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मावा व्यापारी लूट, हत्याकांड का चार माह बाद भी खुलासा नहीं
जलालाबाद।
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:20 PM IST
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करीब चार महीने पहले मावा व्यापारी को लूटने के बाद गोली मारकर की गई हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। पुलिस के रवैये से नाराज मृतक के पिता ने डीआईजी से मिलकर घटना को अंजाम देने वालों का पता लगाकर जेल भेजे जाने की मांग की है। उधर, पुलिस का कहना है कि वह कातिलों के करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जायेगा।
बता दें कि गांव समैचीपुर निवासी सर्वेश का करीब 22 साल का पुत्र बबलू मावे का व्यापार करता था। बीते 24 सितंबर को वह मावा लेकर उसे बेचने फर्रुखाबाद की बेबर स्थित बाजार गया था। पिता के अनुसार अगले दिन 25 सितंबर को बबलू मावा का पिछला बकाया करीब 45 हजार रुपये लेकर वापस लौट रहा था। रास्ते में लेट हो जाने पर उसने गांव स्थित मुकेश को फोन करके बाइक लेकर जलालाबाद आने को कहा, जिससे वह गांव तक पहुंच सके। रात करीब आठ बजे जलालाबाद आने के बाद बबलू साथी मुकेश के साथ बाइक पर बैठकर गांव को जा रहा था इसी दौरान रास्ते में गांव हारगुरैया से पहले बबलू को गोली मारने के बाद उसके पास रखी नगदी लूट ली गई थी, जबकि मुकेश ने कोतवाली पहुंचकर घटना की पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मुकेश की जेब से दस हजार की नगदी मिल जाने के बाद लूट होने की इंकार करते हुए तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसके साथी मुकेश को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया। इसके बाद घटना को हुए चार महीनों से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी पुलिस घटना का वर्कआउट नहीं कर सकी। इस संबंध में कोतवाली यतेंद्र भारद्वाज ने बताया कि पुलिस घटना को अंजाम देने वालों का पता लगा चुकी है और जल्द ही इसका खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया जाएगा।
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बता दें कि गांव समैचीपुर निवासी सर्वेश का करीब 22 साल का पुत्र बबलू मावे का व्यापार करता था। बीते 24 सितंबर को वह मावा लेकर उसे बेचने फर्रुखाबाद की बेबर स्थित बाजार गया था। पिता के अनुसार अगले दिन 25 सितंबर को बबलू मावा का पिछला बकाया करीब 45 हजार रुपये लेकर वापस लौट रहा था। रास्ते में लेट हो जाने पर उसने गांव स्थित मुकेश को फोन करके बाइक लेकर जलालाबाद आने को कहा, जिससे वह गांव तक पहुंच सके। रात करीब आठ बजे जलालाबाद आने के बाद बबलू साथी मुकेश के साथ बाइक पर बैठकर गांव को जा रहा था इसी दौरान रास्ते में गांव हारगुरैया से पहले बबलू को गोली मारने के बाद उसके पास रखी नगदी लूट ली गई थी, जबकि मुकेश ने कोतवाली पहुंचकर घटना की पुलिस को सूचना दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मुकेश की जेब से दस हजार की नगदी मिल जाने के बाद लूट होने की इंकार करते हुए तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसके साथी मुकेश को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया। इसके बाद घटना को हुए चार महीनों से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी पुलिस घटना का वर्कआउट नहीं कर सकी। इस संबंध में कोतवाली यतेंद्र भारद्वाज ने बताया कि पुलिस घटना को अंजाम देने वालों का पता लगा चुकी है और जल्द ही इसका खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया जाएगा।
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