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फसली क्षति से परेशान आठ और किसानों की गई जान
शाहजहांपुर
Updated Wed, 22 Apr 2015 11:49 PM IST
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जिले में फसली नुकसान से परेशान आठ और किसानों की पिछले 24 घंटे के दौरान मौत हो गई। सिंधौली क्षेत्र के आलमपुर गांव में सात लाख के बैंक कर्ज के बोझ से पहले से दबे चल रहे 60 वर्षीय बालिस्टर सिंह ने फसल बरबाद देखी तो बुधवार को सुबह गांव के बाहर तालाब में कूदकर जान दे दी। पुवायां क्षेत्र के गांव गौंटिया इकघरा निवासी 40 वर्षीय शिवदयाल ने फसली नुकसान के संताप से उबरने के लिए फांसी लगा ली और निगोही क्षेत्र के राघवपुर सिकंदरपुर गांव में 38 वर्षीय कल्लू ने जहर खाकर जान दे दी। जलालाबाद के शेरपुर गांव में नुकसान से परेशान 58 वर्षीय कुंवर बहादुर के लिए बैंक लोन की अदायगी का नोटिस जानलेवा बन गया। पुवायां क्षेत्र के गांव बलरामपुर मोहनपुर में 35 वर्षीय बेचेलाल राहत सहायता की बाट जोहते हुए स्वर्ग सिधार गए। इसी क्षेत्र के गांव औरंगाबाद में 60 वर्षीय मेंहदी हसन नुकसान का गम बर्दाश्त नहीं कर पाए। उधर, मदनापुर क्षेत्र के अमरौली गांव में 38 वर्षीय बसंत कुमार और नारायणपुर पट्टी परमू निवासी 60 वर्षीय रामऔतार की फसली नुकसान ने जान ले ली। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक 46 किसानों की अस्वाभाविक मौत हो चुकी है।
बेटी की बारात से पहले फांसी पर झूले शिवदयाल
पुवायां। गांव इकघरा गौंटिया के शिवदयाल कश्यप के दो बच्चे हैं। 19 वर्षीय बेटी पूजा की शादी उन्होंने मोहम्मदी के गांव सिमरा में तय की थी। 27 अप्रैल को शादी की तिथि तय की गई थी। भूमिहीन होने के कारण शिवदयाल मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते थे। बिटिया की शादी के खर्च को देखते हुए उन्होंने जमा पूंजी से चार एकड़ खेत ठेके पर ले लिया। उम्मीद थी कि इतना गेहूं मिल जाएगा कि फसल बेचकर बिटिया की शादी आराम से हो जाएगी। फसल खराब होने से शिवदयाल परेशान रहने लगे। मंगलवार को चार एकड़ में मात्र दस क्विंटल गेहूं निकला। शादी में पांच दिन का समय रह जाने और गेहूं बेहद कम निकलने से शिवदयाल इतने परेशान हुए कि बुधवार सुबह घर की पशुशाला में फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी ने शव लटकता देखा शोर मचाया तो गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। मामले की जानकारी तहसील प्रशासन को भी दी गई, लेकिन किसी ने भी मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
राहत राशि नहीं मिलने पर बेचेलाल की सांसें थमीं
पुवायां। गांव बलरामपुर मोहनपुर के 55 वर्षीय बेचेलाल का चार बीघा गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया था। इससे वह काफी परेशान थे। पुत्री पूनम की शादी तय करने के लिए उन्हें बृहस्पतिवार को रिश्तेदारी में जाना था, लेकिन रुपए नहीं होने से वह बेहद निराश थे। सरकार से सहायता मिलने की जानकारी हुई तो कुछ उम्मीद बंधी। परिवार के लोगों ने बताया कि सहायता राशि पाने के लिए बेचेलाल लगातार तहसील के चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को भी वह तहसील गए, लेकिन कर्मचारियों ने तहसील दिवस होने की बात कहते हुए उन्हें टरका दिया। बेचेलाल घर पहुंचे तो बेहद हताश थे। उन्होंने परिवार के लोगों से कहा कि सहायता मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। चार बार चक्कर लगाने के बाद भी तहसील में किसी ने सीधे मुंह बात नहीं की। इसके बाद वह घर के पास ही लघुशंका को चले गए। देर तक वापस नहीं आने पर परिवार के लोगों ने तलाश की तो वह मृत पड़े मिले।
