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पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का भतीजा फंदे से लटका मिला
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:11 PM IST
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पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का भतीजा फंदे से लटका मिला
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
रविवार की सुबह रोजा मंडी के सरकारी आवास में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री और भाजपा नेता अरुण सागर के भतीजे और मंडी कर्मी के 25 साल के पुत्र वीरेंद्र सागर की लाश फंदे पर लटकती मिली। परिस्थितियां किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रही हैं, फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस को तलाशी के दौरान सुसाइड नोट भी मिला। इसमें मृतक ने आत्महत्या करने की बात कही है, लेकिन आत्महत्या क्यों की इसका कारण साफ नहीं हो सका है।
बता दें कि रोजा मंडी में चतुर्थ श्रेणी के पद पर रामेश्वर दयाल कार्यरत हैं। इनके चार बेटे हैं। पत्नी का निधन पहले ही हो चुका है। दो अन्य बेटियां हैं। रामेश्वर को एक कमरे का सरकारी मकान मिला है, जिसमें सभी साथ-साथ रहते हैं। चूंकि दो बेटे पढ़ने वाले हैं इसलिए मंडी के महेश माली के मकान को किराए पर ले रखा था।
रामेश्वर ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात उसका बेटा वीरेंद्र सागर खाना खाकर महेश वाले मकान में सोने के लिए आया था। सुबह उसका बेटा आलोक जब चाय लेकर गया तो घर का दरवाजा खुला था उसकी लाश कमरे में पंखे के हुक में लटक रही थी। वहीं पर उसकी साइकिल खड़ी थी और दोनों पैर जमीन पर लग रहे थे।
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घरवालों ने घटना की जानकारी मृतक के चाचा पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अरुण सागर को दी। उनके आने तक लाश को मौके से उतरने नहीं दिया गया। श्री सागर अपनी मीटिंग को छोड़कर रविवार की सुबह दस बजे घटना स्थल पर पहुंच गए।
पहली नजर से पुलिस को किसी अनहोनी की आशंका हुई, लेकिन जब लाश को उतारा गया तो उसकी तलाशी में पीछे की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें वीरेंद्र सागर ने आत्महत्या करने की बात स्वीकार करते हुए किसी को परेशान नहीं करने की बात लिखी है। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सवाल यह है कि किन परिस्थितियों में वीरेंद्र ने आत्महत्या की, उसकी कोई वजह पुलिस की समझ में नहीं आ रही है। अलबत्ता, घटनास्थल पर साइकिल और पैरों में जमीन लगने की स्थितियां किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रही हैं। इस पर परिवार का कोई सदस्य कुछ बता पाने की स्थिति में नही है।
रोजा मंडी में वीरेंद्र सागर की लाश बरामद हुई है। उसकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। लाश का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई हो सकेगी।
- नरेंद्र देव पाठक, प्रभारी निरीक्षक रोजा
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बता दें कि रोजा मंडी में चतुर्थ श्रेणी के पद पर रामेश्वर दयाल कार्यरत हैं। इनके चार बेटे हैं। पत्नी का निधन पहले ही हो चुका है। दो अन्य बेटियां हैं। रामेश्वर को एक कमरे का सरकारी मकान मिला है, जिसमें सभी साथ-साथ रहते हैं। चूंकि दो बेटे पढ़ने वाले हैं इसलिए मंडी के महेश माली के मकान को किराए पर ले रखा था।
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रामेश्वर ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात उसका बेटा वीरेंद्र सागर खाना खाकर महेश वाले मकान में सोने के लिए आया था। सुबह उसका बेटा आलोक जब चाय लेकर गया तो घर का दरवाजा खुला था उसकी लाश कमरे में पंखे के हुक में लटक रही थी। वहीं पर उसकी साइकिल खड़ी थी और दोनों पैर जमीन पर लग रहे थे।
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घरवालों ने घटना की जानकारी मृतक के चाचा पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अरुण सागर को दी। उनके आने तक लाश को मौके से उतरने नहीं दिया गया। श्री सागर अपनी मीटिंग को छोड़कर रविवार की सुबह दस बजे घटना स्थल पर पहुंच गए।
पहली नजर से पुलिस को किसी अनहोनी की आशंका हुई, लेकिन जब लाश को उतारा गया तो उसकी तलाशी में पीछे की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें वीरेंद्र सागर ने आत्महत्या करने की बात स्वीकार करते हुए किसी को परेशान नहीं करने की बात लिखी है। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सवाल यह है कि किन परिस्थितियों में वीरेंद्र ने आत्महत्या की, उसकी कोई वजह पुलिस की समझ में नहीं आ रही है। अलबत्ता, घटनास्थल पर साइकिल और पैरों में जमीन लगने की स्थितियां किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रही हैं। इस पर परिवार का कोई सदस्य कुछ बता पाने की स्थिति में नही है।
रोजा मंडी में वीरेंद्र सागर की लाश बरामद हुई है। उसकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। लाश का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई हो सकेगी।
- नरेंद्र देव पाठक, प्रभारी निरीक्षक रोजा