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बेटी का शव देख कातिल पति को ठुकराया
अमर उजाला ब्यूरो मकसूदापुर/बंडा।
Updated Fri, 12 May 2017 11:42 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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बंडा का रोशनी हत्याकांड
बिलखते हुए बोली मां, सजा दिलाकर ही दम लेगी
बेटी के गम में डूबी लाली ने आरोपी पति से नाता तोड़ लिया है। उसने कहा कि बेटी के कातिल के साथ वह एक पल भी नहीं रहेगी। उसे कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए अपने भाइयों की मदद लेगी। इससे पहले हत्यारोपी ने पत्नी को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन उसने पति की एक न सुनी।
मालूम हो कि गांव भगवंतापुर निवासी लालू ने अपनी आठ वर्षीय पुत्री रोशनी की बुधवार रात पीटकर हत्या कर दी थी। रोशनी का दोष सिर्फ इतना था कि वह खेलने के चक्कर में पिता को उसके पान के खोखे पर पानी देने जाना भूल गई थी। घटना के समय लालू की पत्नी अपने मायके गई थी। बेटी की मौत की खबर पाकर लाली शुक्रवार सुबह नौ बजे अपने मायके मऊ जिले से बंडा पहुंची। इस बीच पति लालू ने किसी पुलिसकर्मी के मोबाइल से उसे कॉल कर थाने बुलाया। पहले तो उसने बीमारी से रोशनी की मौत होने की बात कही लेकिन जब लाली ने कहा कि रोशनी को उसने पीट-पीटकर मार डाला है तो वह माफी मांगते हुए मदद की गुहार करने लगा, लेकिन लाली थाने से घर चली गईं। लाली ने बताया कि उसके पिता की एक सप्ताह पहले मौत हो गई थी। 17 मई को भंडारा होना है। इसमें लड़कियों का रहना जरूरी होता है। वह बेटे को लेकर मायके जाएगी। वहां से भाइयों को साथ लेकर लौटेगी। तब पति को सजा दिलाने के लिए पैरवी करेगी। लाली ने कहा कि वह पुत्री के हत्यारे के साथ अब नहीं रहना चाहती है।
पांच माह पहले ही सौतेले पिता के घर आई थी रोशनी
मकसूदापुर। रोशनी और किशन को जन्म देने के कुछ दिन बाद ही लाली को उसके पहले पति ने छोड़ दिया था। लाली की चचेरी बहन सरिता ने उसकी दूसरी शादी लालू से कराई थी। दूसरी शादी के बाद लाली अपनी पुत्री रोशनी को मायके में छोड़ आई थी। रोशनी अपने नाना और मामा के पास रहकर पढ़ रही थी। पांच महीना पहले जब लाली मायके गई तो लालू ने ही जिद करके रोशनी को यहां बुला लिया था। लाली के मुताबिक, एक सप्ताह पहले पिता की मौत की जानकारी पाकर वह बच्चों सहित मायके जाने के लिए निकली थी। पति लालू ही उसे गांव कढ़ेरचौरा में बस पर बिठाने गया था और यहां से रोशनी और किशन को कोल्डड्रिंक पिलाने का लालच देकर वापस ले गया। उसे पता होता कि पुत्री अब देखने को नहीं मिलेगी तो वह उसे हर हालत में साथ ले जाती।
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ताऊ ने किया रोशनी का अंतिम संस्कार
मकसूदापुर। रोशनी के ताऊ ने शुक्रवार को गांव भगवंतापुर के पास ही उसे दफना दिया। रोशनी के अंतिम संस्कार के समय गांव के लोग भी मौजूद रहे और उसकी मौत को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं करते रहे। पुलिस ने शुक्रवार को लालू को जेल भेज दिया।
मारपीट की रिपोर्ट दर्ज
पुवायां। गांव फत्तेपुर बुजुर्ग कनवासी तुलसीराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गांव के ही रामदेव से जगह के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। शुक्रवार सुबह रामदेव, प्रवीण कुमार और विनोद उसके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर पीटकर घायल कर दिया।
