फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   asharam case

साजिशन बढ़ाई गई रजिस्टर में बिटिया की उम्र

Thu, 18 Dec 2014 12:00 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Thu, 18 Dec 2014 12:00 AM IST
विज्ञापन
asharam case
आसाराम के गुर्गों ने आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे रजिस्टर में बिटिया और उसके भाइयों की उम्र यूं ही बढ़ाकर नहीं लिखी थी, बल्कि वे साजिशन उसे बालिग साबित करना चाहते थे। इन गुर्गों ने 12 दिसंबर को बाल विकास विभाग के अधिकारी बनकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच कर हेराफेरी की और जनसूचना अधिकार के तहत दो दिन पहले आवेदन कर सर्वे रजिस्टर की जानकारी मांग ली। यह आवेदन 12 दिसंबर को ही डीपीओ दफ्तर पहुंचा था। प्लान था कि हेरफेर करने के बाद बीच में ज्यादा दिन न गुजरें, मगर इससे पहले ही भेद खुल गया।
विज्ञापन

आसाराम के दो गुर्गे बिटिया के घर के पास संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र पर 12 दिसंबर को पहुंचकर अपने को परियोजना का अधिकारी बताया था, नाम राजेश और राकेश बताए थे। उन लोगों ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुधारानी से सर्वे रजिस्टर लेकर उसमें बिटिया और उसके छोटे व बड़े भाई की असली उम्र रबड़ से मिटाने के बाद बढ़ाकर लिख दी थी। बिटिया की उम्र 17 पहले दर्ज थी, जिसे 20 वर्ष कर दिया था।
विज्ञापन

बुधवार को जब अखबारों में यह खबर छपी तो परियोजना के अधिकारियों का दिमाग जनसूचना अधिकार के उस आवेदन पर गया, जो 12 दिसंबर को डीपीओ दफ्तर पहुंचा था। पता चला कि नई दिल्ली के जंगपुरा क्षेत्र के रहने वाले दिलीप सिंह पुत्र हरीकृष्ण सिंह ने जनसूचना के अधिकार के तहत बिटिया के मोहल्ले के सर्वे रजिस्टर की जनसूचना भी मांगी थी। इस आवेदन की बात के सामने आने से साफ हो गया कि रजिस्टर में हेराफेरी होने के बाद यदि वास्तव में बिटिया की उम्र 20 वर्ष ही लिखकर दे दी गई होती तो आसाराम के गुर्गों के हाथ में बचाव का एक बड़ा हथियार आ जाता। तब वे बालिग दिखाकर पॉक्सो एक्ट से आसाराम को बचाने की कोशिश कर सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीपीओ ने माना, उम्र बढ़ाई गई
डीपीओ बुद्घि मिश्रा ने बताया कि सीडीपीओ शैलजा को केंद्र पर भेजकर जांच कराई गई है। फर्जी जांच अधिकारी बनकर गए दो लोगों ने रजिस्टर पर उम्र में हेराफेरी की है। बताया कि सभी प्रपत्रों को कार्यालय में मंगवाया गया है, पूरी जांच की जा रही है।


हेराफेरी का मुकदमा दर्ज
बाल विकास परियोजना के अधिकारियों द्वारा पुष्टि कराए जाने के बाद विभाग भी बचाव की मुद्रा में आ गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुधारानी की ओर से बुधवार को कोतवाली में इस जालसाजी की रिपोर्ट लिखा दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजेश और राकेश नाम बताते हुए दो लोग आए और अपने को विभागीय अधिकारी बताया। केंद्र पर पहुंचे इन लोगों ने रजिस्टर में बिटिया की लिखी उम्र मिटाकर उसे 20 वर्ष लिख दिया। साथ ही एक कॉपी सत्यापित कराकर ले गए। पुलिस ने यह मामला धोखाधड़ी, कागजों में हेरफेर करने आदि की धाराओं के तहत दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed