे से आसपास के कई जनपदों तक छोटे वाहनों से लकड़ी लादकर ले जायी जाती है। इस खेल में जहां माफिया खूब कमाई कर रहे हैं, वहीं कुछ वनकर्मियों की जेबें भर रही हैं।
हरियाली पट्टी भी
हो रही गायब
खुटार-पुवायां रोड पर तमाम स्थानों पर खेत स्वामियों ने पेड़ गायब करके रोड तक खेत बना रखे हैं और कई फार्मर उस हरियाली को उजाड़ने पर तुले हुए हैं। फार्मर पहले को पेड़ को सुखा देते हैं और बाद में काटकर गायब कर देते हैं। रोड से आए दिन गुजरने वाले अधिकारी भी इस ओर निगाह नहीं करके सीधे गुजर जाते हैं। इससे रोड की हरियाली गायब करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
कटान हुआ तो
होगी कार्रवाई
खुटार के जंगलों का मुआयना किया जाएगा। अगर किसी वनकर्मी की मिलीभगत से कटान हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। रोड के किनारे जमीन पीडब्लूडी की होती है हम उस पर सिर्फ पेड़ लगाते है। फिर भी मुआयना कर खेत मालिकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-एनके सिंह, डीएफओ शाहजहांपुर