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बिलखते हुए बोली मां, सजा दिलाकर ही दम लेगी
बेटी के गम में डूबी लाली ने आरोपी पति से नाता तोड़ लिया है। उसने कहा कि बेटी के कातिल के साथ वह एक पल भी नहीं रहेगी। उसे कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए अपने भाइयों की मदद लेगी। इससे पहले हत्यारोपी ने पत्नी को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन उसने पति की एक न सुनी।
मालूम हो कि गांव भगवंतापुर निवासी लालू ने अपनी आठ वर्षीय पुत्री रोशनी की बुधवार रात पीटकर हत्या कर दी थी। रोशनी का दोष सिर्फ इतना था कि वह खेलने के चक्कर में पिता को उसके पान के खोखे पर पानी देने जाना भूल गई थी। घटना के समय लालू की पत्नी अपने मायके गई थी। बेटी की मौत की खबर पाकर लाली शुक्रवार सुबह नौ बजे अपने मायके मऊ जिले से बंडा पहुंची। इस बीच पति लालू ने किसी पुलिसकर्मी के मोबाइल से उसे कॉल कर थाने बुलाया। पहले तो उसने बीमारी से रोशनी की मौत होने की बात कही लेकिन जब लाली ने कहा कि रोशनी को उसने पीट-पीटकर मार डाला है तो वह माफी मांगते हुए मदद की गुहार करने लगा, लेकिन लाली थाने से घर चली गईं। लाली ने बताया कि उसके पिता की एक सप्ताह पहले मौत हो गई थी। 17 मई को भंडारा होना है। इसमें लड़कियों का रहना जरूरी होता है। वह बेटे को लेकर मायके जाएगी। वहां से भाइयों को साथ लेकर लौटेगी। तब पति को सजा दिलाने के लिए पैरवी करेगी। लाली ने कहा कि वह पुत्री के हत्यारे के साथ अब नहीं रहना चाहती है।
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पांच माह पहले ही सौतेले पिता के घर आई थी रोशनी
मकसूदापुर। रोशनी और किशन को जन्म देने के कुछ दिन बाद ही लाली को उसके पहले पति ने छोड़ दिया था। लाली की चचेरी बहन सरिता ने उसकी दूसरी शादी लालू से कराई थी। दूसरी शादी के बाद लाली अपनी पुत्री रोशनी को मायके में छोड़ आई थी। रोशनी अपने नाना और मामा के पास रहकर पढ़ रही थी। पांच महीना पहले जब लाली मायके गई तो लालू ने ही जिद करके रोशनी को यहां बुला लिया था। लाली के मुताबिक, एक सप्ताह पहले पिता की मौत की जानकारी पाकर वह बच्चों सहित मायके जाने के लिए निकली थी। पति लालू ही उसे गांव कढ़ेरचौरा में बस पर बिठाने गया था और यहां से रोशनी और किशन को कोल्डड्रिंक पिलाने का लालच देकर वापस ले गया। उसे पता होता कि पुत्री अब देखने को नहीं मिलेगी तो वह उसे हर हालत में साथ ले जाती।
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ताऊ ने किया रोशनी का अंतिम संस्कार
मकसूदापुर। रोशनी के ताऊ ने शुक्रवार को गांव भगवंतापुर के पास ही उसे दफना दिया। रोशनी के अंतिम संस्कार के समय गांव के लोग भी मौजूद रहे और उसकी मौत को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं करते रहे। पुलिस ने शुक्रवार को लालू को जेल भेज दिया।
मारपीट की रिपोर्ट दर्ज
पुवायां। गांव फत्तेपुर बुजुर्ग कनवासी तुलसीराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि गांव के ही रामदेव से जगह के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। शुक्रवार सुबह रामदेव, प्रवीण कुमार और विनोद उसके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर पीटकर घायल कर दिया।