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गैंगवार में दो और गिरफ्तार, आला कत्ल बरामद नहीं
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:57 PM IST
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फोटो-
गैंगवार में दो और गिरफ्तार, आला कत्ल अब भी पुलिस से दूर
फरार नामजद आरोपियों की तलाश में दी जा रहीं दबिशें
आवास विकास कॉलोनी में हुई गैंगवार में गई थी तीन लोगों की जान
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सदर बाजार कोतवाली की आवास विकास कॉलोनी में छह सितंबर की रात दो गुटों के बीच हुए गैंगवार में पुलिस ने सोमवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिशें दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कोई असलहा बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब तक तीन हत्याओं में इस्तेमाल आला कत्ल भी नहीं खोज सकी है। गिरफ्तार तीन आरोपियों में एक पक्ष के दो और एक पक्ष का एक आरोपी शामिल है।
सदर बाजार पुलिस का कहना है कि सोमवार दोपहर मिन्ना उर्फ इंतेसार निवासी महमंद जलालनगर को रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया। वह कहीं भागने की फिराक में था। मिन्ना के भाई इकबाल उर्फ डब्लू को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। यह दोनों मुशीर की हत्या के मामले में आरोपी हैं। इधर, इमरान और इसरार की हत्या के एक आरोपी साबिर उर्फ भैयू निवासी बाडूजई प्रथम को लाल इमली चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। वह अपनी मीट की दुकान पर बैठा था। हालांकि, गिरफ्तार किसी भी आरोपी के पास से कोई असलहा बरामद नहीं हुआ है। तीनों हत्याओं में प्रयुक्त पिस्टल भी अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। इंस्पेक्टर डीसी शर्मा का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिशें दी जा रही हैं। नामजद आरोपियों में तीनों मृतक भी शामिल हैं। बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मुशीर ने इमरान को कल्लू मियां की मजार पर बुलाया था
गैंगवार मामले में तीन गिरफ्तारियां होने के बाद धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। गिरफ्तार मिन्ना ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मुशीन ने घटना वाली शाम उसके भाई इमरान को फोन करके कल्लू मियां की मजार पर बुलाया था। इमरान के पीछे उसका भाई इसरार और दोस्त सोनू उर्फ राहुल भी पहुंच गए। यहां बीतचीत के दौरान दोनों में गुत्थम-गुत्था होने लगा। भाई इसरार ने दोनों को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मुशीर ने पिस्टल से इमरान को गोली मार दी। शोरशराबा और गोली की आवाज सुनकर वह और परिवार के लोग भी पहुंच गए। मुशीर और उसके साथियों को पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान मुशीर ने फिर से गोली चला दी। इससे उसके भाई इसरार की मौत हो गई और राहुल उर्फ सोनू घायल हो गया। वहीं साबिर का कहना है कि उसके पास अज्जू की कॉल आई थी कि लड़ाई हो गई है। करीब 20 मिनट बाद वह वहां पहुंचा। दोनों पक्षों में मारपीट हो रही थी। इसी दौरान फायर हुआ। इसके बाद वह वहां से भाग गया।
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प्री-प्लान थी गैंगवार की वारदात
गैंगवार की वारदात में तीन गिरफ्तारियां होने के बाद काफी हद तक साफ हो गया है कि गैंगवार की वारदात प्री-प्लान थी। मुशीर और इमरान के बीच पहले से विवाद चल रहा था। घटना वाली शाम मुशीर ने मोबाइल पर कॉल करके इमरान को कल्लू मियां1 की मजार पर बुलाया था। इमरान भी यहां अकेला नहीं गया। उसके साथ भाई इसरार और दोस्त राहुल भी गए। दोनों पक्षों के पास असलहे थे। मुशीर और इमरान के बीच बातचीत के दौरान बात बिगड़ गई और इतनी बड़ी वारदात ने रूप ले लिया। तीन लोगों की जान चली गई। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि मुशीर ने इमरान को कल्लू मियां की मजार पर क्यों बुलाया था।
आखिर कहां गया मुशीर के पास से पिस्टल
गिरफ्तार मिन्ना की मानें तो मुशीर ने इसके भाई इमरान और इसरार की हत्या में पिस्टल का इस्तेमाल किया था। अगर मिन्ना की बात पर भरोसा किया जाए तो सवाल उठता है कि वारदात में इस्तेमाल वह पिस्टल कहां गया। गौर करने वाली बात यह है कि घटना में मुशीर की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि बाद में उसकी जेब से 315 बोर के नौ जीवित कारतूस और 12 बोर का एक तमंचा मिला था। इमरान पक्ष की ओर से भी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। इस पिस्टल के बारे में भी कुछ पता नहीं लग सका है।
