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बुखार से पीड़ित एक और रोगी ने दम तोड़ा
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:10 AM IST
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रोगी ने दम तोड़ा
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
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एक माह में पुवायां क्षेत्र में बुखार से तीसरी मौत हो गई है। मृत पुवायां की सुधा गुप्ता का शाहजहांपुर में इलाज चल रहा था। नगर के अलावा कई गांवों के लोग भी बुखार की चपेट में हैं।
गांव लखनापुर के रामपाल के पुत्र अनिल कुमार की सात सितंबर और इसी गांव के नन्हेंलाल की 11 वर्षीय पुत्री सरिता की 11 सितंबर को बुखार से मौत हो चुकी है। मृतक के परिवार के लोगों का कहना है कि शाहजहांपुर में इलाज के दौरान अनिल और सरिता को डेंगू बताया गया था। 20 सितंबर को पुवायां के मोहल्ला परशुरामनगर निवासी सुभाषचंद्र गुप्ता की 48 वर्षीय पत्नी सुधा गुप्ता ने शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह 18 सितंबर से बुखार से पीड़ित थीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बुखार से रोगियों को डेंगू मानने को तैयार नहीं हैं। बुखार से लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।
पुवायां के सरकारी अस्पताल में केवल साधारण मलेरिया की जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। सीएमओ के अनुसार डेंगू बुखार की जांच की सुविधा केवल लखनऊ में ही उपलब्ध है। सरकारी अस्पताल में सही दवा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए तीमारदार अपने रोगियों को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाकर इलाज करा रहे हैं।
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जिला अस्पताल में इलाज से इंकार
पुवायां। नगर के मोहल्ला परशुराम नगर निवासी सुभाषचंद्र गुप्ता ने बताया कि वह अपनी पत्नी सुधा गुप्ता को तेज बुखार आने पर 18 सितंबर को जिला अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने पत्नी का इलाज करने से इंकार करते हुए निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने पत्नी को शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को इलाज के दौरान सुधा ने दम तोड़ दिया।
गांव लखनापुर के रामपाल के पुत्र अनिल कुमार की सात सितंबर और इसी गांव के नन्हेंलाल की 11 वर्षीय पुत्री सरिता की 11 सितंबर को बुखार से मौत हो चुकी है। मृतक के परिवार के लोगों का कहना है कि शाहजहांपुर में इलाज के दौरान अनिल और सरिता को डेंगू बताया गया था। 20 सितंबर को पुवायां के मोहल्ला परशुरामनगर निवासी सुभाषचंद्र गुप्ता की 48 वर्षीय पत्नी सुधा गुप्ता ने शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह 18 सितंबर से बुखार से पीड़ित थीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बुखार से रोगियों को डेंगू मानने को तैयार नहीं हैं। बुखार से लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।
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पुवायां के सरकारी अस्पताल में केवल साधारण मलेरिया की जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। सीएमओ के अनुसार डेंगू बुखार की जांच की सुविधा केवल लखनऊ में ही उपलब्ध है। सरकारी अस्पताल में सही दवा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए तीमारदार अपने रोगियों को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाकर इलाज करा रहे हैं।
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जिला अस्पताल में इलाज से इंकार
पुवायां। नगर के मोहल्ला परशुराम नगर निवासी सुभाषचंद्र गुप्ता ने बताया कि वह अपनी पत्नी सुधा गुप्ता को तेज बुखार आने पर 18 सितंबर को जिला अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने पत्नी का इलाज करने से इंकार करते हुए निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने पत्नी को शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को इलाज के दौरान सुधा ने दम तोड़ दिया।