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सजायाफ्ता का था आर्मी फायरिंग रेंज में मिला अधजला शव

Sun, 31 Mar 2019 11:03 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 31 Mar 2019 11:03 PM IST
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सजायाफ्ता का था आर्मी फायरिंग रेंज में मिला अधजला शव
शाहजहांपुर। पुवायां रोड स्थित आर्मी फायरिंग रेंज में मिले अधजले शव की शिनाख्त तिलहर के गांव पुरायां निवासी 40 वर्षीय विजय सिंह उर्फ बाबा के रूप में हुई है। विजय सिंह के भाई राजकुमार ने रविवार को सदर बाजार कोतवाली पहुंच कर कपड़ों और जूतों के जरिए शिनाख्त की। मामले में गांव के प्रधान, उसके बेटे और कोटेदार समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विजय सिंह हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता था। करीब ढाई महीने पहले ही वह पैरोल पर जेल से छूटा था।
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सदर कोतवाली की कैंट चौकी स्थित आर्मी फायरिंग रेंज में बुधवार सुबह युवक का अधजला शव मिला था। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को पेड़ के सूखे पत्तों से जलाने की कोशिश की गई थी। शव के पास ही ब्रांडेड कंपनी के जूते, पैंट, टी-शर्ट मिले थे। बकौल राजकुमार उसका भाई विजय सिंह 26 मार्च की सुबह घर से दवा लेने के लिए निकला था। इसके बाद नहीं लौटा। दोपहर के वक्त उसके भतीजे गौरव और सोनू सिंह ने विजय को बरेली मोड़ पर गांव के कोटेदार सत्यपाल और नन्हे उर्फ नन्नके के साथ बाइक पर देखा था। वह लोग विजय की तलाश कर रहे थे। 30 मार्च को गौरव और सोनू ने नन्हे के घर जाकर विजय के बारे में पूछा। इस पर नन्हे ने जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इससे पहले वह 28 मार्च के अखबारों में अधजला शव मिलने की खबर पढ़ चुका था। शक के आधार पर सदर कोतवाली पहुंचा तो पता लगा कि शव के पास मिले जूते, पैंट, टी-शर्ट, अंगूठी, हाथ से मिला कड़ा विजय का है। राजकुमार का आरोप है कि प्रधान श्रीराम ने अपने बेटे चंद्रपाल के साथ षडयंत्र रचकर कोटेदार सत्यपाल और नन्हे के साथ मिलकर विजय की हत्या की है। राजकुमार की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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यह था पूरा मामला
वर्ष 2002 में प्रधानी के चुनाव की रंजिश में प्रधानपति लक्ष्मण सिंह की हत्या कर दी गई थी। हत्या के इस मामले में विजय सिंह उर्फ बाबा, ओमकार, धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ नामजद किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 2012 में लक्ष्मण सिंह की हत्या के मामले में विजय और राजकुमार को उम्र कैद की सजा सुनाई, जबकि ओमकार और धर्मेंद्र को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। राजकुमार और विजय सिंह ने हाईकोर्ट में पैरोल की अर्जी दी थी। करीब ढाई महीने पहले ही विजय सिंह उर्फ बाबा को भी पैरोल पर रिहाई मिली थी।
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मृतक के भाई ने कपड़ों और जूतों के जरिए से उसकी शिनाख्त विजय सिंह के रूप में की है। विजय सिंह हत्या के मामले में सजायाफ्ता था। करीब ढाई महीने पहले ही पैरोल पर छूट कर जेल से बाहर आया था। मृतक के भाई की तहरीर पर प्रधान, उसके बेटे और कोटेदार समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
महेंद्रपाल सिंह, सीओ सिटी
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