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तालाब में कूदकर बालिस्टर ने दे दी जान
पुवायां। दस एकड़ में मात्र 20 क्विंटल गेहूं निकला तो सिंधौली के गांव आलमपुर के बालिस्टर सिंह के सामने बैंक का कर्ज निपटाने, परिवार का खर्च चलाने आदि चिंताएं आ खड़ी हुईं। परेशान होकर उन्होंने मंगलवार रात तालाब में कूदकर जान दे दी। उनके इकलौते पुत्र अरुणेश सिंह ने बताया कि पिता के नाम गांव कोरोकुइयां की ओरियंटल बैंक का सात लाख रुपया कर्ज है। इस बार दस एकड़ में खडे़ गेहूं से कुछ कर्ज निपट जाने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश और तेज हवा ने गेहूं चटाई की तरह बिछा दिया। उन्होंने बेटे से गेहूं कम निकलने और कर्ज आदि के संबंध में बात की। शाम को उन्होंने खाना भी नहीं खाया। रात में अरुणेश एक तिलक समारोह में चला गया तो बालिस्टर सिंह ने खेत के पास तालाब में कूदकर जान दे दी। बुधवार सुबह उनका शव तालाब में पड़ा मिला। उनकी चप्पलें तालाब के किनारे रखी मिलीं।
बेटी की शादी का अरमान लेकर चल बसे मेंहदी हसन
खुटार। क्षेत्र के गांव औरंगाबाद निवासी मेंहदी हसन की पुत्री रुखसाना की 17 मई को शादी है। पुवायां के गांव अनावा से रिश्ता तय होने के बाद वह शादी की तैयारियों में जुटे थे। चार एकड़ गेहूं फसल बर्बाद होने से वह परेशान रहते थे। मंगलवार रात अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। सीने में दर्द की शिकायत पर परिवार के लोगों ने इलाज के लिए ले जाने की तैयारी की, लेकिन तक तब उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि मेंदही हसन पर एक लाख रुपये का सरकारी कर्ज और 28 हजार रुपये से अधिक बिजली बिल भी बकाया था।
लोन अदायगी का नोटिस बन गया जानलेवा
जलालाबाद। बैंक से लिए कर्ज का नोटिस मिलने के बाद पहले से ही परेशान क्षेत्र के गांव शेरपुर चुरघटी के कुंवर बहादुर काफी व्यथित थे। उन्होंने उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक से 75 हजार का लोन भी लिया था। आलू तथा धान की फसलों में घाटा हो जाने के कारण उक्त ऋण की अदायगी नहीं हो पाई थी चार दिन पहले ही उन्हें ऋण जमा करने संबंधी नोटिस बैंक से जारी हुआ तो उनकी नींद उड़ गई। उनके पुत्र रघुवीर के अनुसार 20 बीघा में एक क्विंटल गेहूं देख वह देर शाम खेत से लौटने के बाद उसके पिता चारपाई पर लेट गए। हालत ठीक न देख गांव के डाक्टर से दवा लेकर दी, लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
परेशानी मिटाने को कल्लू ने खा लिया जहर
निगोही। क्षेत्र के गांव राघवपुर सिंकदरपुर निवासी 38 वर्षीय कल्लू उर्फ आदेश ने फसली नुकसान से आहत होकर बुधवार की सुबह अपने खेत पर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कल्लू ने दम तोड़ दिया। कल्लू की पत्नी सीमा के मुताबिक उनके पति के पास करीब एक एकड़ जमीन थी। चार दिन पहले खेत में गेहूं कम निकलने से वह काफी परेशान थे। सुबह करीब छह बजे कल्लू खेत पर गए और उन्होंने ने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद कल्लू लड़खड़ाते हुए घर पहुंचे। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ देर इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। सीमा ने बताया कि उनके पति से गांव में कुछ लोगों से कर्जा भी ले रखा था। पुलिस ने कल्लू के शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा प्रिजर्व कराया है।
बसंत ने खेत में तोड़ दिया दम
