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निर्वस्त्र महिलाओं को जानवरों की तरह हांकते हुए घुमाया

Sun, 17 May 2015 12:03 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Sun, 17 May 2015 12:03 AM IST
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Nude Women Animals The twisted kind of Hankte
बेटी को अगवा कर ले जाने से उपजी बदले की आग में जल रहे जलालाबाद के गांव बड़े हरेवा में बहुसंख्यक कश्यप बिरादरी के लोगों ने निष्ठुरता की सारी हदें लांघ डालीं। उन्होंने आरोपी युवक के परिवार की महिलाओं को नंगा करके उन्हें जानवरों की तरह लकड़ियों और डंडों से हांकते हुए गांव से लेकर रोड तक घुमाया।
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भुक्तभोगी महिलाओं ने पुलिस अफसरों के सामने आपबीती बयां की तो सभ्य समाज के रोंगटे खड़े हो गए। पीड़ित महिलाओं के अनुसार दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें घरों से पीटते हुए बाहर निकाला और कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर फिर पीटा और नंगे बदन गांव के गलियारों में चलने को मजबूर किया। इस दौरान हमलावर पक्ष के पुरुष हाथों में लकड़ियां और डंडे थामकर उनके चारों ओर घेरा बनाकर इस तरह चले, जैसे जानवरों को हांकते हुए ले जाते हैं।
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महिलाओं के अनुसार हमलावरों का इतने से मन नहीं भरा तो उन्हें नग्नावस्था में गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर सरैया-बुधुवाना रोड के मोड़ पर ले गए। वहां बाजार और दुकानों पर तमाम लोग मौजूद होने के बावजूद लड़की पक्ष के लोगों ने आधा घंटे तक बिठाए रखा। वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने इस कृत्य का विरोध किया तो फिर गांव के विभिन्न रास्तों पर घुमाते हुए अपने घर तक ले गए। वहां चार महिलाओं को छोड़ दिया, लेकिन आरोपी युवक की मां को एक घंटे तक बंधक बनाए रखा।
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अविवाहित बेटियों को कोठरी में किया कैद
वहशी बने हमलावरों ने युवक के परिवार की दो अविवाहित बेटियों को भी नहीं बख्शा। महिलाओं के साथ उन्हें भी पकड़ लिया। सिर्फ इतनी रहम दिखाई कि उन्हें नंगा करके रोड पर घुमाने के बजाय अपने घर की कोठरी में कैद कर दिया। देर शाम गांव पहुंची पुलिस को पीड़ित परिवार से युवतियों के बारे में सुराग मिला तो दोनों को पुलिस के सामने बाहर निकाला गया।

सारे मोबाइल फोन छीनकर किए रहे घेराबंदी
पीड़ित परिवार के लोग अपने साथ हो रही हैवानियत की इत्तला पुलिस को नहीं दे सकें, इसके लिए हमलावरों ने युवक के घर दाखिल होते ही महिलाओं के कब्जे से उनके सभी छह मोबाइल फोन छीन लिए। यही नहीं, घंटों उनके घर के बाहर घेराबंदी किए रहे जिससे कि परिवार का कोई सदस्य थाने तक नहीं जा सके।

15 लोग नामजद, चार हिरासत मेें लिए
इस लोमहर्षक कांड में पुलिस ने जलालाबाद कोतवाली में कई महिलाओं समेत 15 लोगों के खिलाफ घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट करने, उनको निर्वस्त्र करने और गांव में घुमाकर बेइज्जती करने के मामलों में नामजद एफआईआर दर्ज की है। साथ ही गांव जाकर चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

आरोपियों को न कोई मलाल, न कानून का खौफ
महिलाओं से पाशविक व्यवहार करने वालों को न तो अपने किए का कोई पश्चाताप है और न ही उनमें कानून के प्रति खौफ। हिरासत में लिए गए लोगों की आखों में बदले की आग जलती मिली। दरअसल, उनके परिवार की लड़की बृहस्पतिवार को अगवा हुई। शुक्रवार को घरवालों ने इसकी तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस के कुछ नहीं करने से उन्हेें बेइज्जती महसूस हुई जो बदले की आग में बदल गई। पुलिस ने लड़की के घरवालों की ओर से रिपोर्ट शनिवार को सुबह दर्ज की, लेकिन तब तक आरोपी जो करना था, कर चुके थे।


अनुसूचित आयोग ने लिया घटना का संज्ञान
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग ने इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया। इसकी पुष्टि आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया के ओएसडी से बातचीत में भी हुई। प्रकरण को लेकर बात शुरू करते ही उन्होंने बीच में टोकते हुए कहा कि इस मामले में दोनों ही पक्ष अनुसूचित जाति से जुड़े होने के कारण आयोग ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई को प्राथमिकता देता है। यहां बता दें कि यूपी में कश्यप बिरादरी पिछड़ी जाति में शुमार है जबकि अन्य कई राज्यों में अनुसूचित जाति घोषित है। दूसरा नंबर डायल करने पर आयोग अध्यक्ष के स्टाफ ऑफीसर ने बताया कि पूनिया इस समय राजस्थान के दौरे पर हैं और पीड़ित पक्ष चाहे तो अपनी शिकायत आयोग को ई मेल कर सकता है।
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