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नहीं पता चला फरहान की मौत का कारण
Updated Sat, 04 Nov 2017 06:22 PM IST
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शाहजहांपुर। तिलहर के 12 वर्षीय फरहान के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराए जाने पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसलिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला मुरादाबाद भेजा जाएगा। फरहान की मौत उसी दिन हो गई थी, जिस दिन वह लापता हो गया था। इस बात की पुष्टि भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है।
तिलहर के मोहल्ला हिंदू पट्टी निवासी निवासी शाहिद का 12 वर्षीय बेटा फरहान 30 अक्तूबर को सुबह करीब 9 बजे मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया था। पांचवें दिन शुक्रवार शाम करीब तीन बजे मोहल्ला दोदराजपुर के पास सुरेंद्र सिंह के गन्ने के खेत में उसका सड़ा-गला शव पड़ा मिला था। हत्या की आशंका में पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर फिंगर प्रिंट लेकर घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और खोजी कुतिया लूसी को भी बुलाकर हत्यारों की सुरागरसी की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। शव की स्थिति देखकर हर कोई अंदाजा लगा रहा था कि उसकी हत्या करने के बाद शव यहां गन्ने के खेत में फेंका गया है। हालांकि परिजनों ने रंजिश से इंकार किया है। फरहान के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत की पुष्टि नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रख लिया गया। विसरा जांच के लिए मुरादाबाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इधर, शव मिलने के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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तिलहर के मोहल्ला हिंदू पट्टी निवासी निवासी शाहिद का 12 वर्षीय बेटा फरहान 30 अक्तूबर को सुबह करीब 9 बजे मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया था। पांचवें दिन शुक्रवार शाम करीब तीन बजे मोहल्ला दोदराजपुर के पास सुरेंद्र सिंह के गन्ने के खेत में उसका सड़ा-गला शव पड़ा मिला था। हत्या की आशंका में पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर फिंगर प्रिंट लेकर घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और खोजी कुतिया लूसी को भी बुलाकर हत्यारों की सुरागरसी की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। शव की स्थिति देखकर हर कोई अंदाजा लगा रहा था कि उसकी हत्या करने के बाद शव यहां गन्ने के खेत में फेंका गया है। हालांकि परिजनों ने रंजिश से इंकार किया है। फरहान के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत की पुष्टि नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रख लिया गया। विसरा जांच के लिए मुरादाबाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इधर, शव मिलने के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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