मदनापुर। थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव अमरौली निवासी बसंत कुमार की बुधवार की सुबह फसली नुकसान से आहत होकर खेत पर मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक बसंत ने 40 बीघा खेत में गेहूं की फसल लगाई थी। बारिश में काफी फसल बर्बाद हो गई। खेत में गिरा गेहूं काटने के लिए मजदूर नहीं मिले तो खुद इस काम में जुट गए। बसंत ने बैंक से पांच लाख रुपये का लोन भी ले रखा है। अगले महीने उनकी बेटी लक्ष्मी की शादी होनी थी। मौके पर पहुंचे लेखपाल ने मुआयना किया। पुलिस ने बसंत का शव कब्जे में लेेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नुकसान-कर्ज की दोहरी मार से चल बसे रामऔतार
मदनापुर। क्षेत्र के गांव नारायणपुर पट्टी परमू निवासी रामौतार की के खेत में मंगलवार की रात गेहूं गहाई हुई। फसल कम निकलने से परेशान रामौतार की खेत पर ही हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों के मुताबिक रामौतार के पास दो एकड़ जमीन है। उन्होंने फसल के लिए कर्जा भी ले रखा था। क्षेत्र के लेखपाल मुआयना करने गांव पहुंचे।
खुदकुशी के मामलोें की होगी जांच
‘इकघरा गौंटियां में शिवदयाल के फांसी लगा लेने और आलमपुर में बालिस्टर के तालाब में कूदकर जान देने की सूचनाएं मिलने पर दोनों प्रकरणों की जांच शुरू करा दी गई है। जांच रिपोर्ट उचित कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।’
- लाल बहादुर, एसडीएम पुवायां
48851 किसानों को मिले 17.24 करोड़ रुपये
जिले में अब तक फसली नुकसान से प्रभावित 48851 किसानों को 17.24 कोड़ रुपये की धनराशि के चेक दिए जा चुके हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बुधवार को सभी तहसीलों में कैंप लगाकर राहत वितरण का काम किया गया।
व्यक्तिगत कारणों से खुदकुशी कर रहे किसान!
शाहजहांपुर। जिला प्रशासन नहीं मानता कि किसान फसली नुकसान से आहत होकर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों की जांच कराने पर यही निष्कर्ष निकला कि किसान पारिवारिक और अन्य व्यक्तिगत कारणों से आत्महत्या कर रहे हैं। राहत राशि वितरण की मॉनीटरिंग कर रहे एडीएम (वित्त एवं राजस्व) पीके श्रीवास्तव के अनुसार मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आत्महत्या करने वाले अब तक पांच किसानों के मामलों की एसडीएम और तहसीलदार स्तर से जांच कराने पर यही स्पष्ट हुआ कि खुदकुशी की यह घटनाएं फसली नुकसान की वजह से नहीं हुईं। एडीएम ने बताया कि लालपुर के अशोक कुमार, बंडी गांव के कामता प्रसाद और खुदागंज क्षेत्र में अशरफ के परिवार की दयनीय आर्थिक हालत के आधार पर तीनों मृतकों के आश्रितोें को मुख्यमंत्री सहायता कोष से दो-दो लाख रुपये अनुग्रह राशि की संस्तुति की गई है।
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बेटी की बारात से पहले फांसी पर झूले शिवदयाल
पुवायां। गांव इकघरा गौंटिया के शिवदयाल कश्यप के दो बच्चे हैं। 19 वर्षीय बेटी पूजा की शादी उन्होंने मोहम्मदी के गांव सिमरा में तय की थी। 27 अप्रैल को शादी की तिथि तय की गई थी। भूमिहीन होने के कारण शिवदयाल मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते थे। बिटिया की शादी के खर्च को देखते हुए उन्होंने जमा पूंजी से चार एकड़ खेत ठेके पर ले लिया। उम्मीद थी कि इतना गेहूं मिल जाएगा कि फसल बेचकर बिटिया की शादी आराम से हो जाएगी। फसल खराब होने से शिवदयाल परेशान रहने लगे। मंगलवार को चार एकड़ में मात्र दस क्विंटल गेहूं निकला। शादी में पांच दिन का समय रह जाने और गेहूं बेहद कम निकलने से शिवदयाल इतने परेशान हुए कि बुधवार सुबह घर की पशुशाला में फांसी लगाकर जान दे दी। पत्नी ने शव लटकता देखा शोर मचाया तो गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। मामले की जानकारी तहसील प्रशासन को भी दी गई, लेकिन किसी ने भी मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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राहत राशि नहीं मिलने पर बेचेलाल की सांसें थमीं
पुवायां। गांव बलरामपुर मोहनपुर के 55 वर्षीय बेचेलाल का चार बीघा गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया था। इससे वह काफी परेशान थे। पुत्री पूनम की शादी तय करने के लिए उन्हें बृहस्पतिवार को रिश्तेदारी में जाना था, लेकिन रुपए नहीं होने से वह बेहद निराश थे। सरकार से सहायता मिलने की जानकारी हुई तो कुछ उम्मीद बंधी। परिवार के लोगों ने बताया कि सहायता राशि पाने के लिए बेचेलाल लगातार तहसील के चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को भी वह तहसील गए, लेकिन कर्मचारियों ने तहसील दिवस होने की बात कहते हुए उन्हें टरका दिया। बेचेलाल घर पहुंचे तो बेहद हताश थे। उन्होंने परिवार के लोगों से कहा कि सहायता मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। चार बार चक्कर लगाने के बाद भी तहसील में किसी ने सीधे मुंह बात नहीं की। इसके बाद वह घर के पास ही लघुशंका को चले गए। देर तक वापस नहीं आने पर परिवार के लोगों ने तलाश की तो वह मृत पड़े मिले।
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तालाब में कूदकर बालिस्टर ने दे दी जान
पुवायां। दस एकड़ में मात्र 20 क्विंटल गेहूं निकला तो सिंधौली के गांव आलमपुर के बालिस्टर सिंह के सामने बैंक का कर्ज निपटाने, परिवार का खर्च चलाने आदि चिंताएं आ खड़ी हुईं। परेशान होकर उन्होंने मंगलवार रात तालाब में कूदकर जान दे दी। उनके इकलौते पुत्र अरुणेश सिंह ने बताया कि पिता के नाम गांव कोरोकुइयां की ओरियंटल बैंक का सात लाख रुपया कर्ज है। इस बार दस एकड़ में खडे़ गेहूं से कुछ कर्ज निपट जाने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश और तेज हवा ने गेहूं चटाई की तरह बिछा दिया। उन्होंने बेटे से गेहूं कम निकलने और कर्ज आदि के संबंध में बात की। शाम को उन्होंने खाना भी नहीं खाया। रात में अरुणेश एक तिलक समारोह में चला गया तो बालिस्टर सिंह ने खेत के पास तालाब में कूदकर जान दे दी। बुधवार सुबह उनका शव तालाब में पड़ा मिला। उनकी चप्पलें तालाब के किनारे रखी मिलीं।
बेटी की शादी का अरमान लेकर चल बसे मेंहदी हसन
खुटार। क्षेत्र के गांव औरंगाबाद निवासी मेंहदी हसन की पुत्री रुखसाना की 17 मई को शादी है। पुवायां के गांव अनावा से रिश्ता तय होने के बाद वह शादी की तैयारियों में जुटे थे। चार एकड़ गेहूं फसल बर्बाद होने से वह परेशान रहते थे। मंगलवार रात अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। सीने में दर्द की शिकायत पर परिवार के लोगों ने इलाज के लिए ले जाने की तैयारी की, लेकिन तक तब उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि मेंदही हसन पर एक लाख रुपये का सरकारी कर्ज और 28 हजार रुपये से अधिक बिजली बिल भी बकाया था।
लोन अदायगी का नोटिस बन गया जानलेवा
जलालाबाद। बैंक से लिए कर्ज का नोटिस मिलने के बाद पहले से ही परेशान क्षेत्र के गांव शेरपुर चुरघटी के कुंवर बहादुर काफी व्यथित थे। उन्होंने उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक से 75 हजार का लोन भी लिया था। आलू तथा धान की फसलों में घाटा हो जाने के कारण उक्त ऋण की अदायगी नहीं हो पाई थी चार दिन पहले ही उन्हें ऋण जमा करने संबंधी नोटिस बैंक से जारी हुआ तो उनकी नींद उड़ गई। उनके पुत्र रघुवीर के अनुसार 20 बीघा में एक क्विंटल गेहूं देख वह देर शाम खेत से लौटने के बाद उसके पिता चारपाई पर लेट गए। हालत ठीक न देख गांव के डाक्टर से दवा लेकर दी, लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
परेशानी मिटाने को कल्लू ने खा लिया जहर
