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तिलहर में नारकोटिक्स टीम का छापा, हड़कंप
तिलहर।
Updated Tue, 07 Jul 2015 11:31 PM IST
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नारकोटिक्स विभाग की टीम ने मंगलवार को कस्बे में मेडिकल स्टोरों को छापा मारा। इससे दवा व्यापारियों में हड़कंप मच गया। दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। इसी दौरान बहादुरगंज और रेलवे फाटक के पास छापेमारी कर टीम ने भारी मात्रा में नशे के इंजेक्शन बरामद किए।
एसपी नारकोटिक्स डीके सिन्हा की अगुवाई में टीम ने बहादुरगंज में इरशाद मेडिकल स्टोर और साईं मेडिकल स्टोर और रेलवे फाटक के पास वर्मा मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में नशे के इंजेक्शन बरामद किए। इस दौरान क्रमश: इरशाद खां, मोनू और घासी राम, तीनों दवा व्यापारियों को हिरासत में ले लिया गया। इनसे चीनी मिल के निकट स्थित नारकोटिक्स विभाग की कोठी में घंटों पूछताछ की गई। पत्रकारों को भी उनसे नहीं मिलने दिया गया। बाद में टीम तीनों को लेकर बरेली चली गई।
कांग्रेस नेता की मौजूदगी से उठे सवाल
छापेमारी के बाद पूछताछ के नाम पर घंटों नारकोटिक्स परिसर में नजरबंद रखने तथा किसी से न मिलने देने के बावजूद एक कांग्रेस नेता को ससम्मान अंदर बुलाने से नारकोटिक्स टीम की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठी हैं। सुपरिंटेंडेंट डीके सिन्हा ने जहां पत्रकारों को आरोपियों से नहीं मिलने दिया गया। वहीं एक कांग्रेस नेता को अंदर खुद बुलाकर ले जाने से तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कुछ लोेगों ने इसे टीम को मैनेज करने के रूप में देखा।
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एसपी नारकोटिक्स डीके सिन्हा की अगुवाई में टीम ने बहादुरगंज में इरशाद मेडिकल स्टोर और साईं मेडिकल स्टोर और रेलवे फाटक के पास वर्मा मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में नशे के इंजेक्शन बरामद किए। इस दौरान क्रमश: इरशाद खां, मोनू और घासी राम, तीनों दवा व्यापारियों को हिरासत में ले लिया गया। इनसे चीनी मिल के निकट स्थित नारकोटिक्स विभाग की कोठी में घंटों पूछताछ की गई। पत्रकारों को भी उनसे नहीं मिलने दिया गया। बाद में टीम तीनों को लेकर बरेली चली गई।
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कांग्रेस नेता की मौजूदगी से उठे सवाल
छापेमारी के बाद पूछताछ के नाम पर घंटों नारकोटिक्स परिसर में नजरबंद रखने तथा किसी से न मिलने देने के बावजूद एक कांग्रेस नेता को ससम्मान अंदर बुलाने से नारकोटिक्स टीम की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठी हैं। सुपरिंटेंडेंट डीके सिन्हा ने जहां पत्रकारों को आरोपियों से नहीं मिलने दिया गया। वहीं एक कांग्रेस नेता को अंदर खुद बुलाकर ले जाने से तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कुछ लोेगों ने इसे टीम को मैनेज करने के रूप में देखा।
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