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जेई के बेटे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
शाहजहांपुर
Updated Thu, 18 Jun 2015 11:14 PM IST
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थाना सदर बाजार क्षेत्र में खन्नौत नदी पर बने लालपुल के पास बृहस्पतिवार की सुबह सिंचाई विभाग के जेई रमेश चंद्र के 17 वर्षीय बेटे अभिषेक कुमार ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। परिवार वालों के मुताबिक हाईस्कूल में दो बार फेल होने की वजह से डिप्रेशन में था।
पुवायां रोड पर सिंचाई विभाग की कॉलोनी निवासी रमेश चंद्र रोजा सेक्शन में जेई के पद पर तैनात हैं। रमेश चंद्र के मुताबिक अभिषेक ने दो साल पहले केंद्रीय विद्यालय नंबर दो में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। जिसमें वह फेल हो गया था। इसके बाद उसने अगली साल प्राइवेट परीक्षा दी, उसमें भी वह फेल गया था। हाईस्कूल में फेल होने के बाद से ही अभिषेक डिप्रेशन में रहने लगा था। इस वर्ष अभिषेक ने कलान के स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हो गया था। अभिषेक रोजाना की तरह सुबह साढ़े चार बजे घर से टहलने के लिए निकाला था। काफी देर तक जब अभिषेक टहलकर वापस नहीं आया तो रमेश चंद्र और उनके बड़े बेटे अशोक ने उसकी तलाश शुरु की। अभिषेक को खोजते हुए अशोक लालपुल के पास पहुंचा तो अभिषेक का क्षतविक्षित शव रेलवे लाइन पर पड़ा देखा। अभिषेक का एक पैर तो कुत्ते श्मशान घाट के पास उठा ले गए थे। अभिषेक के शव का कुछ हिस्सा पुल के उस तरफ पड़ा मिला। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अभिषेक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, जिससे उसका शरीर क्षतविक्षत हो गया। मौके पर पहुंची सदर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बेटे की मौत से मां हुई बेसुध
अभिषेक की मौत से उसकी मां राजेश्वरी देवी बेसुध हो र्गइं। परिवार वालों ने काफी देर तक तो उन्हें अभिषेक की मौत होने की सूचना नहीं दी। उन्हें बताया गया कि अभिषेक के चोट लगी है और वह अस्पताल में भर्ती है, लेकिन कुछ समय बाद राजेश्वरी समझ गईं कि उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी हो गई है। वह बार-बार गश खाकर बेहोश हो जाती हैं। बेटी अर्चना और बेटे अशोक और ब्रजेश मां को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
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करीब आधा घंटा तक ट्रेन यातायात बाधित रहा
अभिषेक के शरीर के कई हिस्से हो गए थे। शव का कुछ हिस्सा खन्नौत नदी के पुल और कुछ हिस्सा पुल के उस तरफ पड़ा था। जिसे उठाने के लिए पुलिस ने रेलवे अधिकारियों से कुछ देर के लिए ट्रेन संचालन रोकने की परमीशन ली। इसके बाद अभिषेक के शव को उठाया जा सका।
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पुवायां रोड पर सिंचाई विभाग की कॉलोनी निवासी रमेश चंद्र रोजा सेक्शन में जेई के पद पर तैनात हैं। रमेश चंद्र के मुताबिक अभिषेक ने दो साल पहले केंद्रीय विद्यालय नंबर दो में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। जिसमें वह फेल हो गया था। इसके बाद उसने अगली साल प्राइवेट परीक्षा दी, उसमें भी वह फेल गया था। हाईस्कूल में फेल होने के बाद से ही अभिषेक डिप्रेशन में रहने लगा था। इस वर्ष अभिषेक ने कलान के स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हो गया था। अभिषेक रोजाना की तरह सुबह साढ़े चार बजे घर से टहलने के लिए निकाला था। काफी देर तक जब अभिषेक टहलकर वापस नहीं आया तो रमेश चंद्र और उनके बड़े बेटे अशोक ने उसकी तलाश शुरु की। अभिषेक को खोजते हुए अशोक लालपुल के पास पहुंचा तो अभिषेक का क्षतविक्षित शव रेलवे लाइन पर पड़ा देखा। अभिषेक का एक पैर तो कुत्ते श्मशान घाट के पास उठा ले गए थे। अभिषेक के शव का कुछ हिस्सा पुल के उस तरफ पड़ा मिला। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अभिषेक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, जिससे उसका शरीर क्षतविक्षत हो गया। मौके पर पहुंची सदर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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बेटे की मौत से मां हुई बेसुध
अभिषेक की मौत से उसकी मां राजेश्वरी देवी बेसुध हो र्गइं। परिवार वालों ने काफी देर तक तो उन्हें अभिषेक की मौत होने की सूचना नहीं दी। उन्हें बताया गया कि अभिषेक के चोट लगी है और वह अस्पताल में भर्ती है, लेकिन कुछ समय बाद राजेश्वरी समझ गईं कि उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी हो गई है। वह बार-बार गश खाकर बेहोश हो जाती हैं। बेटी अर्चना और बेटे अशोक और ब्रजेश मां को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
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करीब आधा घंटा तक ट्रेन यातायात बाधित रहा
अभिषेक के शरीर के कई हिस्से हो गए थे। शव का कुछ हिस्सा खन्नौत नदी के पुल और कुछ हिस्सा पुल के उस तरफ पड़ा था। जिसे उठाने के लिए पुलिस ने रेलवे अधिकारियों से कुछ देर के लिए ट्रेन संचालन रोकने की परमीशन ली। इसके बाद अभिषेक के शव को उठाया जा सका।