निगोही। क्षेत्र के गांव राघवपुर सिंकदरपुर निवासी 38 वर्षीय कल्लू उर्फ आदेश ने फसली नुकसान से आहत होकर बुधवार की सुबह अपने खेत पर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कल्लू ने दम तोड़ दिया। कल्लू की पत्नी सीमा के मुताबिक उनके पति के पास करीब एक एकड़ जमीन थी। चार दिन पहले खेत में गेहूं कम निकलने से वह काफी परेशान थे। सुबह करीब छह बजे कल्लू खेत पर गए और उन्होंने ने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद कल्लू लड़खड़ाते हुए घर पहुंचे। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ देर इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। सीमा ने बताया कि उनके पति से गांव में कुछ लोगों से कर्जा भी ले रखा था। पुलिस ने कल्लू के शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा प्रिजर्व कराया है।
बसंत ने खेत में तोड़ दिया दम
मदनापुर। थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव अमरौली निवासी बसंत कुमार की बुधवार की सुबह फसली नुकसान से आहत होकर खेत पर मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक बसंत ने 40 बीघा खेत में गेहूं की फसल लगाई थी। बारिश में काफी फसल बर्बाद हो गई। खेत में गिरा गेहूं काटने के लिए मजदूर नहीं मिले तो खुद इस काम में जुट गए। बसंत ने बैंक से पांच लाख रुपये का लोन भी ले रखा है। अगले महीने उनकी बेटी लक्ष्मी की शादी होनी थी। मौके पर पहुंचे लेखपाल ने मुआयना किया। पुलिस ने बसंत का शव कब्जे में लेेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नुकसान-कर्ज की दोहरी मार से चल बसे रामऔतार
मदनापुर। क्षेत्र के गांव नारायणपुर पट्टी परमू निवासी रामौतार की के खेत में मंगलवार की रात गेहूं गहाई हुई। फसल कम निकलने से परेशान रामौतार की खेत पर ही हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों के मुताबिक रामौतार के पास दो एकड़ जमीन है। उन्होंने फसल के लिए कर्जा भी ले रखा था। क्षेत्र के लेखपाल मुआयना करने गांव पहुंचे।
खुदकुशी के मामलोें की होगी जांच
‘इकघरा गौंटियां में शिवदयाल के फांसी लगा लेने और आलमपुर में बालिस्टर के तालाब में कूदकर जान देने की सूचनाएं मिलने पर दोनों प्रकरणों की जांच शुरू करा दी गई है। जांच रिपोर्ट उचित कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।’
- लाल बहादुर, एसडीएम पुवायां
48851 किसानों को मिले 17.24 करोड़ रुपये
जिले में अब तक फसली नुकसान से प्रभावित 48851 किसानों को 17.24 कोड़ रुपये की धनराशि के चेक दिए जा चुके हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बुधवार को सभी तहसीलों में कैंप लगाकर राहत वितरण का काम किया गया।
व्यक्तिगत कारणों से खुदकुशी कर रहे किसान!
शाहजहांपुर। जिला प्रशासन नहीं मानता कि किसान फसली नुकसान से आहत होकर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों की जांच कराने पर यही निष्कर्ष निकला कि किसान पारिवारिक और अन्य व्यक्तिगत कारणों से आत्महत्या कर रहे हैं। राहत राशि वितरण की मॉनीटरिंग कर रहे एडीएम (वित्त एवं राजस्व) पीके श्रीवास्तव के अनुसार मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आत्महत्या करने वाले अब तक पांच किसानों के मामलों की एसडीएम और तहसीलदार स्तर से जांच कराने पर यही स्पष्ट हुआ कि खुदकुशी की यह घटनाएं फसली नुकसान की वजह से नहीं हुईं। एडीएम ने बताया कि लालपुर के अशोक कुमार, बंडी गांव के कामता प्रसाद और खुदागंज क्षेत्र में अशरफ के परिवार की दयनीय आर्थिक हालत के आधार पर तीनों मृतकों के आश्रितोें को मुख्यमंत्री सहायता कोष से दो-दो लाख रुपये अनुग्रह राशि की संस्तुति की गई है।