{"_id":"5952a8a24f1c1bcb058b45c0","slug":"evidence-of-murder-wiped-out-by-police","type":"story","status":"publish","title_hn":" ‘पुलिस ने मिटा दिए हत्या के साक्ष्य’ ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘पुलिस ने मिटा दिए हत्या के साक्ष्य’
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
आरोप
- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोजा क्षेत्र में नींव की खुदाई के दौरान संदिग्ध हालात में मलबे में दबकर मरे मजदूर वेदपाल के घरवालों ने पुलिस पर हत्या के साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया है। पुलिस की जांच से नाराज मृतक के वृद्ध माता-पिता ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरना दिया। इस दौरान मृतक की मां ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन देकर बेटे की हत्या के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई।
रोजा क्षेत्र के जमुही गांव में बंद पड़ी मिल का कुछ हिस्सा नेशनल हाईवे के फोरलेन निर्माण में आने पर मिल मालिक ने मई में वहां बनी चहारदीवारी की ईंटें उखड़वाने का ठेका दिया था। गांव चकभिटारा निवासी युवक वेदपाल भी ईंटें उखाड़ने में जुटा था, लेकिन 21 मई को काम खत्म होने के बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। अगले दिन तलाश करने पर उसका शव संदिग्ध हालात में नींव के अंदर मिट्टी में दबा मिला।
पुलिस ने ठेकेदार से पूछताछ करने पर यह मामला हादसे का माना। प्रशासन ने भी मृतक के नेत्रहीन पिता तन्ने लाल और मां सुदामा देवी को आर्थिक सहायता देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसके विपरीत जिन हालातों में शव बरामद हुआ, उसे देखते हुए वेदपाल के घरवाले इसे हत्या का मामला मान रहे हैं। उन्होंने रोजा पुलिस को वेदपाल की हत्या होने के बारे में कई तर्क भी दिए, लेकिन पुलिस ने उन्हें अनसुना कर दिया। इसी के विरोध में मृतक के घरवालों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। ज्ञापन के अनुसार वेदपाल की हत्या षडयंत्र के तहत की गई है। शव बरामद होने पर वेदपाल के मुंह में कपड़ा और बेलचा ठुंसा मिला। पास की झाड़ियों मेें वेदपाल की साइकिल, तीन टिफिन और शराब के कुछ खाली पौव्वे भी मिले जो पुलिस उठा ले गई। पुलिस की कार्य प्रणाली से प्रतीत होता है कि उसने आरोपियों से बड़ी रकम ली है और इसीलिए हत्या को हादसे में बदलने पर आमादा है। धरने पर गिरीश चंद्र, संजीव कुमार, रेशमा, विमला, राजेश्वरी, शिवराम, सर्वेश कुमार, देवेंद्र कुमार, खुशीराम आदि बैठे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोजा क्षेत्र के जमुही गांव में बंद पड़ी मिल का कुछ हिस्सा नेशनल हाईवे के फोरलेन निर्माण में आने पर मिल मालिक ने मई में वहां बनी चहारदीवारी की ईंटें उखड़वाने का ठेका दिया था। गांव चकभिटारा निवासी युवक वेदपाल भी ईंटें उखाड़ने में जुटा था, लेकिन 21 मई को काम खत्म होने के बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। अगले दिन तलाश करने पर उसका शव संदिग्ध हालात में नींव के अंदर मिट्टी में दबा मिला।
विज्ञापन
पुलिस ने ठेकेदार से पूछताछ करने पर यह मामला हादसे का माना। प्रशासन ने भी मृतक के नेत्रहीन पिता तन्ने लाल और मां सुदामा देवी को आर्थिक सहायता देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसके विपरीत जिन हालातों में शव बरामद हुआ, उसे देखते हुए वेदपाल के घरवाले इसे हत्या का मामला मान रहे हैं। उन्होंने रोजा पुलिस को वेदपाल की हत्या होने के बारे में कई तर्क भी दिए, लेकिन पुलिस ने उन्हें अनसुना कर दिया। इसी के विरोध में मृतक के घरवालों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। ज्ञापन के अनुसार वेदपाल की हत्या षडयंत्र के तहत की गई है। शव बरामद होने पर वेदपाल के मुंह में कपड़ा और बेलचा ठुंसा मिला। पास की झाड़ियों मेें वेदपाल की साइकिल, तीन टिफिन और शराब के कुछ खाली पौव्वे भी मिले जो पुलिस उठा ले गई। पुलिस की कार्य प्रणाली से प्रतीत होता है कि उसने आरोपियों से बड़ी रकम ली है और इसीलिए हत्या को हादसे में बदलने पर आमादा है। धरने पर गिरीश चंद्र, संजीव कुमार, रेशमा, विमला, राजेश्वरी, शिवराम, सर्वेश कुमार, देवेंद्र कुमार, खुशीराम आदि बैठे।
विज्ञापन