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घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए जिला पूर्ति अधिकारी
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 04 Nov 2015 12:00 AM IST
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जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव अगरौली स्थित प्रकाश पेट्रोल पंप का नया लाइसेंस बनाने के लिए पांच लाख रुपये मांगने और इसकी प्रक्रिया शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये पेशगी लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी वीके शुक्ला मंगलवार तीसरे पहर करीब सवा तीन बजे पुलिस के भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिए गए। सदर बाजार कोतवाली में ले जाकर उनसे पूछताछ कर शाम को 13 करप्शन एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया। बुधवार सुबह उन्हें बरेली में भ्रष्टाचार निवारण संबंधी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई का नेतृत्व कर रहीं भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की डीएसपी प्रज्ञा मिश्रा ने पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया कि बीते कई दिन से यहां के जिला पूर्ति अधिकारी के बारे में प्रकाश फ्यूल सेंटर नामक पेट्रोल पंप मालिक प्रकाश चंद की ओर से गत करीब दो माह से लगातार शिकायतें आ रही थी। बरेली जाकर इन्होंने हफ्ते भर पहले लिखित में शिकायत की कि इनके पेट्रोल पंप के लाइसेंस की समयसीमा खत्म हो गई थी और उसके रिनुअल के लिए पहले पांच लाख रुपये इस पूर्ति अधिकारी ने मांगे। बात नहीं बनी तो बाद में फिर नया लाइसेंस बनाकर काम शुरू करने की बात हुई और उसके लिए भी पांच लाख रुपये की मांग रख दी एवं उसकी प्रक्रिया शुरू करने के लिए पहले 50 हजार रुपये पेशगी की मांग की। लिखित में शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने तो पूर्ति अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचने की कार्रवाई की रणनीति बनाई और उसके लिए पहले शासन से अनुमति ली। साथ ही घूस लेते हुए राजपत्रित अधिकारी को पकड़ने के मामले में डीएम शुभ्रा सक्सेना की ओर से उपायुक्त मनरेगा आरके झा समेत दो जिला स्तरीय सरकारी अधिकारी टीम को मुहैया कराई गई। फिर पंप के प्रबंधक भानु प्रताप सिंह से दूरभाष पर पूर्ति अधिकारी की पेशगी की रकम देने की समय तय कराई गई और एक - एक हजार रुपये के 50 नोट पर केमिकल पाउडर लगाकर गड्डी तैयार की गई।
फिर पूरी टीम भानु प्रताप और गवाहों को साथ लेकर कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित जिला पूर्ति कार्यालय परिसर पहुंची। वहां भानु ने पूर्ति अधिकारी वीके शुक्ला का अभिवादन कर तय रकम दी और तभी टीम के सदस्यों ने पूर्ति अधिकारी को दबोच लिया। पानी से हाथ धुलवाए और नोटों को भी धुलावाया तो दोनों के रंग समान आए। जब्त नोटों पर वही नंबर मिले जो गड्डी बनाते वक्त टीम ने दर्ज किए थे। फिर पूर्ति अधिकारी को हिरासत में लेकर टीम सदर बाजार कोतवाली पहुंची और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। इस टीम में इंस्पेक्टर जय प्रकाश वर्मा, अमर सिंह, धर्मवीर सिंह और एसके मिश्र शामिल थे।
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मुझे फंसाया गया : वीके शुक्ला
शाहजहांपुर (ब्यूरो)। भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम की गिरफ्त में घूस लेते हुए पकड़े गए जिला पूर्ति अधिकारी को सदर बाजार कोतवाली लाए जाते ही मीडियाकर्मी जुट गए। पुलिस हिरासत में मीडिया से वीके शुक्ला ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया। कुछ माह पहले इस पंप पर कई खामियां और कमियां मिली थीं तो लाइसेंस निरस्त कराया था और तभी से साजिश रची जानी शुरू हुई।
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इस कार्रवाई का नेतृत्व कर रहीं भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की डीएसपी प्रज्ञा मिश्रा ने पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया कि बीते कई दिन से यहां के जिला पूर्ति अधिकारी के बारे में प्रकाश फ्यूल सेंटर नामक पेट्रोल पंप मालिक प्रकाश चंद की ओर से गत करीब दो माह से लगातार शिकायतें आ रही थी। बरेली जाकर इन्होंने हफ्ते भर पहले लिखित में शिकायत की कि इनके पेट्रोल पंप के लाइसेंस की समयसीमा खत्म हो गई थी और उसके रिनुअल के लिए पहले पांच लाख रुपये इस पूर्ति अधिकारी ने मांगे। बात नहीं बनी तो बाद में फिर नया लाइसेंस बनाकर काम शुरू करने की बात हुई और उसके लिए भी पांच लाख रुपये की मांग रख दी एवं उसकी प्रक्रिया शुरू करने के लिए पहले 50 हजार रुपये पेशगी की मांग की। लिखित में शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने तो पूर्ति अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचने की कार्रवाई की रणनीति बनाई और उसके लिए पहले शासन से अनुमति ली। साथ ही घूस लेते हुए राजपत्रित अधिकारी को पकड़ने के मामले में डीएम शुभ्रा सक्सेना की ओर से उपायुक्त मनरेगा आरके झा समेत दो जिला स्तरीय सरकारी अधिकारी टीम को मुहैया कराई गई। फिर पंप के प्रबंधक भानु प्रताप सिंह से दूरभाष पर पूर्ति अधिकारी की पेशगी की रकम देने की समय तय कराई गई और एक - एक हजार रुपये के 50 नोट पर केमिकल पाउडर लगाकर गड्डी तैयार की गई।
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फिर पूरी टीम भानु प्रताप और गवाहों को साथ लेकर कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित जिला पूर्ति कार्यालय परिसर पहुंची। वहां भानु ने पूर्ति अधिकारी वीके शुक्ला का अभिवादन कर तय रकम दी और तभी टीम के सदस्यों ने पूर्ति अधिकारी को दबोच लिया। पानी से हाथ धुलवाए और नोटों को भी धुलावाया तो दोनों के रंग समान आए। जब्त नोटों पर वही नंबर मिले जो गड्डी बनाते वक्त टीम ने दर्ज किए थे। फिर पूर्ति अधिकारी को हिरासत में लेकर टीम सदर बाजार कोतवाली पहुंची और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। इस टीम में इंस्पेक्टर जय प्रकाश वर्मा, अमर सिंह, धर्मवीर सिंह और एसके मिश्र शामिल थे।
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मुझे फंसाया गया : वीके शुक्ला
शाहजहांपुर (ब्यूरो)। भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम की गिरफ्त में घूस लेते हुए पकड़े गए जिला पूर्ति अधिकारी को सदर बाजार कोतवाली लाए जाते ही मीडियाकर्मी जुट गए। पुलिस हिरासत में मीडिया से वीके शुक्ला ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया। कुछ माह पहले इस पंप पर कई खामियां और कमियां मिली थीं तो लाइसेंस निरस्त कराया था और तभी से साजिश रची जानी शुरू हुई।