फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Five to life imprisonment

हत्या के मामले में पिता पुत्रों समेत पांच को उम्रकैद

Fri, 05 Jun 2015 11:30 PM IST
श्ााहजहांपुर।
श्ााहजहांपुर। Updated Fri, 05 Jun 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन
Five to life imprisonment
 मुकदमे में गवाही देने की रंजिश में की गई हत्या के पांच दोषियों को प्रथम
विज्ञापन
एडीजे उमेश कुमार शर्मा ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।

मामला पुवायां थाना क्षेत्र के गांव धर्मंगदापुर खुर्द का है। गांव के परमहंस ने अपने पिता मैकूलाल की हत्या का आरोप लगाते हुए 16 मार्च 2005 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके अनुसार मैकूलाल ने एक मुकदमे में मुल्जिमानों के विरुद्ध गवाही दी थी। इस बात से मुल्जिमान रंजिश मानने लगे।

16 मार्च, 2005 की रात दो बजे जब मैकूलाल घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे थे, तभी गांव के हीरालाल, उसके पुत्र कामता, सोबरन व तौलेराम और उसके पुत्र सोनपाल और गांव के द्वारिका रायफल और कांता लेकर घर में घुस आए और पिता की हत्या कर दी।

साक्ष्यों का अवलोकन और सरकारी वकील वंशीलाल के तर्कों से सहमत होकर जज ने तौलेराम, हीरालाल, सोबरन, कामता और सोनपाल को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान आरोपी द्वारिका की मौत हो गई थी।
हत्या की कोशिश करने के
आरोपी को 10 साल कैद

शाहजहांपुर। हत्या की कोशिश करने के मामले में एडीजे 25 भगवती प्रसाद सक्सेना ने जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव कोला निवासी रामशंकर को 10 साल कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

जलालाबाद के कोठीवाला बाग निवासी जोगेंद्र सिंह ने अपने भाई महेंद्र पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए कोला गांव के धर्मेंद्र, बाबू, अवनीश व रामशंकर के विरुद्ध रिपोर्ट लिखाई थी। इसके अनुसार 29 जुलाई 2006 को इनका भाई महेंद्र एलमपुर की बगिया में मछली पकड़ने जा रहा था,

 तभी रास्ते में इन लोगों ने महेंद्र पर जान से मारने के इरादे से हमला कर दिया था। पुलिस ने 19 अगस्त को आरोपित बाबू को मय तमंचा गिरफ्तार कर लिया। बाबू ने उसी तमंचे से महेंद्र को गोली मारना स्वीकार कर लिया था।

साक्ष्यों के आधार पर जज ने रामशंकर को हत्या के प्रयास का दोषी मानकर 10 वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में अन्य आरोपितों की पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। आरोपित रामशंकर दो सितंबर 2011 को न्यायालय में उपस्थित नहीं था। इसलिए इसकी पत्रावली पृथक कर दी गई थी। शुक्रवार को सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed