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किशोरी की बरामदगी नहीं होने पर टंकी पर चढ़ी मां-बेटी
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:00 AM IST
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कलान (शाहजहांपुर)। अपहृत किशोरी की बरामदगी व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मां-बेटी पानी की टंकी पर चढ़ गईं। करीब तीन घंटे बाद बमुश्किल दोनों को टंकी से नीचे उतारा गया।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे एक महिला अपनी बेटी को लेकर पाइप सेंटर कॉलोनी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई और मांग करने लगी कि जब तक उसकी बेटी को पुलिस बरामद नहीं करती है और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वह नीचे नहीं उतरेगी और टंकी से कूदकर अपनी जान दे देगी। महिला के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ लग गई और पुलिस भी पहुंच गई। कार्यवाहक थानाध्यक्ष स्वामीनाथ व मिर्जापुर थानाध्यक्ष बृजकिशोर ने किशोरी के पिता व उसके भाई को आश्वासन दिया कि किशोरी को तीन दिन में बरामद कर आरोपियों को जेल भेज दिया जाएगा।
कस्बा के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री तांत्रिक राशिद हकीम के यहां 5000 रुपयेे प्रति माह के वेतन पर काम करती थी। बेटी को राशिद हकीम पुत्र इश्ताक निवासी चमनपुर सहसवान बदायूं 23 अगस्त को अल्हागंज में कैंप लगवाने के बहाने से ले गया, पुत्रीे ने कैंप में जाने से मना किया था। इसके बाद भी उसकी पुत्री को राशिद हकीम के मामा जमील अख्तर, सगीर उर्फ सिपाही ने बहला-फुसलाकर साथ में भेज दिया। थानाध्यक्ष ने तहरीर के आधार पर राशिद हकीम, सगीर अख्तर उर्फ सिपाही, महफूज, इबादत उर्फ सानू , अख्तर, चांद बेगम पत्नी इश्ताक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जमील अख्तर, सगीर अख्तर को जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
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बुधवार सुबह करीब नौ बजे एक महिला अपनी बेटी को लेकर पाइप सेंटर कॉलोनी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई और मांग करने लगी कि जब तक उसकी बेटी को पुलिस बरामद नहीं करती है और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वह नीचे नहीं उतरेगी और टंकी से कूदकर अपनी जान दे देगी। महिला के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ लग गई और पुलिस भी पहुंच गई। कार्यवाहक थानाध्यक्ष स्वामीनाथ व मिर्जापुर थानाध्यक्ष बृजकिशोर ने किशोरी के पिता व उसके भाई को आश्वासन दिया कि किशोरी को तीन दिन में बरामद कर आरोपियों को जेल भेज दिया जाएगा।
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कस्बा के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री तांत्रिक राशिद हकीम के यहां 5000 रुपयेे प्रति माह के वेतन पर काम करती थी। बेटी को राशिद हकीम पुत्र इश्ताक निवासी चमनपुर सहसवान बदायूं 23 अगस्त को अल्हागंज में कैंप लगवाने के बहाने से ले गया, पुत्रीे ने कैंप में जाने से मना किया था। इसके बाद भी उसकी पुत्री को राशिद हकीम के मामा जमील अख्तर, सगीर उर्फ सिपाही ने बहला-फुसलाकर साथ में भेज दिया। थानाध्यक्ष ने तहरीर के आधार पर राशिद हकीम, सगीर अख्तर उर्फ सिपाही, महफूज, इबादत उर्फ सानू , अख्तर, चांद बेगम पत्नी इश्ताक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जमील अख्तर, सगीर अख्तर को जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
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