{"_id":"18102e96fb08c2e43b668249b0684221","slug":"branch-manager-to-make-decisions-under-pressure-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाखा प्रबंधक फैसला करने का बना रहे दबाव ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शाखा प्रबंधक फैसला करने का बना रहे दबाव
खेड़ा बझेड़ा।
Updated Mon, 13 Apr 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के गांव खेड़ारठ की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक शिकायतकर्ता पर ग्रामीण द्वारा की गई शिकायत पर फैसले का दबाव बना रहे हैं।
जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी रमनपाल ने क्षेत्रीय महाप्रवंधक से शिकायत की थी कि उसने खादी ग्रामोद्योग से दुग्ध उत्पाद के लिए चार लाख की फाइल स्वीकृत कराई थी। इसे करने के लिए शाखा प्रबंधक ने दस प्रतिशत की रिश्वत मांगी थी, जिसे देने से इंकार करने पर मैनेजर ने फाइल करने से मना कर दिया था। अब मैनेजर उस शिकायत को वापस करने का दबाव बना रहे हैं और फैसला न करने पर मुकदमा करवाने की धमकी दे रहे हैं। रमन पाल ने दिए प्रार्थना पत्र में शाखा प्रबंधक के द्वारा जान माल का खतरा बता रहा है। इस पर शाखा प्रबंधक नितिन पटेल का कहना है की रमन पाल पर गांव की ही दूसरी बैंक से केसीसी लोन चल रहा है। इसमें वह डिफाल्टर है। अब हमारी शाखा से दबाव में चार लाख का लोन मांग रहा है। रिश्वत मांगने व दबाव बनाने का आरोप गलत है।
विज्ञापन
जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी रमनपाल ने क्षेत्रीय महाप्रवंधक से शिकायत की थी कि उसने खादी ग्रामोद्योग से दुग्ध उत्पाद के लिए चार लाख की फाइल स्वीकृत कराई थी। इसे करने के लिए शाखा प्रबंधक ने दस प्रतिशत की रिश्वत मांगी थी, जिसे देने से इंकार करने पर मैनेजर ने फाइल करने से मना कर दिया था। अब मैनेजर उस शिकायत को वापस करने का दबाव बना रहे हैं और फैसला न करने पर मुकदमा करवाने की धमकी दे रहे हैं। रमन पाल ने दिए प्रार्थना पत्र में शाखा प्रबंधक के द्वारा जान माल का खतरा बता रहा है। इस पर शाखा प्रबंधक नितिन पटेल का कहना है की रमन पाल पर गांव की ही दूसरी बैंक से केसीसी लोन चल रहा है। इसमें वह डिफाल्टर है। अब हमारी शाखा से दबाव में चार लाख का लोन मांग रहा है। रिश्वत मांगने व दबाव बनाने का आरोप गलत है।