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दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद
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शाहजहांपुर। मदनापुर क्षेत्र के एक गांव में घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म के आरोपी श्यामवीर ठाकुर को स्पेशल जज (एससी-एसटी) सुधीर कुमार ने उम्रकैद की सजा की सुनाई है। सजा के साथ 60500 का अर्थदंड भी लगाया है जिसमें 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
मदनापुर क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति का व्यक्ति 21 मई 2000 को गढ़िया रंगीन जरूरी काम से गया था। घर में उसकी पत्नी व बच्चे थे। शाम करीब छह बजे श्यामवीर ठाकुर उसके घर में घुस गया और उसकी पत्नी को पकड़ लिया, जब उसने विरोध किया तो उसे पीटते हुए अंदर कोठरी में खींच ले गया, जहां पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। पत्नी के शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए जिनको देखकर वह भाग गया। पति के लौटने पर उसने पूरी घटना बताई। पति पत्नी को लेकर थाने पहुंचा और तहरीर दी। पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने 23 मई 2000 को रिपोर्ट दर्ज कर जांच के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी आरएल यादव के तर्कों को सुनने के बाद स्पेशल जज ने आरोपी श्यामवीर को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और 60,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं जज ने इस मामले में अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि बलात्कार न केवल महिला के शरीर के खिलाफ अपराध है बल्कि संपूर्ण समाज के खिलाफ अपराध है। अर्थदंड में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के भी आदेश दिए।
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मदनापुर क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति का व्यक्ति 21 मई 2000 को गढ़िया रंगीन जरूरी काम से गया था। घर में उसकी पत्नी व बच्चे थे। शाम करीब छह बजे श्यामवीर ठाकुर उसके घर में घुस गया और उसकी पत्नी को पकड़ लिया, जब उसने विरोध किया तो उसे पीटते हुए अंदर कोठरी में खींच ले गया, जहां पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। पत्नी के शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए जिनको देखकर वह भाग गया। पति के लौटने पर उसने पूरी घटना बताई। पति पत्नी को लेकर थाने पहुंचा और तहरीर दी। पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने 23 मई 2000 को रिपोर्ट दर्ज कर जांच के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी आरएल यादव के तर्कों को सुनने के बाद स्पेशल जज ने आरोपी श्यामवीर को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और 60,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं जज ने इस मामले में अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि बलात्कार न केवल महिला के शरीर के खिलाफ अपराध है बल्कि संपूर्ण समाज के खिलाफ अपराध है। अर्थदंड में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के भी आदेश दिए।
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