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आठ साल के छात्र की दिनदहाड़े हत्या
कलान (शाहजहांपुर)।
Updated Wed, 28 Jan 2015 08:31 PM IST
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निकुर्रा के रहने वाले रामवीर यादव के आठ वर्षीय बेटे अनमोल की बुधवार को दिनदहाड़े स्कूल जाते समय खेत में हत्या कर दी गई। यह खेत नौगवां मुबारिकपुर (नरसुइया) स्थित प्राइवेट स्कूल से आठ सौ मीटर दूर है, अनमोल इसी स्कूल की कक्षा एक का छात्र था। हत्या निकुर्रा गांव के बदन सिंह के दो बेटों के धोखे में की गई, जिससे अभियुक्तों की पुरानी रंजिश है। हत्या के बाद स्कूल के शिक्षकों ने पीछा भी किया, मगर अभियुक्त छुपते-छुपाते भाग निकले। इसके बाद अनमोल के परिवार वालों और ग्रामीणों ने स्कूल के सामने ही बदायूं-फर्रुखाबाद हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर पांच घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट लिखकर अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी है।
निकुर्रा गांव कलान कस्बे से पांच किलोमीटर दूर है, वहां से नौगवां मुबारिकपुर का स्वामी श्रीरामदास शिक्षा निकेतन स्कूल करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। नरसुइया गांव भी इसी स्कूल से सटा हुआ है। निकुर्रा के अधिकतर बच्चे खेतों के रास्ते से ही स्कूल जाते हैं। अनमोल सुबह करीब साढ़े आठ बजे साथी दीपू और मंजेश के साथ स्कूल जा रहा था, तभी स्कूल के पीछे आठ सौ मीटर पहले दो लोगों ने घेर लिया और अनमोल की गर्दन पर तमंचा रखकर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथी दीपू और मंजेश दौड़कर विद्यालय पहुंचे और घटना बताई तो शिक्षक आशीष, मुकेश, रमेश आदि ने मौके पर पहुंचे तो उन्हें देखकर हमलावरों ने शिक्षकों पर भय कायम करने के लिए हवाई फायर भी किया। बावजूद इसके शिक्षकों ने दोनों अभियुक्तों को पकड़ने के लिए चार किलोमीटर तक, गांव बैकुन्ठपुर, पीछा किया। अभियुक्त गांव में एक मकान में घुस गए और वहां से अंदर ही अंदर फरार हो गए।
इधर, सूचना मिलने पर अनमोल के परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंच गए। धीरे-धीरे निकुर्रा के काफी लोग भी वहां जुट गए। उन्होंने हत्यारों को पकड़ने की मांग को लेकर बदायूं-फर्रूखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस को शव भी कब्जे में नहीं लेने दिया। जलालाबाद के एसडीएम जंगबहादुर यादव और सीओ अरुण कुमार सिंह के समझाने के बाद भी जाम नहीं खोला गया तो जिला मुख्यालय से एएसपी आसाराम यादव आए। इस बीच मार्ग पर दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। हालांकि दोनों तरफ पहले ही मिर्जापुर व अन्य जगह वाहन रोकना शुरू कर दिए गए थे। एएसपी ने शाम तक हत्यारोपियों को पकड़ने का भरोसा दिया तो जाम खोला गया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम को भेजा जा सका।
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अनमोल के पिता की तहरीर पर थाना क्षेत्र के गांव जल्लापुर निवासी मनोज पुत्र श्रीपाल यादव और सुनील पुत्र नन्हकू यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनकी तलाश में गांव बैकुन्ठपुर में पूरे गांव की तलाशी ली गई और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
मारने आए थे बदन सिंह के बेटों को
बताया गया कि एक वर्ष पहले पांच हजार रुपये के इनामी बदमाश विनोद यादव की निकुर्रा गांव में बदन सिंह के घर पर हत्या कर दी गई थी। तब चर्चा यह थी कि बदन सिंह ने उसे अपने घर में शरण दे रखी थी। हालांकि बदन सिंह ने बाद में पुलिस को यह बताया कि विनोद ने घर में घुसकर छेड़छाड़ की तो विरोध करने पर शोर से जुटे गांव के लोगों ने उसे मार डाला। चूंकि जल्लापुर का रहने वाला विनोद शातिर बदमाश था, सो पुलिस ने भी बदन सिंह या अन्य किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की। सीओ के मुताबिक छानबीन से पता चला है कि अब विनोद की हत्या का बदला लेने के लिए ही भाई मनोज और भतीजे सुनील ने बदन सिंह के दो बेटों राजवीर और राजश्री की हत्या करने की ठान ली। वे दोनों भी अनमोल के स्कूल में ही कक्षा छह के छात्र हैं। बुधवार को वे दोनों दूसरे रास्ते से कुछ देर पहले विद्यालय पहुंच चुके थे। अनमोल को ही हमलावर बदन सिंह का बेटा मान बैठे और गोली मार दी।
