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अमरोहा पुलिस ने लावारिस के रूप में दफना दिया शव
खेड़ा बझेड़ा
Updated Fri, 17 Apr 2015 11:29 PM IST
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खेड़ा बझेड़ा। क्षेत्र के गांव पडैनिया के बीएससी द्वितीय वर्ष के 19 वर्षीय छात्र योगेंद्र की मौत का मामला अभी भी पुलिस नहीं सुलझा पाई है, जबकि अमरोहा पुलिस उसे लावारिस के रूप में योगेंद्र के शव को दफना चुकी है। ऐसा तब है जबकि उसकी शर्ट पर टेलर का नाम और मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था।
बता दें कि योगेंद्र नौ अप्रैल को बरेली परीक्षा देने गया था। वापस नहीं पहुंचने पर घरवालों ने उसे तलाशना शुरू किया, लेकिन कोई सुराग न लगने पर बरेली के थाना बिथरी चैनपुर में सूचना दी गई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। छात्र के मोबाइल की लोकेशन के अनुसार वह 13 अप्रैल को ज्योतिबा फुलेनगर के थाना कोतवाली अमरोहा में था। जब घरवाले अमरोहा पहुंचे तो पहले तो पुलिस ने टाल दिया, लेकिन बाद में रेलवे ट्रैक पर 10 अप्रैल सुबह आठ बजे एक लावारिस शव बरामद होने की जानकारी दी। कपड़े देखने पर पिता और भाई ने शव की योगेंद्र के रूप में पहचान की। इसमें अमरोहा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। योगेंद्र की शर्ट पर लगी चिट पर टेलर का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखा था। इतनी पहचान होने के बाद भी अमरोहा पुलिस ने लाश को लावारिस मानकर दफना दिया। बेटे की मौत से पिता राकेश शर्मा और मां माधुरी, भाई सतेंद्र का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता राकेश ने बताया कि गांव और रिश्तेदारी में किसी से कोई बुराई नहीं है। योगेंद्र पढ़ने में भी तेज था। उसकी हत्या की गई है। गांव के ही देवेंद्र कुमार, रामगोपाल, रामप्रकाश, रमनपाल, रमाकांत, सूरजपाल, राजेश, सतीश चंद्र आदि ने योगेंद्र की मौत पर गहरा दुख जताया है।
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बता दें कि योगेंद्र नौ अप्रैल को बरेली परीक्षा देने गया था। वापस नहीं पहुंचने पर घरवालों ने उसे तलाशना शुरू किया, लेकिन कोई सुराग न लगने पर बरेली के थाना बिथरी चैनपुर में सूचना दी गई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। छात्र के मोबाइल की लोकेशन के अनुसार वह 13 अप्रैल को ज्योतिबा फुलेनगर के थाना कोतवाली अमरोहा में था। जब घरवाले अमरोहा पहुंचे तो पहले तो पुलिस ने टाल दिया, लेकिन बाद में रेलवे ट्रैक पर 10 अप्रैल सुबह आठ बजे एक लावारिस शव बरामद होने की जानकारी दी। कपड़े देखने पर पिता और भाई ने शव की योगेंद्र के रूप में पहचान की। इसमें अमरोहा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। योगेंद्र की शर्ट पर लगी चिट पर टेलर का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखा था। इतनी पहचान होने के बाद भी अमरोहा पुलिस ने लाश को लावारिस मानकर दफना दिया। बेटे की मौत से पिता राकेश शर्मा और मां माधुरी, भाई सतेंद्र का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता राकेश ने बताया कि गांव और रिश्तेदारी में किसी से कोई बुराई नहीं है। योगेंद्र पढ़ने में भी तेज था। उसकी हत्या की गई है। गांव के ही देवेंद्र कुमार, रामगोपाल, रामप्रकाश, रमनपाल, रमाकांत, सूरजपाल, राजेश, सतीश चंद्र आदि ने योगेंद्र की मौत पर गहरा दुख जताया है।
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