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चीनी मिल के 13 अधिकारियों पर मुकदमे के आदेश
तिलहर।
Updated Fri, 25 Sep 2015 12:03 AM IST
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तिलहर चीनी मिल के प्रबंधन को दोषी मानते हुए तत्कालीन छह जीएम और सात मुख्य लेखाकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश कोतवाल तिलहर को दिए हैं। प्रबंधन को मिल के सैकड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि ट्रस्ट के खाते में वर्ष 2004 से कटौती की धनराशि जमा न होने के मामले में न्यायालय ने दोषी माना है।
चीनी मिल के कर्मचारी विजय कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र पर सीजेएम ने तिलहर कोतवाल को आदेश जारी किए हैं। न्यायालय ने उक्त प्रकरण को प्रथम दृष्टया गंभीर और संज्ञेय मानते हुए मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
विजय कुमार सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि भविष्य निधि ट्रस्ट के खाते में जीएम व मुख्य लेखाकार के माध्यम से 12 प्रतिशत वेतन कटौती कर भविष्य निधि में जमा करने का प्रावधान है। वर्ष 2004 से 2015 तक ट्रस्ट के खाते में संबंधित धन कटौती कर जमा नहीं की जा रही है, निजी स्वार्थ के लिये उसका दुरुपयोग हो रहा है। यह राशि लगभग दस करोड़ के आसपास बनती है। अधिकारियों से बार-बार प्रार्थना करने के बावजूद जब कोई हल नहीं निकला तो कर्मचारियों ने 156/3 के अंतर्गत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए हैं। इससे मिल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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चीनी मिल के कर्मचारी विजय कुमार सिंह के प्रार्थना पत्र पर सीजेएम ने तिलहर कोतवाल को आदेश जारी किए हैं। न्यायालय ने उक्त प्रकरण को प्रथम दृष्टया गंभीर और संज्ञेय मानते हुए मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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विजय कुमार सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि भविष्य निधि ट्रस्ट के खाते में जीएम व मुख्य लेखाकार के माध्यम से 12 प्रतिशत वेतन कटौती कर भविष्य निधि में जमा करने का प्रावधान है। वर्ष 2004 से 2015 तक ट्रस्ट के खाते में संबंधित धन कटौती कर जमा नहीं की जा रही है, निजी स्वार्थ के लिये उसका दुरुपयोग हो रहा है। यह राशि लगभग दस करोड़ के आसपास बनती है। अधिकारियों से बार-बार प्रार्थना करने के बावजूद जब कोई हल नहीं निकला तो कर्मचारियों ने 156/3 के अंतर्गत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए हैं। इससे मिल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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