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4.87 लाख के गबन में फंसे प्रधान
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 06 May 2015 11:16 PM IST
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विकास कार्यों के लिए निर्गत शासकीय धनराशि के गबन और दुरुपयोग की आरंभिक जांच में पुष्टि होने पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने जलालाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोरा महुआ गाड के प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ग्राम प्रधान को आरोपों पर सफाई देने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है।
दरअसल, गोरा महुआ गाड निवासी शैलेंद्र सिंह ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि ग्राम प्रधान रंजीत सिंह ने विकास कार्यों के नाम पर तमाम अनियमितताएं करके शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया है। डीएम ने आरईएस के एक्सईएन और जेई की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। अफसरों की टीम ने गांव का भ्रमण कर जांच की तो कई अनियमितताएं उजागर हुईं।
ग्राम प्रधान को भेजे गए नोटिस में रतीपाल के मकान से लेकर अहिबरन के मकान तक किए गए खड़ंजा निर्माण, फर्जी बिल वाउचर से ग्राम निधि खाते से रकम की निकासी, हैंडपंप मद की धनराशि के अनुचित आहरण आदि बिंदुओं का हवाला देते हुए तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी को भी समान रूप से दोषी माना है। डीएम ने कहा कि संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी।
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दरअसल, गोरा महुआ गाड निवासी शैलेंद्र सिंह ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि ग्राम प्रधान रंजीत सिंह ने विकास कार्यों के नाम पर तमाम अनियमितताएं करके शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया है। डीएम ने आरईएस के एक्सईएन और जेई की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। अफसरों की टीम ने गांव का भ्रमण कर जांच की तो कई अनियमितताएं उजागर हुईं।
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ग्राम प्रधान को भेजे गए नोटिस में रतीपाल के मकान से लेकर अहिबरन के मकान तक किए गए खड़ंजा निर्माण, फर्जी बिल वाउचर से ग्राम निधि खाते से रकम की निकासी, हैंडपंप मद की धनराशि के अनुचित आहरण आदि बिंदुओं का हवाला देते हुए तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी को भी समान रूप से दोषी माना है। डीएम ने कहा कि संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी।
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