फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   गुरदेव की हत्या की सुपारी देने वाले तीन आरोपी गए जेल

गुरदेव की हत्या की सुपारी देने वाले तीन आरोपी गए जेल

Fri, 11 Aug 2017 06:31 PM IST
Updated Fri, 11 Aug 2017 06:31 PM IST
विज्ञापन
गुरदेव की हत्या की सुपारी देने वाले तीन आरोपी गए जेल
पुवायां (शाहजहांपुर) गुरदेव की हत्या के लिए चंदा एकत्र कर सुपारी देने वाले तीन लोगों को पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां से उन्हें शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। एक आरोपी से राइफल भी मिली है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि गांव बखत्यारपुर निवासी और गांव बेहटा जमीने जेंबा की पूर्व प्रधान तलविंदर कौर के पति गुरदेव सिंह की आठ अगस्त की सुबह पांच शूटर घर से एक किमी दूर हत्या कर दो बाइकों से भाग निकले थे। एसपी केबी सिंह, एएसपी सुभाषचंद्र शाक्य ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद घटना के चश्मदीद गुरदेव के साथी राजाराम से पूछताछ की थी। मृतक की पत्नी ने जमीनी विवाद के चलते हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए गांव बनियानी के विजय कुमार उर्फ टिल्लू उसके भाई गप्पू, गांव बेहटा के राम सुशील, जंगबहादुर और गांव अगौना खुर्द के कुशलपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

एएसपी सुभाषचंद्र शाक्य ने बताया कि शुक्रवार को पुवायां के कोतवाली प्रभारी हरीश राजपूत ने पुलिस बल के साथ नामजद विजय कुमार को पुवायां के जेंबा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया था। उससे लाइसेंसी राइफल भी मिली।। विजय ने पुलिस को बताया कि गुरदेव से जमीनी विवाद के कारण उसने अपने भाई गप्पू, कुशलपाल, रामसुशील, जंगबहादुर, शंभू और सोनू से मिलकर गुरदेव की हत्या की योजना बनाई थी। उसने गुरदेव की हत्या के लिए शूटरों को दो लाख रुपये दिए थे। उक्त रुपयों में एक लाख रुपये बाद में चंदा कर उसे वापस मिलने थे। पुलिस ने गुरदेव की हत्या की योजना बनाने में शामिल गांव ककरहा के शंभू और गांव अगौना खुर्द के सोनू उर्फ सुधीर को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सच साबित हुई अमर उजाला की खबर
पुवायां। गुरदेव हत्याकांड में चंदा कर शूटरों को हत्या की सुपारी दिए जाने, चंदा करने वालों में पांच लोगों के शामिल होने और भाड़े के हत्यारे हरदोई के होने, सुपारी देने वालों और शूटरों के बीच माध्यम बने महात्मा के बारे में पहले ही खुलासा कर दिया था। शुक्रवार को पुलिस की ओर से दी गई जानकारी से अमर उजाला की खबर सच साबित हुई है।
नामजद विजय उर्फ टिल्लू ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि गुरदेव से उसका जमीनी विवाद चल रहा था। उसने कुछ जमीन रामभरोसे से खरीदी थी। इस जमीन पर गुरदेव का कब्जा था। इस वर्ष उसने जमीन पर कब्जा कर फसल बोई थी। गुरदेव फसल को काटने की फिराक में था। इस कारण उसने अपने भाई सहित पांच लोगों से मिलकर गुरदेव की हत्या की योजना बनाई और गांव के महात्मा उर्फ नन्हें से बाहर के लोगों को बुलाकर हत्या की सुपारी दी। उसने महात्मा को दो लाख रुपये दिए थे। विजय के अनुसार हत्या करने वाले शूटरों के बारे में महात्मा को ही जानकारी है।
पुवायां (शाहजहांपुर)। गुरदेव हत्याकांड का मास्टर माइंड महात्मा उर्फ नन्हें हरदोई में दो लोगों की कत्ल करने के बाद पुलिस का शिकंजा कसने पर पुवायां भाग आया था। उसने अपराधी के ठप्पे से बचने के लिए साधू सा वेश बना लिया था। उसने एक फार्म पर नौकरी शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार नन्हें मूल रूप से हरदोई के थाना टड़ियावां के गांव टेनी का रहने वाला है। अपराधिक प्रवृत्ति के नन्हें ने हरदोई में अलग- अलग दो लोगों के कत्ल किए थे। इसके बाद वह जमानत पर छूटा तो हरदोई पुलिस ने उस पर शिकंजा कस दिया। इस पर वह भागकर पुवायां आ गया और साधुओं जैसे कपड़े पहनकर एक फार्म पर नौकरी करने लगा, लेकिन उसके अपराधियों से संबंध बने रहे। रंगे कपड़े पहनने के कारण लोग उसे महात्मा कहने लगे।

गुरदेव हत्याकांड के मास्टर माइंड महात्मा उर्फ नन्हें, विजय उर्फ टिल्लू और लक्कड़ के बीच दोस्ती थी। लक्कड़ की बीमारी से मौत हो चुकी है। गुरदेव ने रामभरोसे की जमीन पांच साल के लिए ठेके पर ली थी, जबकि टिल्लू ने वह जमीन खरीद ली थी। इसी जमीन को लेकर गुरदेव और टिल्लू के बीच संबंध खराब हो गए थे। टिल्लू ने महात्मा से सलाह की तो उसने दो लाख रुपये में शूटरों को गुरदेव की हत्या की सुपारी दिलवा दी। गुरदेव की मौत के बाद से महात्मा उर्फ नन्हें फरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed