{"_id":"5783a51c4f1c1b0f7a13d859","slug":"minors-who-get-the-job-done-leaving-without-action-began-investigating","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से काम कराने वाले को बिना कार्रवाई छोड़ने की जांच शुरू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नाबालिग से काम कराने वाले को बिना कार्रवाई छोड़ने की जांच शुरू
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Mon, 11 Jul 2016 07:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग से दुकान पर काम कराने वाले को पकड़कर छोड़ने के मामले में एएसपी ग्रामीण रमेश कुमार भारतीय ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर स्थानीय स्तर से दरोगा और सिपाही को बचाने के लिए पुस्तक विक्रेता को बुलाकर समझा दिया गया कि सिपाही से हुई डील की बात कहीं न बताई जाए। चेतावनी दी गई कि यदि बयान में कहीं चुक हुई तो उसे जेल जाना पड़ेगा।
उधर, सीओ सुधीर कुमार सिंह ने पूरे मामले को संज्ञान लेते हुए आपरेशन मुस्कान की टीम के प्रभारी दरोगा नेमपाल सिंह, सिपाही अशोक कुमार आदि को अपने कार्यालय तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुस्तक विक्रेता को भी बयान के लिए बुलाया गया। पुस्तक विक्रेता ने थाने से छोड़े जाने की एवज में कोई रकम देने से इंकार कर दिया। बडा़ सवाल है कि पुस्तक विक्रेता यदि नाबालिग से काम करा रहा था तो उसे बिना समझौते के कैसे छोड़ दिया गया? पुस्तक विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? नाबालिग से काम कराने का आरोपी क्यों कहेगा कि उसने थाने से छोड़े जाने की एवज में कोई रकम दी है? साफ है कि आरोपी सिपाही को बचाने के लिए जांच के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
एएसपी ने सोमवार सुबह मामले की जानकारी ली थी। पुस्तक विक्रेता को बुलाया गया था उसने किसी पुलिसकर्मी को रुपये देने से इंकार किया है। मामले की जांच की जा रही है। यदि रुपये देने का आरोप सही पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- सुधीर कुमार सिंह, सीओ पुवायां
विज्ञापन
उधर, सीओ सुधीर कुमार सिंह ने पूरे मामले को संज्ञान लेते हुए आपरेशन मुस्कान की टीम के प्रभारी दरोगा नेमपाल सिंह, सिपाही अशोक कुमार आदि को अपने कार्यालय तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुस्तक विक्रेता को भी बयान के लिए बुलाया गया। पुस्तक विक्रेता ने थाने से छोड़े जाने की एवज में कोई रकम देने से इंकार कर दिया। बडा़ सवाल है कि पुस्तक विक्रेता यदि नाबालिग से काम करा रहा था तो उसे बिना समझौते के कैसे छोड़ दिया गया? पुस्तक विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? नाबालिग से काम कराने का आरोपी क्यों कहेगा कि उसने थाने से छोड़े जाने की एवज में कोई रकम दी है? साफ है कि आरोपी सिपाही को बचाने के लिए जांच के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
विज्ञापन
एएसपी ने सोमवार सुबह मामले की जानकारी ली थी। पुस्तक विक्रेता को बुलाया गया था उसने किसी पुलिसकर्मी को रुपये देने से इंकार किया है। मामले की जांच की जा रही है। यदि रुपये देने का आरोप सही पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- सुधीर कुमार सिंह, सीओ पुवायां