फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   double murder

मोना की बेवफाई बर्दाश्त नहीं कर सका शिशुपाल

Sat, 03 Jan 2015 12:33 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Sat, 03 Jan 2015 12:33 AM IST
विज्ञापन
double murder
होमगार्ड शिशुपाल ने यूं ही इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे दिया। प्यार में बेवफाई आ जाने से वह काफी परेशान था और उसने अपनी प्रेमिका की ही जान ले ली। साथ ही खुद को भी मौत के हवाले कर दिया।
विज्ञापन

निगोही के चेना रुरिया का रहने वाला शिशुपाल, मोना को जान से ज्यादा चाहता था। वह मोना को किसी भी सूरत में खोना नहीं चाहता था। इसके लिए वह उसकी मां आशा वर्मा से मिलकर शादी की बात कर चुका था, लेकिन मां के न मानने के बावजूद वह मोना के पिता राजू वर्मा और उसके घरवालों को राजी करने के बाद ही शादी करना चाहता था। ऐसा शिशुपाल ने अपने सुसाइड नोट में भी लिखा है।
विज्ञापन

सुसाइड नोट के मुताबिक मोना और शिशुपाल एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। दोनों ने प्यार में जीने-मरने की कसमें खाईं थीं, लेकिन कुछ दिनों पहले ही शिशुपाल को पता चला कि मोना किसी और को प्यार करती है। मोना की बेवफाई को शिशुपाल बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। शायद इसी मामलेे को लेकर दोनों में कमरे के अंदर झगड़ा हुआ, जिसकी आवाज नीचे रह रहे मकान मालिक राजेश ने भी सुनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिशुपाल मोना से शादी करने का दबाव बना रहा था, जबकि मोना किसी भी कीमत पर उसकी बात मानने को तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर बात बढ़ गई और शिशुपाल ने उसे गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया।


पहले ही पूरी तैयारी
कर चुका था शिशुपाल
मोना के प्यार में पागल शिशुपाल घटना को अंजाम देने की तैयारी पहले ही कर चुका था। इसी वजह से उसने तमंचा और कई कारतूस कमरे में पहले से ही रख लिए थे। शिशुपाल ने तय कर लिया था कि यदि मोना नहीं मानी तो वह उसे जान से मार देगा और मोना के न मानने पर उसने ऐसा किया भी।

छह महीने पहले हनुमत धाम में मिले थे दोनों
शाहजहांपुर। मोना और शिशुपाल की मुलाकात हनुमत धाम में करीब छह महीने पहले हुई थी। वहीं दोनों ने एक-दूसरे को देखा था।
इन दिनों महिला थाना में तैनात शिशुपाल एक महीने पहले तक कोतवाली में कार्यरत था। इसी के चलते करीब छह माह पहले शिशुपाल की ड्यूटी सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए हनुमत धाम में लगाई गई थी। मोना, हनुमत धाम में अपनी बहन नैना के दो वर्षीय बेटे को घुमाने के लिए हनुमत धाम में आई थी। वहां पर दोस्ती करने के लिए शिशुपाल ने मोना की बहन के बेटे को खेलने के लिए गुब्बारा भी दिलाया था। एक-दूसरे से मिलने के बाद दोनों ने बातचीत शुरू कर दी। इसके बाद ही दोनों में प्यार पनप गया था।

रेडीमेड शॉप पर काम करती थी मोना
इस घटना में मरने वाले दोनों ही लोग नौकरी पेशा थे। शिशुपाल जहां होमगार्ड में संविदा पर कार्यरत था। वहीं, मोना भी गुदड़ी बाजार स्थित एक रेडीमेड की दुकान पर काम करती थी। इस वजह से वह दोनों सेल्फ डिपेंड थे।  

नए साल पर घर आया था  
मोना के पिता राजू वर्मा के मुताबिक नए साल पर शिशुपाल शुभकामनाएं देने के लिए घर आया था। वह साथ में फूल भी लाया था, जो उसने मोना की बहन के लड़के को दे दिया था। साथ ही मोना को विश भी किया था।


विवाहित था गैर बिरादरी का शिशुपाल
मोना के पिता राजू वर्मा के मुताबिक शिशुपाल गैर बिरादरी का होने के साथ ही विवाहित भी था। इस वजह से उन्होंने मोना की शादी शिशुपाल से करने के लिए मना कर दिया था। इससे गुस्साकर ही शिशुपाल ने घटना को अंजाम दे दिया। हालांकि विवाहित शिशुपाल का आठ माह पहले ही तलाक हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed