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504 आंगनबाड़ी वर्करों ने सामूहिक गिरफ्तारी देकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:04 AM IST
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अांगनबाड़ी वर्कर ने दी गिरफ्तारी
- फोटो : अमर उजाला
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0 मानदेय में बढ़ोतरी की मांग उपेक्षित किए जाने पर गुस्सा भड़का
0 सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर मुचलका आधार पर किया रिहा
0 जीआईसी ग्राउंड पर इकट्ठा होकर जारी रखा कार्य बहिष्कार
दो माह से कार्य बहिष्कार किए जाने के बावजूद मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को अनसुना किए जाने के विरोध में आंगनबाड़ी वर्करों ने पूर्व घोषणा के अनुरूप मंगलवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सामूहिक गिरफ्तारी दी। रोजाना की तरह हड़ताली वर्करों ने जीआईसी ग्राउंड के अनशन स्थल पर डेरा जमाया और वहां अफसरों की बुद्धि शुद्धि को सामूहिक पूजन करने के बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष पद्मा रस्तोगी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। उनकी नारेबाजी से शहीद दिवस अवकाश के कारण कलक्ट्रेट परिसर में पसरा सन्नाटा टूटा तो सूचना पाकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी वहां पहुंच गए। संघ के पदाधिकारियों ने अफसरों को गिरफ्तारी देने वाली करीब 504 वर्करों की दो सूचियां सौंपी, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें मुचलकों के आधार पर रिहाई दे दी।
इससे पहले, अनशन स्थल पर आंगनबाड़ी वर्करों को संबोधित करते हुए संघ की जिला अध्यक्ष ने कहा कि सरकार मांगों पर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाकर कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व मांगों को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है। इसलिए सरकार को समय रहते मानदेय में बढ़ोत्तरी का नीतिगत फैसला करना होगा, अन्यथा अंतिम विकल्प के तौर पर जेल भरो आंदोलन करके बालविकास और महिला कल्याण की सारी गतिविधियां ठप कर दी जाएंगी। वरिष्ठ कार्यकर्ता सपना मिश्रा ने सरकार पर आर्थिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया।
सभा के बाद आंगनबाड़ी वर्करों का हुजूम नारेबाजी करते हुए पद यात्रा के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचा। उस वक्त अवकाश के कारण अधिकारी अपने दफ्तरों से बाहर शहीदोंी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों में व्यस्त थे, लेकिन वर्करों के आने की पुलिस से सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव और सीओ सिटी सुमित शुक्ला वहां जा पहुंचे।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने संघ के जिला प्रभारी विश्व मोहन भारद्वाज से ज्ञापन लेकर वर्करों को घर जाने की सलाह दी, लेकिन वे सभी सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर करके गिरफ्तारी देने और जेल भेजे जाने पर अड़ गईं। जिला अध्यक्ष पद्मा रस्तोगी ने उन्हें गिरफ्तारी देने वाली 461 महिलाओं की सूची सौंपी। बाद मेें अन्य कई स्थानों से पहुंची 43 वर्करों की दूसरी सूची देकर सभी को गिरफ्तार करने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों सूचियों में दर्ज वर्करों को गिरफ्तार करने की घोषणा करने के बाद उन्हें मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दे दिया। इस मौके पर विभा गुप्ता, मीरा सिंह, प्रेमलता, कुमुद गुप्ता, रानी देवी, अनीता सागर, रेशमा रहमान, ललिता सक्सेना, कमलेश शर्मा, रूपा भारद्वाज, सूर्यमुखी, राजेश्वरी, कमला यादव आदि मौजूद रहीं।
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0 सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर मुचलका आधार पर किया रिहा
0 जीआईसी ग्राउंड पर इकट्ठा होकर जारी रखा कार्य बहिष्कार
दो माह से कार्य बहिष्कार किए जाने के बावजूद मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को अनसुना किए जाने के विरोध में आंगनबाड़ी वर्करों ने पूर्व घोषणा के अनुरूप मंगलवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सामूहिक गिरफ्तारी दी। रोजाना की तरह हड़ताली वर्करों ने जीआईसी ग्राउंड के अनशन स्थल पर डेरा जमाया और वहां अफसरों की बुद्धि शुद्धि को सामूहिक पूजन करने के बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष पद्मा रस्तोगी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। उनकी नारेबाजी से शहीद दिवस अवकाश के कारण कलक्ट्रेट परिसर में पसरा सन्नाटा टूटा तो सूचना पाकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी वहां पहुंच गए। संघ के पदाधिकारियों ने अफसरों को गिरफ्तारी देने वाली करीब 504 वर्करों की दो सूचियां सौंपी, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें मुचलकों के आधार पर रिहाई दे दी।
इससे पहले, अनशन स्थल पर आंगनबाड़ी वर्करों को संबोधित करते हुए संघ की जिला अध्यक्ष ने कहा कि सरकार मांगों पर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाकर कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व मांगों को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है। इसलिए सरकार को समय रहते मानदेय में बढ़ोत्तरी का नीतिगत फैसला करना होगा, अन्यथा अंतिम विकल्प के तौर पर जेल भरो आंदोलन करके बालविकास और महिला कल्याण की सारी गतिविधियां ठप कर दी जाएंगी। वरिष्ठ कार्यकर्ता सपना मिश्रा ने सरकार पर आर्थिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया।
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सभा के बाद आंगनबाड़ी वर्करों का हुजूम नारेबाजी करते हुए पद यात्रा के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचा। उस वक्त अवकाश के कारण अधिकारी अपने दफ्तरों से बाहर शहीदोंी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों में व्यस्त थे, लेकिन वर्करों के आने की पुलिस से सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव और सीओ सिटी सुमित शुक्ला वहां जा पहुंचे।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने संघ के जिला प्रभारी विश्व मोहन भारद्वाज से ज्ञापन लेकर वर्करों को घर जाने की सलाह दी, लेकिन वे सभी सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर करके गिरफ्तारी देने और जेल भेजे जाने पर अड़ गईं। जिला अध्यक्ष पद्मा रस्तोगी ने उन्हें गिरफ्तारी देने वाली 461 महिलाओं की सूची सौंपी। बाद मेें अन्य कई स्थानों से पहुंची 43 वर्करों की दूसरी सूची देकर सभी को गिरफ्तार करने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों सूचियों में दर्ज वर्करों को गिरफ्तार करने की घोषणा करने के बाद उन्हें मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दे दिया। इस मौके पर विभा गुप्ता, मीरा सिंह, प्रेमलता, कुमुद गुप्ता, रानी देवी, अनीता सागर, रेशमा रहमान, ललिता सक्सेना, कमलेश शर्मा, रूपा भारद्वाज, सूर्यमुखी, राजेश्वरी, कमला यादव आदि मौजूद रहीं।