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गैंगवार में दो और गिरफ्तार, आला कत्ल अब भी पुलिस से दूर
फरार नामजद आरोपियों की तलाश में दी जा रहीं दबिशें
आवास विकास कॉलोनी में हुई गैंगवार में गई थी तीन लोगों की जान
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सदर बाजार कोतवाली की आवास विकास कॉलोनी में छह सितंबर की रात दो गुटों के बीच हुए गैंगवार में पुलिस ने सोमवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिशें दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कोई असलहा बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब तक तीन हत्याओं में इस्तेमाल आला कत्ल भी नहीं खोज सकी है। गिरफ्तार तीन आरोपियों में एक पक्ष के दो और एक पक्ष का एक आरोपी शामिल है।
सदर बाजार पुलिस का कहना है कि सोमवार दोपहर मिन्ना उर्फ इंतेसार निवासी महमंद जलालनगर को रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया। वह कहीं भागने की फिराक में था। मिन्ना के भाई इकबाल उर्फ डब्लू को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। यह दोनों मुशीर की हत्या के मामले में आरोपी हैं। इधर, इमरान और इसरार की हत्या के एक आरोपी साबिर उर्फ भैयू निवासी बाडूजई प्रथम को लाल इमली चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। वह अपनी मीट की दुकान पर बैठा था। हालांकि, गिरफ्तार किसी भी आरोपी के पास से कोई असलहा बरामद नहीं हुआ है। तीनों हत्याओं में प्रयुक्त पिस्टल भी अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। इंस्पेक्टर डीसी शर्मा का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिशें दी जा रही हैं। नामजद आरोपियों में तीनों मृतक भी शामिल हैं। बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मुशीर ने इमरान को कल्लू मियां की मजार पर बुलाया था
गैंगवार मामले में तीन गिरफ्तारियां होने के बाद धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। गिरफ्तार मिन्ना ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मुशीन ने घटना वाली शाम उसके भाई इमरान को फोन करके कल्लू मियां की मजार पर बुलाया था। इमरान के पीछे उसका भाई इसरार और दोस्त सोनू उर्फ राहुल भी पहुंच गए। यहां बीतचीत के दौरान दोनों में गुत्थम-गुत्था होने लगा। भाई इसरार ने दोनों को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन मुशीर ने पिस्टल से इमरान को गोली मार दी। शोरशराबा और गोली की आवाज सुनकर वह और परिवार के लोग भी पहुंच गए। मुशीर और उसके साथियों को पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान मुशीर ने फिर से गोली चला दी। इससे उसके भाई इसरार की मौत हो गई और राहुल उर्फ सोनू घायल हो गया। वहीं साबिर का कहना है कि उसके पास अज्जू की कॉल आई थी कि लड़ाई हो गई है। करीब 20 मिनट बाद वह वहां पहुंचा। दोनों पक्षों में मारपीट हो रही थी। इसी दौरान फायर हुआ। इसके बाद वह वहां से भाग गया।
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प्री-प्लान थी गैंगवार की वारदात
गैंगवार की वारदात में तीन गिरफ्तारियां होने के बाद काफी हद तक साफ हो गया है कि गैंगवार की वारदात प्री-प्लान थी। मुशीर और इमरान के बीच पहले से विवाद चल रहा था। घटना वाली शाम मुशीर ने मोबाइल पर कॉल करके इमरान को कल्लू मियां1 की मजार पर बुलाया था। इमरान भी यहां अकेला नहीं गया। उसके साथ भाई इसरार और दोस्त राहुल भी गए। दोनों पक्षों के पास असलहे थे। मुशीर और इमरान के बीच बातचीत के दौरान बात बिगड़ गई और इतनी बड़ी वारदात ने रूप ले लिया। तीन लोगों की जान चली गई। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि मुशीर ने इमरान को कल्लू मियां की मजार पर क्यों बुलाया था।
आखिर कहां गया मुशीर के पास से पिस्टल
गिरफ्तार मिन्ना की मानें तो मुशीर ने इसके भाई इमरान और इसरार की हत्या में पिस्टल का इस्तेमाल किया था। अगर मिन्ना की बात पर भरोसा किया जाए तो सवाल उठता है कि वारदात में इस्तेमाल वह पिस्टल कहां गया। गौर करने वाली बात यह है कि घटना में मुशीर की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि बाद में उसकी जेब से 315 बोर के नौ जीवित कारतूस और 12 बोर का एक तमंचा मिला था। इमरान पक्ष की ओर से भी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। इस पिस्टल के बारे में भी कुछ पता नहीं लग सका है।