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जीते जी रिपोर्ट दर्ज नहीं करा पाया लालाराम
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sat, 14 May 2016 11:44 PM IST
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रिपोर्ट
- फोटो : demo pics
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23 मार्च 16 को हुई मारपीट में गंभीर घायल युवक की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। मृतक के साले ने पुवायां पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसे टरका दिया। मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने पुवायां पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुवायां पुलिस ने हरदोई पुलिस को सूचना दी, पुवायां के कोतवाली प्रभारी सुनील विश्नोई के अनुसार मृतक का पोस्टमार्टम हरदोई पुलिस कराएगी। मृतक ने जीवित रहते पुलिस और तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र दिए लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
हरदोई के थाना मझिला के गांव रसूलापुर निवासी उमेश कुमार ने सीओ को दिए पत्र में बताया कि उसका बहनोई हरदोई के ही थाना हरियांवा के गांव गौड़ाखेड़ा निवासी 35 वर्षीय लालाराम गांव के ही छुन्नू और जितेंद्र के साथ पुवायां के गांव गुटैया के अवतार सिंह के यहां नौकरी करता था। 23 मार्च को बहनोई की जितेंद्र, छुन्नू से खाना बनाने को लेकर कहासुनी हो गई, जिस पर उक्त ने बहनोई को लाठी, डंडों से पीट दिया, जिससे लालाराम के पेट और पेट के नीचे गंभीर चोटें आईं। तहरीर देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
लालाराम का हरदोई के बाद लखनऊ के मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा था। इस बीच वह लोग लालाराम को एक बार पुवायां लाए और तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र दिलवाया लेकिन इसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। 13 मई को लालाराम की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई।
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उमेश की तहरीर पर पुवायां पुलिस ने उसे बिना रिपोर्ट दर्ज टरका दिया। इसके बाद मामले की जानकारी एसपी को दी गई तो उन्होंने पुवायां पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। तब कहीं जाकर उमेश की तहरीर पर जितेंद्र और छुन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुवायां पुलिस ने हरियांवा पुलिस से बात कर लालाराम के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने का अनुरोध किया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे छोड़ गया है।
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हरदोई के थाना मझिला के गांव रसूलापुर निवासी उमेश कुमार ने सीओ को दिए पत्र में बताया कि उसका बहनोई हरदोई के ही थाना हरियांवा के गांव गौड़ाखेड़ा निवासी 35 वर्षीय लालाराम गांव के ही छुन्नू और जितेंद्र के साथ पुवायां के गांव गुटैया के अवतार सिंह के यहां नौकरी करता था। 23 मार्च को बहनोई की जितेंद्र, छुन्नू से खाना बनाने को लेकर कहासुनी हो गई, जिस पर उक्त ने बहनोई को लाठी, डंडों से पीट दिया, जिससे लालाराम के पेट और पेट के नीचे गंभीर चोटें आईं। तहरीर देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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लालाराम का हरदोई के बाद लखनऊ के मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा था। इस बीच वह लोग लालाराम को एक बार पुवायां लाए और तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र दिलवाया लेकिन इसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। 13 मई को लालाराम की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई।
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उमेश की तहरीर पर पुवायां पुलिस ने उसे बिना रिपोर्ट दर्ज टरका दिया। इसके बाद मामले की जानकारी एसपी को दी गई तो उन्होंने पुवायां पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। तब कहीं जाकर उमेश की तहरीर पर जितेंद्र और छुन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुवायां पुलिस ने हरियांवा पुलिस से बात कर लालाराम के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने का अनुरोध किया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे छोड़ गया है।