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लोहे की रॉड मारकर युवक की हत्या
शाहजहांपुर
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:50 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र में कांशीराम कॉलोनी के पास नहर किनारे सोमवार की देर रात मोहल्ला सिंजई में रहने वाले 27 वर्षीय मनोज साहू का शव लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला। मृतक के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया था। शव से कुछ दूरी पर लोहे की रॉड और हंसिया पड़ा हुआ मिला है। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसके दो सालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस वारदात के पीछे अवैध संबंधों को मूल वजह माना जा रहा है। पुलिस इस मामले में हर कोण से वजह और हत्यारों का नाम जानने में जुटी है।
शहर के मोहल्ला सिंजई में रहने वाले रामकुमार साहू का बेटा मनोज साहू मोहल्ला हुंडाल खेल में मोबाइल की शॉप चलाता था। रामकुमार के मुताबिक मनोज रात नौ बजे दुकान बंद करके दुकान के सामने रहने वाले अपने दोस्त रचित के साथ दावत में जाने की बात कहकर निकला था। उसने बताया था कि वह कांशीराम कॉलोनी में एक दोस्त के घर दावत खाने जा रहा है। रात करीब 11.30 बजे उन्हें पुलिस से सूचना मिली कि मनोज का शव कांशीराम कॉलोनी के पास से निकलने वाली नहर के पास पड़ा मिला है। मनोज के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया था। पुलिस ने शव से कुछ दूरी पर पड़े मिले रक्तरंजित लोहे की रॉड और हंसिया को अपने कब्जे में सुरक्षित रख लिया है। मनोज के दो मोबाइल, बाइक और पर्स गायब हैं। पुलिस ने रचित को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मृतक के परिवार वालों को सौंप दिया।
मनोज के दो सालों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट
रामकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दो साल पहले उन्होंने मनोज की शादी फर्रुखाबाद के कायमगंज निवासी रामासरे राठौर की बेटी दीपिका से की थी। दीपिका दिमाग की कमजोर थी। इसके चलते शादी के तीन महीने बाद ही मनोज ने उसे छोड़ दिया था और बीती जुलाई में तलाक के लिए कोर्ट में मुकदमा किया था। इसी को लेकर दीपिका के भाई आलोक और राजीव 10 लाख रुपये की मांग रहे थे। रुपये नहीं देने पर दहेज का मुकदमा लिखाने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने आशंका जताई है कि आलोक और राजीव ने ही मनोज की हत्या की है।
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किसी लड़की ने फोन करके बुलाया था मनोज को
रचित से पूछताछ में पुलिस को पता लगा है कि सोमवार शाम को कांशीराम में रहने वाली किसी लड़की ने मनोज को फोन करके बुलाया था। बताया जाता है कि उस लड़की से मनोज के संबंध थे। मनोज अपने साथ रचित को लेकर लड़की से मिलने गया था। रचित के मुताबिक रात में कांशीराम कॉलोनी जाने वाले रोड पर दो युवकों ने उनकी बाइक रोक ली और पिटाई करने लगे थे, तो यह किसी तरह से अपनी जान बचाकर भागा। बाद में उसे दोस्त के मारे जाने की सूचना मिली तो वह अंदर से दहल गया।
कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मनोज के गायब दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई है। दोनों मोबाइल की अंतिम लोकेशन की जानकारी जुटाई जा रही है। तफ्तीश में जुटी टीम को हत्यारों के बारे में इसी डिटेल से सही क्लू मिलने की संभावना है।
मनोज के घर में मचा कोहराम
मनोज अपने पांच भाईयों में चौथे नंबर पर था। बड़े भाई शिवकुमार, रविकुमार, मोहन और छोटे भाई हर्षित का रो-रोकर बुरा हाल है। मां कमल लता और बहन वंदना भी बेसुध हैं। मोहल्ले वालों के मुताबिक मनोज स्वाभाव से बहुत अच्छा था। उसका कभी किसी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ। वह अपनी दुकान पर मस्त रहता था।
