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वृद्ध किसान ने लगाई शारदा नहर में छलांग
मकसूदापुर/बंडा
Updated Sat, 09 May 2015 11:54 PM IST
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दो एकड़ खेत में मात्र 15 क्विंटल गेहूं निकलने और पौत्री की शादी का इंतजाम न हो पाने से परेशान गांव मुड़िया छावन के किसान 65 वर्षीय जयराखन ने शनिवार सुबह शारदा नहर में छलांग लगा दी। शाम तक नहर में उनकी तलाश की जाती रही, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। पानी ज्यादा होने के कारण गोताखोरों को उन्हें तलाशने में दिक्कत आ रही है।
जयराखन के इकलौते बेटे शंकरलाल ने बताया कि उनके पिता के पास छह एकड़ जमीन है। तीन एकड़ जमीन दूसरे लोगों के पास पटके पर है। इस बार दो एकड़ में गेहूं बोया था। फसल के भरोसे ही उन्होंने अपनी पौत्री संतोषी की शादी तय कर रखी थी। पांच जून को बारात आनी है। जयराखन को दो एकड़ में खड़े गेहूं से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बारिश में फसल खराब हो गई। कुछ दिन पूर्व गेहूं की कटाई हुई तो महज 15 क्विंटल गेहूं ही निकला। इससे वह काफी परेशान थे। उधर, लेखपाल से सहायता राशि के लिए कहा गया तो उसने सुविधा शुल्क की मांग की।
शनिवार सुबह पिता पटके की भूमि के रुपये लेने की बात कहकर घर से निकले थे। सुबह लगभग साढ़े आठ बजे गांव मुड़िया छावन के धर्मपाल ने जयराखन को शारदा नहर पुल पर बैठे देखा।
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धर्मपाल के अनुसार जयराखन ने पहले नहर में डंडा फेंका और बाद में खुद छलांग लगा दी। धर्मपाल के शोर मचाने पर तमाम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन नहर में पानी ज्यादा होने के कारण किसी की उन्हें नहर में उतरकर उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं हुई। जानकारी पाकर परिवार के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ गोताखारों ने नहर में जयराखन की तलाश भी की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। परिवार के लोग मौके पर मौजूद हैं। एसओ रजी अहमद ने बताया कि जयराखन की तलाश की जा रही है। नहर में पानी ज्यादा होने के कारण समस्या आ रही है।
लेखपाल अरविंद मिश्रा ने बताया कि मृतक के पास छह एकड़ जमीन थी। पांच एकड़ जमीन तक के किसानों को ही मुआवजा दिया गया है। ऐसे में जयराखन को मुआवजे का सवाल ही नहीं उठता है। गांव के चेक प्रधान के सामने वितरित किए गए थे। उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
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जयराखन के इकलौते बेटे शंकरलाल ने बताया कि उनके पिता के पास छह एकड़ जमीन है। तीन एकड़ जमीन दूसरे लोगों के पास पटके पर है। इस बार दो एकड़ में गेहूं बोया था। फसल के भरोसे ही उन्होंने अपनी पौत्री संतोषी की शादी तय कर रखी थी। पांच जून को बारात आनी है। जयराखन को दो एकड़ में खड़े गेहूं से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बारिश में फसल खराब हो गई। कुछ दिन पूर्व गेहूं की कटाई हुई तो महज 15 क्विंटल गेहूं ही निकला। इससे वह काफी परेशान थे। उधर, लेखपाल से सहायता राशि के लिए कहा गया तो उसने सुविधा शुल्क की मांग की।
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शनिवार सुबह पिता पटके की भूमि के रुपये लेने की बात कहकर घर से निकले थे। सुबह लगभग साढ़े आठ बजे गांव मुड़िया छावन के धर्मपाल ने जयराखन को शारदा नहर पुल पर बैठे देखा।
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धर्मपाल के अनुसार जयराखन ने पहले नहर में डंडा फेंका और बाद में खुद छलांग लगा दी। धर्मपाल के शोर मचाने पर तमाम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन नहर में पानी ज्यादा होने के कारण किसी की उन्हें नहर में उतरकर उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं हुई। जानकारी पाकर परिवार के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ गोताखारों ने नहर में जयराखन की तलाश भी की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। परिवार के लोग मौके पर मौजूद हैं। एसओ रजी अहमद ने बताया कि जयराखन की तलाश की जा रही है। नहर में पानी ज्यादा होने के कारण समस्या आ रही है।
लेखपाल अरविंद मिश्रा ने बताया कि मृतक के पास छह एकड़ जमीन थी। पांच एकड़ जमीन तक के किसानों को ही मुआवजा दिया गया है। ऐसे में जयराखन को मुआवजे का सवाल ही नहीं उठता है। गांव के चेक प्रधान के सामने वितरित किए गए थे। उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।