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45 लाख हड़पने वाला जालसाज गिरफ्तार
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:29 PM IST
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45 लाख हड़पने वाला जालसाज गिरफ्तार
एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर लोगों को बनाता था शिकार
शहर के एक व्यक्ति को बेटे का एडमीशन कराने का दिया था झांसा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। एमबीबीएस में एडमीशन कराने के नाम पर 45 लाख रूपये की ठगी करने वाले जालसाज को चौक कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका साथी भाग गया। पकड़े गए जालसाज के पास से पुलिस ने 15 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
शहर के मोहल्ला खलील शर्की निवासी बुद्धिप्रकाश सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उन्हें इंटरनेट के माध्यम से यह जानकारी हुई कि सुनील राजेंद्र खापरे निवासी बार्ड नंबर तीन प्रभाग क्रमांक 11 राजीव गांधी रोड पोस्ट सेलु जिला बर्धा प्रांत महाराष्ट्र एमबीबीएस में दाखिला कराने की एजेंसी चलाता है। उन्होंने अपने बेटे शिवा का एमबीबीएस में दाखिला कराने के लिए सुनील के मोबाइल पर इस संबंध में वार्ता की। बातचीत के दौरान सुनील ने महाराष्ट्र सरकार के कोटे से एडमीशन कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुनील ने पंकज विकास मांडी चेयरमैन स्वामी विवेकानंद कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट शिवरत्न कांपलेक्स मजला कार्नर सांगली महाराष्ट्र से वार्ता कराई और मंत्री कोटे से एडमीशन कराए जाने की बात कही। दोनों ने वर्ष 2016 में कुल 33 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से और 12 लाख रुपये नगद एडमीशन फीस व डोनेशन के नाम पर ले लिया। जब छह माह बाद भी प्रवेश नहीं मिला, तब उन्हें शक हुआ। इसके बाद दोनों ने मोबाइल कॉल रिसीव करनी बंद कर दी। मामले में पुलिस ने सुनील राजेंद्र खापरे और पंकज विकास मांडी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ की। मामले की जांच कर रहे एसआई जयपाल सिंह ने सर्विलांस के जरिये एक आरोपी सुनील राजेंद्र खापरे प्रांत महाराष्ट्र के जनपद ठाणे के थाना व कस्बा कलवा से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फर्जी बेवसाइट बनाकर ठगी का कार्य करता है। वह दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, यूपी के लोगों से भी लगभग एक करोड़ से भी ज्यादा रुपये ठग चुका है। इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी ने बताया कि आरोपी सुनील को ठाणे की अदालत से ट्रांजिक्ट रिमांड पर लाया गया था। आरोपी का चालान कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। दूसरे आरोपी पंकज विकास मांडी की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। सुनील के कब्जे से 15 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
सुनील पर चार प्रांतों में मुकदमें दर्ज हैं। यहां पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अन्य प्रांतों की पुलिस ने कोतवाली पुलिस से संपर्क साधना प्रारंभ कर दिया है।
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एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर लोगों को बनाता था शिकार
शहर के एक व्यक्ति को बेटे का एडमीशन कराने का दिया था झांसा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। एमबीबीएस में एडमीशन कराने के नाम पर 45 लाख रूपये की ठगी करने वाले जालसाज को चौक कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका साथी भाग गया। पकड़े गए जालसाज के पास से पुलिस ने 15 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
शहर के मोहल्ला खलील शर्की निवासी बुद्धिप्रकाश सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उन्हें इंटरनेट के माध्यम से यह जानकारी हुई कि सुनील राजेंद्र खापरे निवासी बार्ड नंबर तीन प्रभाग क्रमांक 11 राजीव गांधी रोड पोस्ट सेलु जिला बर्धा प्रांत महाराष्ट्र एमबीबीएस में दाखिला कराने की एजेंसी चलाता है। उन्होंने अपने बेटे शिवा का एमबीबीएस में दाखिला कराने के लिए सुनील के मोबाइल पर इस संबंध में वार्ता की। बातचीत के दौरान सुनील ने महाराष्ट्र सरकार के कोटे से एडमीशन कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुनील ने पंकज विकास मांडी चेयरमैन स्वामी विवेकानंद कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट शिवरत्न कांपलेक्स मजला कार्नर सांगली महाराष्ट्र से वार्ता कराई और मंत्री कोटे से एडमीशन कराए जाने की बात कही। दोनों ने वर्ष 2016 में कुल 33 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से और 12 लाख रुपये नगद एडमीशन फीस व डोनेशन के नाम पर ले लिया। जब छह माह बाद भी प्रवेश नहीं मिला, तब उन्हें शक हुआ। इसके बाद दोनों ने मोबाइल कॉल रिसीव करनी बंद कर दी। मामले में पुलिस ने सुनील राजेंद्र खापरे और पंकज विकास मांडी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ की। मामले की जांच कर रहे एसआई जयपाल सिंह ने सर्विलांस के जरिये एक आरोपी सुनील राजेंद्र खापरे प्रांत महाराष्ट्र के जनपद ठाणे के थाना व कस्बा कलवा से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फर्जी बेवसाइट बनाकर ठगी का कार्य करता है। वह दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, यूपी के लोगों से भी लगभग एक करोड़ से भी ज्यादा रुपये ठग चुका है। इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी ने बताया कि आरोपी सुनील को ठाणे की अदालत से ट्रांजिक्ट रिमांड पर लाया गया था। आरोपी का चालान कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। दूसरे आरोपी पंकज विकास मांडी की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। सुनील के कब्जे से 15 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
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सुनील पर चार प्रांतों में मुकदमें दर्ज हैं। यहां पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अन्य प्रांतों की पुलिस ने कोतवाली पुलिस से संपर्क साधना प्रारंभ कर दिया है।
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