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आईबी ने शुरू की स्टेशन के सुरक्षा इंतजाम की पड़ताल
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शाहजहांपुर। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने रेलवे स्टेशन के सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल शुरू कर दी है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक से भी सुरक्षा संबंधी सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह भी पूछा है कि स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर की सुविधा है या नहीं है। आरपीएफ, जीआरपी के पास कितना स्टाफ है और किस तरह से ड्यूटी होती है। कितनी ट्रेन रोज आती-जाती हैं और कितने यात्री यहां ट्रेनों में चढ़ते उतरते हैं। इस पर भी सूचनाएं मांगी हैं।
दिल्ली-लखनऊ रेल रूट पर शाहजहांपुर काफी अहम रेलवे स्टेशन है। इसके साथ ही रोजा में रेलवे का लोकोमोटिव शेड है। यहां आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के साथ राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम भी प्रस्तावित है। रोजा में रेल पटरी वेल्डिंग कारखाने की स्थापना का काम भी चालू हो चुका है। शाहजहांपुर स्टेशन से होकर गई वीआईपी ट्रेेनें भी गुजरती हैं। सुरक्षा की बात करें तो यहां चार प्रवेश द्वार हैं। किसी भी प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर की सुविधा नहीं है। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया को छोड़ दें तो बाकी बाउंड्री भी नहीं है। यार्ड पूरी तरह से खुला हुआ है। चार प्रवेश द्वारों के अलावा भी कई ऐसे रास्ते हैं जहां से बिना रोक-टोक स्टेशन पर प्रवेश किया जा सकता है। कई मौकों पर यहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठ चुके हैं। आरपीएफ और जीआरपी के पास स्टाफ की कमी, किसी से छिपी नहीं है। स्टेशन पर सीसी कैमरों की व्यवस्था भी नहीं है। सर्कुलेटिंग एरिया समेत प्लेटफार्म आदि स्थानों पर सीसी कैमरे लगाने का प्रस्ताव डिवीजन स्तर पर लंबित है। आईबी ने स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार से सुरक्षा संबंधी सभी बिंदुओं पर सूचनाएं देने को कहा है। इसके बाद रिपोर्ट आईबी को भेजने के लिए काम चालू हो गया है।
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर आईबी ने रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
-मनोज कुमार, स्टेशन अधीक्षक
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दिल्ली-लखनऊ रेल रूट पर शाहजहांपुर काफी अहम रेलवे स्टेशन है। इसके साथ ही रोजा में रेलवे का लोकोमोटिव शेड है। यहां आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के साथ राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम भी प्रस्तावित है। रोजा में रेल पटरी वेल्डिंग कारखाने की स्थापना का काम भी चालू हो चुका है। शाहजहांपुर स्टेशन से होकर गई वीआईपी ट्रेेनें भी गुजरती हैं। सुरक्षा की बात करें तो यहां चार प्रवेश द्वार हैं। किसी भी प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर की सुविधा नहीं है। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया को छोड़ दें तो बाकी बाउंड्री भी नहीं है। यार्ड पूरी तरह से खुला हुआ है। चार प्रवेश द्वारों के अलावा भी कई ऐसे रास्ते हैं जहां से बिना रोक-टोक स्टेशन पर प्रवेश किया जा सकता है। कई मौकों पर यहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठ चुके हैं। आरपीएफ और जीआरपी के पास स्टाफ की कमी, किसी से छिपी नहीं है। स्टेशन पर सीसी कैमरों की व्यवस्था भी नहीं है। सर्कुलेटिंग एरिया समेत प्लेटफार्म आदि स्थानों पर सीसी कैमरे लगाने का प्रस्ताव डिवीजन स्तर पर लंबित है। आईबी ने स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार से सुरक्षा संबंधी सभी बिंदुओं पर सूचनाएं देने को कहा है। इसके बाद रिपोर्ट आईबी को भेजने के लिए काम चालू हो गया है।
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रेलवे स्टेशन की सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर आईबी ने रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
-मनोज कुमार, स्टेशन अधीक्षक