मनोज के पिता की तहरीर पर उसके सालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रचित से पूछताछ की जा रही है। मनोज के मोबाइलों की कॉल डिटेल निकलवाई गई है। तत्काल हत्या की वजह और हत्यारों के बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है। सभी संभावित कोण से मामले की तफ्तीश की जा रही है और आशा है कि जल्द ही सारा राज खुलकर सामने आ जाएगा।
- केके तिवारी, इंस्पेक्टर कोतवाली
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शहर के मोहल्ला सिंजई में रहने वाले रामकुमार साहू का बेटा मनोज साहू मोहल्ला हुंडाल खेल में मोबाइल की शॉप चलाता था। रामकुमार के मुताबिक मनोज रात नौ बजे दुकान बंद करके दुकान के सामने रहने वाले अपने दोस्त रचित के साथ दावत में जाने की बात कहकर निकला था। उसने बताया था कि वह कांशीराम कॉलोनी में एक दोस्त के घर दावत खाने जा रहा है। रात करीब 11.30 बजे उन्हें पुलिस से सूचना मिली कि मनोज का शव कांशीराम कॉलोनी के पास से निकलने वाली नहर के पास पड़ा मिला है। मनोज के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया था। पुलिस ने शव से कुछ दूरी पर पड़े मिले रक्तरंजित लोहे की रॉड और हंसिया को अपने कब्जे में सुरक्षित रख लिया है। मनोज के दो मोबाइल, बाइक और पर्स गायब हैं। पुलिस ने रचित को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मृतक के परिवार वालों को सौंप दिया।
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मनोज के दो सालों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट
रामकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि दो साल पहले उन्होंने मनोज की शादी फर्रुखाबाद के कायमगंज निवासी रामासरे राठौर की बेटी दीपिका से की थी। दीपिका दिमाग की कमजोर थी। इसके चलते शादी के तीन महीने बाद ही मनोज ने उसे छोड़ दिया था और बीती जुलाई में तलाक के लिए कोर्ट में मुकदमा किया था। इसी को लेकर दीपिका के भाई आलोक और राजीव 10 लाख रुपये की मांग रहे थे। रुपये नहीं देने पर दहेज का मुकदमा लिखाने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने आशंका जताई है कि आलोक और राजीव ने ही मनोज की हत्या की है।
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किसी लड़की ने फोन करके बुलाया था मनोज को
रचित से पूछताछ में पुलिस को पता लगा है कि सोमवार शाम को कांशीराम में रहने वाली किसी लड़की ने मनोज को फोन करके बुलाया था। बताया जाता है कि उस लड़की से मनोज के संबंध थे। मनोज अपने साथ रचित को लेकर लड़की से मिलने गया था। रचित के मुताबिक रात में कांशीराम कॉलोनी जाने वाले रोड पर दो युवकों ने उनकी बाइक रोक ली और पिटाई करने लगे थे, तो यह किसी तरह से अपनी जान बचाकर भागा। बाद में उसे दोस्त के मारे जाने की सूचना मिली तो वह अंदर से दहल गया।
कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मनोज के गायब दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई है। दोनों मोबाइल की अंतिम लोकेशन की जानकारी जुटाई जा रही है। तफ्तीश में जुटी टीम को हत्यारों के बारे में इसी डिटेल से सही क्लू मिलने की संभावना है।
मनोज के घर में मचा कोहराम
मनोज अपने पांच भाईयों में चौथे नंबर पर था। बड़े भाई शिवकुमार, रविकुमार, मोहन और छोटे भाई हर्षित का रो-रोकर बुरा हाल है। मां कमल लता और बहन वंदना भी बेसुध हैं। मोहल्ले वालों के मुताबिक मनोज स्वाभाव से बहुत अच्छा था। उसका कभी किसी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ। वह अपनी दुकान पर मस्त रहता था।
मनोज के पिता की तहरीर पर उसके सालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रचित से पूछताछ की जा रही है। मनोज के मोबाइलों की कॉल डिटेल निकलवाई गई है। तत्काल हत्या की वजह और हत्यारों के बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है। सभी संभावित कोण से मामले की तफ्तीश की जा रही है और आशा है कि जल्द ही सारा राज खुलकर सामने आ जाएगा।
- केके तिवारी, इंस्पेक्टर कोतवाली