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निकुर्रा गांव कलान कस्बे से पांच किलोमीटर दूर है, वहां से नौगवां मुबारिकपुर का स्वामी श्रीरामदास शिक्षा निकेतन स्कूल करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। नरसुइया गांव भी इसी स्कूल से सटा हुआ है। निकुर्रा के अधिकतर बच्चे खेतों के रास्ते से ही स्कूल जाते हैं। अनमोल सुबह करीब साढ़े आठ बजे साथी दीपू और मंजेश के साथ स्कूल जा रहा था, तभी स्कूल के पीछे आठ सौ मीटर पहले दो लोगों ने घेर लिया और अनमोल की गर्दन पर तमंचा रखकर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथी दीपू और मंजेश दौड़कर विद्यालय पहुंचे और घटना बताई तो शिक्षक आशीष, मुकेश, रमेश आदि ने मौके पर पहुंचे तो उन्हें देखकर हमलावरों ने शिक्षकों पर भय कायम करने के लिए हवाई फायर भी किया। बावजूद इसके शिक्षकों ने दोनों अभियुक्तों को पकड़ने के लिए चार किलोमीटर तक, गांव बैकुन्ठपुर, पीछा किया। अभियुक्त गांव में एक मकान में घुस गए और वहां से अंदर ही अंदर फरार हो गए।
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इधर, सूचना मिलने पर अनमोल के परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंच गए। धीरे-धीरे निकुर्रा के काफी लोग भी वहां जुट गए। उन्होंने हत्यारों को पकड़ने की मांग को लेकर बदायूं-फर्रूखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस को शव भी कब्जे में नहीं लेने दिया। जलालाबाद के एसडीएम जंगबहादुर यादव और सीओ अरुण कुमार सिंह के समझाने के बाद भी जाम नहीं खोला गया तो जिला मुख्यालय से एएसपी आसाराम यादव आए। इस बीच मार्ग पर दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। हालांकि दोनों तरफ पहले ही मिर्जापुर व अन्य जगह वाहन रोकना शुरू कर दिए गए थे। एएसपी ने शाम तक हत्यारोपियों को पकड़ने का भरोसा दिया तो जाम खोला गया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम को भेजा जा सका।
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अनमोल के पिता की तहरीर पर थाना क्षेत्र के गांव जल्लापुर निवासी मनोज पुत्र श्रीपाल यादव और सुनील पुत्र नन्हकू यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनकी तलाश में गांव बैकुन्ठपुर में पूरे गांव की तलाशी ली गई और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
मारने आए थे बदन सिंह के बेटों को
बताया गया कि एक वर्ष पहले पांच हजार रुपये के इनामी बदमाश विनोद यादव की निकुर्रा गांव में बदन सिंह के घर पर हत्या कर दी गई थी। तब चर्चा यह थी कि बदन सिंह ने उसे अपने घर में शरण दे रखी थी। हालांकि बदन सिंह ने बाद में पुलिस को यह बताया कि विनोद ने घर में घुसकर छेड़छाड़ की तो विरोध करने पर शोर से जुटे गांव के लोगों ने उसे मार डाला। चूंकि जल्लापुर का रहने वाला विनोद शातिर बदमाश था, सो पुलिस ने भी बदन सिंह या अन्य किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की। सीओ के मुताबिक छानबीन से पता चला है कि अब विनोद की हत्या का बदला लेने के लिए ही भाई मनोज और भतीजे सुनील ने बदन सिंह के दो बेटों राजवीर और राजश्री की हत्या करने की ठान ली। वे दोनों भी अनमोल के स्कूल में ही कक्षा छह के छात्र हैं। बुधवार को वे दोनों दूसरे रास्ते से कुछ देर पहले विद्यालय पहुंच चुके थे। अनमोल को ही हमलावर बदन सिंह का बेटा मान बैठे और गोली मार दी।